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प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि ब्रिक्स में ग्‍लोबल साऊथ के देशों का विश्वास बढ़ा

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि ब्रिक्स में ग्‍लोबल साऊथ के देशों का विश्वास बढ़ा
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नई दिल्ली के भारत मंडपम में आज ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के खुले सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि महामारियों, जलवायु आपदाओं और आपूर्ति श्रृंखला में आने वाली बाधाओं ने यह दर्शा दिया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता। उन्होंने कहा कि इसीलिए ब्रिक्स देशों ने इस समूह के भीतर लचीलापन और संकटों से निपटने की क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है।

‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ विषय पर आयोजित सत्र में प्रधानमंत्री ने चुनौतियों की समय पर पहचान करने, उनके लिए पहले से तैयारी करने और तुरंत कदम उठाने पर बल दिया। उन्होंने बताया कि संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए ‘ब्रिक्स एकीकृत पूर्व चेतावनी प्रणाली’ (BRICS Integrated Early Warning System) पर आम सहमति बन गई है। श्री मोदी ने कहा कि आपदा प्रबंधन के लिए भी ‘पूर्व चेतावनी डेटा एकीकरण दिशानिर्देश’ तैयार कर लिए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगाह किया है कि प्रौद्योगिकी और महत्वपूर्ण खनिजों यानी क्रिटिकल मिनरल्स का हथियार की तरह प्रयोग प्रगति के मार्ग में एक बड़ी बाधा बन सकता है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों ने नई तकनीकों को अपनाने में समावेशिता यानी सबको साथ लेकर चलने पर विशेष जोर दिया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि छोटे उद्यमों को ज्ञान, वित्त और नए बाजारों से जोड़ने के लिए ‘ब्रिक्स-एमएसएमई सहयोग पोर्टल’ स्थापित करने की पहल का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा, शहरों के बीच बेहतर तौर-तरीकों को साझा करने की सुविधा के लिए ‘ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब’ का गठन किया गया है। श्री मोदी ने बताया कि स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण के लिए ‘ब्रिक्स डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना की गई है, जो स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियों को अधिक विश्वसनीय, कुशल और सुलभ बनाने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि ब्रिक्स के भीतर विकसित समाधानों के लाभों को ग्लोबल साउथ की जरूरतों के अनुसार ढाला और उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि ‘ब्रिक्स लॉजिस्टिक सप्लाई चेन कोऑपरेशन फ्रेमवर्क’ आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक विश्वसनीय और लचीला बनाने में मदद करेगा। नवाचार के तहत, ‘ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क’ स्टार्टअप्स और इन्क्यूबेटर्स को आपस में जोड़ेगा। उन्होंने बताया कि भारत ने नए और बड़े पैमाने पर लागू होने वाले समाधानों को बढ़ावा देने के लिए ‘ब्रिक्स स्टार्टअप इनोवेशन फंड’ का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही, ‘ब्रिक्स नेटवर्क ऑन डिजिटल एग्रीकल्चर’ से किसानों के लिए नए अवसर पैदा होंगे, जिसके जरिए एआई (AI), भू-स्थानिक तकनीक और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर को किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुकूल बनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे और अंतिम दिन ब्रिक्स के सहयोगी देशों के नेताओं का स्वागत किया। इन नेताओं में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हुंग, सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान और संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतरश शामिल हैं। सामूहिक फोटो सत्र के बाद, सभी नेता इस समय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण: समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार’ विषय पर आधारित मुख्य सत्र में भाग ले रहे हैं।

ब्रिक्स के 10 सहयोगी देशों में बेलारूस, बोलिविया, कजाखस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। सत्र के समापन के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कजाखस्तान, फिलीपींस, मिस्र, दक्षिण अफ्रीका और बुरुंडी के राष्ट्रपतियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इसके अलावा, वह नाइजीरिया और युगांडा के उपराष्ट्रपतियों के साथ भी बैठकें करेंगे। यह शिखर सम्मेलन भारत की अध्यक्षता में आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण’ है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र के समापन के बाद, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से अलग मिस्र के राष्ट्रपति अबदुल फताह अस्सीसी के साथ बैठक की। श्री मोदी कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट तोकायेव, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस जूनियर, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा और बुरुंडी के राष्ट्रपति एवारिस्ट नदिशिमिये के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें करने वाले हैं। इसके अलावा, वे नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा और युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो के साथ भी बैठकें करेंगे।
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