• Sat. Mar 7th, 2026

नये सत्र में और सुदृढ़ करें स्कूली शिक्षा व्यवस्था – मंत्री, उदय प्रताप सिंह

नये सत्र में और सुदृढ़ करें स्कूली शिक्षा व्यवस्था – मंत्री, उदय प्रताप सिंह
udaypratapsinghभोपाल : शुक्रवार, जनवरी 2, 2026

स्कूली शिक्षा, व्यक्ति, समाज और देश के भविष्य को तैयार करती है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि, हम बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान कर बेहतर भविष्य प्रदान करें। स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने मंत्रालय के सभा भवन में स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर कक्षा-एक में नामांकन प्रगति और नि:शुल्क पाठयपुस्तक, साइकिल, स्कूटी और लेपटॉप वितरण तथा विभिन्न हितग्राही राशियों के अंतरण जैसी योजनाओं के समयबध्द क्रियान्वयन पर प्रसन्नता व्यक्त की।

प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा विगत 31 दिसम्बर 2025 को आयोजित राज्यों के मुख्य सचिव सम्मेलन में स्कूली शिक्षा से संबंधित प्रमुख बिंदुओं की जानकारी सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल ने बैठक में दी।

स्कूली शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अपेक्षाओं और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार स्कूली शिक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने भविष्य की योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए समयबध्दता के साथ क्रियान्वयन के निर्देश दिये। उन्होंने विभिन्न क्रय प्रक्रियाओं को नियमानुसार सरल बनाते हुए गुणवत्ता और समयसीमा में कार्य संपादित करने के निर्देश भी दिये।

विद्यार्थियों को मातृ भाषा में प्राथमिक शिक्षण और अन्य वैश्विक भाषाओं का भी ज्ञान

मंत्री श्री सिंह ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुक्रम में प्रदेश में अब तक हुए कार्यो पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि, बाल्यावस्था में सहज और रूचिकर शिक्षा के लिए मातृ भाषा में शिक्षण जितना आवश्यक है, वैश्विक समाज में प्रतिस्पर्धा और स्थापन के लिए अन्य वैश्विक भाषाओं का ज्ञान भी उतना ही आवश्क है। इस दिशा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दिशा निर्देशों के अनुरूप प्राथमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएं।

शत प्रतिशत विद्यालयों में विद्युत कनेक्शन

विभाग द्वारा प्रदेश के समस्त शाला भवनों में विद्युत कनेक्शन करने के लिये आवश्यक राशि विद्युत वितरण कंम्पनियों को उपलब्ध कराई जा चुकी है। मंत्री श्री सिंह ने माह फरवरी 2026 तक समस्त शाला भवनों में विद्युत कनेक्शन सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किये। इस कार्य की साप्ताहिक समीक्षा भी करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया।

निजी विद्यालयों को भी कम कीमत पर गुणवत्तायुक्त पाठ्य पुस्तकें

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने आगामी सत्र के पूर्व ही समस्त पाठ्य पुस्तकें मुद्रित कराने के निर्देश प्रदान किए। उन्होंने एमपी बोर्ड पाठ्यक्रम संचालित करने वाले निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी कम कीमत पर उक्त पाठ्य पुस्तकें उपलब्घ कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों के साथ बैठकें कर उनकी आवश्यकता का आंकलन किया जाए। आवश्यकता अनुसार निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिये भी गुणवत्तायुक्त पाठ्य पुस्तकों की कम कीमत पर उपलब्धता सुनिश्चित करें। विभाग की इस सुविधा का विद्यार्थियों और अभिभावकों के मध्य व्यापक प्रचार प्रसार भी किया जाये।

एआई और आईटी की व्यवसायिक शिक्षा

माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को कोडिंग का प्रशिक्षण

विभागीय प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मंत्री श्री सिंह ने प्रदेश के लगभग 3 हजार 300 हाई और हायर सैकण्डरी विद्यालयों में कक्षा 9वीं से व्यवसायिक शिक्षा अंतर्गत एआई एवं आईटी विषयों पर आधारित कोर्स के संचालन तथा कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिये कोडिंग के प्रशिक्षण का सुचारू संचालन के निर्देश दिये।

कायाकल्प अभियान अंतर्गत विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कायाकल्प अभियान अंतर्गत विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की उपलब्घता सुनिश्चित करते हुए प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा करने के दिशा-निर्देश दिए। शाला परिसरों की बाउड्रीवॉल के प्रस्ताव आगामी वार्षिक कार्य योजना में भेजने और भारत सरकार से इसके लिये आग्रह करने को भी कहा। उन्होने यथाशीघ्र पूर्ण रूपेण क्रियाशील बालिका शौचालयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी प्रदान किए। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि, शालाओं के उचित रख-रखाव के लिये नियत आकस्मिक निधि की राशि में बढौतरी के लिये आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बजट प्रावधान भी किया जाये।

शालेय स्तर से उत्कृष्ठ खिलाडियों कर पहचान कर सुविधाएं प्रदान की जाएं

मंत्री श्री सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि, बच्चों की प्रतिभा अनुसार खेलों ओर प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएं। प्रधानमंत्री की मंशानुसार हमें वर्ष 2036 के ओलपिंक खेलों को ध्यान में रख खिलाडी और खेल सुविधाएं तैयार करने पर जोर देना है। उन्होंने विभागीय पोर्टल पर विद्यार्थियों की खेल अभिरूचियों और प्रतिभा का अंकन दर्ज करने के निर्देश दिए, जिससे एक डाटा उपलब्ध हो सके। इस डेटा को खेल विभाग के साथ साझा कर विद्यार्थियों को उचित अवसर एवं प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने और स्कूलों में उक्तानुसार खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने को भी कहा।

अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि इस वर्ष लगभग 60 हजार विद्याथिर्यों ने ओपन स्कूल बोर्ड से परीक्षाएं दी हैं। जो विद्यार्थी माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में फेल हो जाते हैं, उन्हें ओपन स्कूल की परीक्षा में सिर्फ फेल वाले विषयों में बैठकर उत्तीण होने के लिये प्रोत्साहित किया जाए।

संपूर्ण साक्षरता के लिए संचालित नवभारत साक्षरता कार्यक्रम उल्लास के अंतर्गत अब तक लक्ष्य से अधिक उपलब्धि के लिये विभागीय प्रयासों की प्रशंसा करते हुए मंत्री श्री सिंह ने वर्ष 2028 के पूर्व शत प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति के प्रयास करने को कहा। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए स्कूलों में व्यक्तित्व विकास की कक्षाओं के समय परक संचालन के लिये भी श्री सिंह ने निर्देश दिए।

विभाग में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों को पूर्ण संवेदनशीलता के साथ समयबध्द रूप से पूर्ण करने तथा माह अप्रैल में ही शिक्षकों के नीतिगत स्थानातरंण करने के लिये कहा।

बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, संचालक राज्य शिक्षा केंद्र श्री हरजिंदर सिंह, प्रबंध संचालक पाठ्य पुस्तक निगम श्री विनय निगम सहित अन्य वरिष्ठ विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।
=============================================================================================================
नये सत्र में और सुदृढ़ करें स्कूली शिक्षा व्यवस्था – मंत्री, उदय प्रताप सिंह
udaypratapsingh

 

aum

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *