नोटबंदी ने कालेधन धारको में खौफ पैदा किया नंबर दो के कामों पर लगा विराम: डॉ. विजयवर्गीय

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14/09/2017
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि नोटबंदी को लेकर उठाए जा रहे सवाल निरर्थक है। बंद हो चुके नोट बैंको में जमा हो चुके है। अब बैंकों के पास जमाकर्ताओं का लेखा है जो हमेशा राडार पर होगा। कालाधन (प्रतिबंधित नोट) जमा करने वालों का पता जमा के आकंलन से हो रहा है जिससे टैक्स का बेस बढ़ने के साथ टैक्स वसूली हो रही है। जिनसे कालाधन जमा किया है उनमें खौफ पैदा हुआ है। यही नोटबंदी फैसले का उद्देश्य था जो पूरा हुआ है।
उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के फलस्वरूप जमा नोटों की जानकारी सार्वजनिक कर दी है। प्रतिबंधित नोट 99 प्रतिशत जमा हो चुके है। इन नोटों का मूल्य 15.28 लाख करोड़ रूपए है। इस जमा राशि में जो कालाधन की राशि है उसके अलावा जो भी राशि रही है उसके नष्ट होने अथवा निर्धारित दंड भुगतने, टैक्स चुकाने के अलावा धारक के पास कोई विकल्प नहीं होगा। सरकार कालाधन नोट के रूप में जमा करने में सफल हुई है। रही बात बैंक में जमा राशि की यह बैंक की संपत्ति हो चुकी है।
डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि जिस कालेधन के बलबूते पर कालेधन की समानान्तर व्यवस्था चलती थी अब उस पर तगड़ी लगाम लग चुकी है। सरकार ने बैंक खातों को आधार कार्ड और पेनकार्ड से जोड़कर ऐसा तंत्र विकसित कर रही है, जिससे बैंकिंग प्रणाली में हेरफेर नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के एकाधिक लक्ष्य थे इसमें से अधिकांश लक्ष्य पूर्ण हो चुके है। शेष लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में चरण बढ़ रहे है। नोटबंदी की विफलता की बातें भ्रामक प्रचार आधारित है। इनका वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है।

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