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पाठ्यक्रम में शामिल होंगे संत रविदास लाखों की भीड़ के महाकुंभ में मुख्यमंत्री ने बतायी अनुसूचित जाति के कल्याण की योजनाएं

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सागर। संत रविदास महाराज किसी जाति विशेष के संत न होकर सर्व समाज के संत शिरोमणि थे। उन्होंने समाज को नई दिशा देने का काम किया। भाजपा सरकार का सौभाग्य है कि हमें संत शिरोमणि के महाकुंभ आयोजन करने का सुअवसर मिला है। संत रविदास का जीवन चरित्र इतना पावन है कि उसे आत्मसात कर जीवन को धन्य किया जा सकता है। संत रविदास के विचार जन जन तक पहंुचे और भावी पीढ़ी संत रविदास के जीवन से प्रेरणा लें इसके लिए मध्यप्रदेश के स्कूलों की पाठ्य पुस्तकों में संत रविदास का पाठ पढाया जायेगा। यह बात मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने आज सागर में आयोजित संत रविदास महाकुंभ में कही। महाकुंभ में लगभग डेढ़ लाख की विशाल संख्या में लोगों ने भाग लिया। महाकुंभ को सामान्य प्रशासन राज्यमंत्री श्री लालसिंह आर्य और कार्यक्रम के संयोजक एवं विधायक श्री प्रदीप लारिया ने संबोधित किया। इस अवसर वरिष्ठ मंत्री श्री गौरीशंकर शेजवार, श्री भूपेन्द्र सिंह, श्री गोपाल भार्गव, वरिष्ठ नेता व सांसद डॉ. सत्यनारायण जटिया, सांसद श्री वीरेन्द्र कुमार, श्री लक्ष्मीनारायण यादव, श्री हरिशंकर खटीक, श्री सूरज कैरो, श्री राजा दुबे, श्री हरवंश सिंह राठौर, श्री शैलेन्द्र जैन, श्रीमती पारूल साहू, श्री महेश राय, श्री नारायण कबीरपंथी, श्री शैलेष केसरवानी, श्री सुशील तिवारी, श्री सुखदेव मिश्रा, श्री लक्ष्मण मिश्रा, श्री जाहर सिंह, श्रीमती पुष्पा शिल्पी, श्री वैभव कुकरेले, श्री अनुराग प्यासी सहित अन्य नेता मंच पर उपस्थित थे।
श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि संत रविदास ने हमेशा समाज के पिछड़ो की सेवा और उनके उत्थान के लिए काम किया। उनकी मंशा के अनुरूप ही समाज में जो सबसे नीचे हैं जो सबसे पीछे हैं उन्हें आगे बढ़ाने का काम भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर रही है। हमारा संकल्प है कि मध्यप्रदेश आगे बढ़े और समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति आगे आए। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने महू में सामाजिक चेतना के प्रवर्तक डॉ. अंबेडकर की स्मृति में हमेशा महाकुंभ का आयोजन करती है। इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए सागर में भी संत रविदास की स्मृति में यह महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत इस बजट में 16381.40 करोड़ का प्रावधान किया है। जो कि अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए खर्च किया जायेगा। आने वाले दिनों में यह राशि 50 हजार करोड़ तक पहुंचेगी। उन्होंने कहा कि जो गरीब कई वर्षों से जिस जमीन पर अपना घर बनाकर रह रहा है उसे उसका मालिकाना हक दिया जायेगा। इतना ही नहीं इसके लिए विधानसभा के इस सत्र में कानून लेकर आयेंगे और मकान भी बनाकर देंगे। अगले 2 वर्षों में ही शहरों में 5 लाख और गांव में 10 लाख मकान बनाने का संकल्प सरकार ने लिया है। उन्होंने अनुसूचित जाति के बच्चों की उच्च शिक्षा भारत के उत्कृष्ट संस्थानों से लेकर विदेश तक कराने की अपनी जिम्मेदारी को जनता के सामने रखा। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जातियों के लिए चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि समाज के वंचितों की मदद करना और उनकी बुनियादी जरूरतें पूरा करना हमारा धर्म है। भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हमेशा अनुसूचित जाति के उत्थान के उल्लेखनीय कार्य किया है और आगे भी यह प्रयास जारी रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनता से दो अपील की कि पहला वह बेटा और बेटियों में भेद न करें, सबको पढ़ाए। साथ ही उन्होंने कहा कि नर्मदा के दोनों तटों पर शराब की दुकानें बंद होगी। उन्होंने नशाखोरी के खिलाफ संकल्प भी दिलवाया और कहा कि संत रविदास के आदर्शो पर चलकर हम अपने जीवन को धन्य करें। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों का मुख्यमंत्री ने सम्मान किया। साथ ही उपस्थित संत जनों का आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को 50 गांवों के पानी से भरा एक कलाश भेंट किया गया। यह कलश मुख्यमंत्री द्वारा कड़ावली जल परियोजना की स्वीकृति को अंतिम रूप तक पहुंचाने के लिए बधाई के रूप में दिया गया। इस परियोजना से लगभग 50 गांवों की कृषि को सिंचित किया जायेगा।

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