पत्रकार निडर तथा निष्पक्ष होकर प्रश्न पूछें और आलोचना भी करें

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने किया पत्रकारिता विश्वविद्यालय के नए सत्र का शुभारंभ
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने पत्रकारों से कहा है कि निष्पक्षता के साथ निडर होकर सरकार से प्रश्न पूछें और आलोचना भी करें। नाथ आज माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के “उत्कृष्टता की ओर सत्रारंभ 2019” का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने पत्रकारिता के विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने पेशे का सम्मान करें और इसकी शपथ भी लें।(MCU)(kamal nath)(todayindia)(latest news)(breaking news)(national news)(bollywood news)(cricket news)(sports news)(political news)

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी है कि पत्रकारिता प्रलोभन और दबाव से दूर रहकर भारत के संविधान को आत्मसात करे, जो हमें विचारों की अभिव्यक्ति का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि मुझे बहुत सुविधा होती है, जब मैं अपनी सरकार की योजना और व्यवस्था की आलोचना अखबारों में पढ़ता हूँ। मैं उस पर एक्शन लेता हूँ। इससे मुझे अपनी सरकार की कमियों को दूर करने में सहायता मिलती है।

मुख्यमंत्री ने पत्रकारिता का अध्ययन कर रहे नवागत छात्र-छात्राओं से कहा‍ कि वे एक ऐसे पेशे से जुड़े हैं, जो लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। इसलिए निष्पक्ष होकर काम करें क्योंकि निर्भीक और निष्पक्ष लेखन प्रजातंत्र को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकार और समाचार-पत्र सरकार के प्रकाशन नहीं हैं। आपको आलोचना करने का अधिकार है और यह आपका कर्त्तव्य भी है।

श्री कमल नाथ ने विद्यार्थियों से कहा कि शिक्षा और ज्ञान के मूल अंतर को समझें। शिक्षा प्राप्त करने की सीमा है लेकिन ज्ञान जीवन पर्यन्त अर्जित करते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों से कहा कि वे अपनी शिक्षा पद्धति को आज के समय की पीढ़ी से जोड़ें। विश्व और देश में जो परिवर्तन हो रहे हैं, उसके अनुसार हमारी शिक्षा हो, तभी हम अपनी भावी पीढ़ी को बेहतर भविष्य दे पाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि भारतीय संविधान पूरे विश्व में अनूठा है। कई देशों ने हमारे संविधान के निर्माता डॉ. अंबेडकर की सहायता से अपने देश का संविधान बनाया है। हमारा संविधान ऐसा है, जो अनेकता में एकता का संदेश देता है। यही विशेषता पूरी दुनिया में भारत की पहचान है। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति जोड़ने की है। जो देश बाँटने पर विश्वास करते हैं, वे कभी पनप नहीं पाते।

सातवाँ वेतनमान मिलेगा

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों को सातवाँ वेतनमान, विश्वविद्यालय के अध्ययन संस्थान में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति-जनजाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और कर्मचारियों के बीमा में विश्वविद्यालय द्वारा अंशदान देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को उत्कृष्ट बनाने का जो संकल्प लिया है, उसमें सरकार पूरा सहयोग देगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि पत्रकारिता विश्वविद्यालय से निकलने वाला हर विद्यार्थी स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकार बनकर अपने विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को स्थापित करेगा।

मुख्यमंत्री ने नए सत्र के सिलेबस का विमोचन किया। मुख्यमंत्री को शाल-श्रीफल और स्मृति-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा स्वागत पुस्तक भेंट की गई।

विश्वविद्यालय के कुलपति दीपक तिवारी ने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की संकल्पना थी। उन्होंने 32 वर्ष पूर्व खंडवा में पंडित माखनलाल चतुर्वेदी की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में इसकी अभिव्यक्ति की थी। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय को संविधान की विचारधारा के अनुरूप उत्कृष्ट बनाने के मार्ग पर चल रहे हैं। कई नवाचार के साथ सोशल मीडिया में फेक न्यूज का जो चलन बढ़ रहा है, उससे पत्रकारिता के विद्यार्थियों को सजग-सतर्क करने के लिए अलग से प्रोपेगेंडा विभाग स्थापित किया जा रहा है। यह विभाग उन्हें सोशल मीडिया की अज्ञानता और फेक न्यूज से सजग और सतर्क रहने के लिए शिक्षित करेगा। (todayindia)(latest news)(breaking news)(national news)(bollywood news)(cricket news)(sports news)(political news)



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