पेपर लीक मामले पर विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित
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संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही नीट पेपर लीक मामले सहित कई मुद्दों पर विपक्ष के विरोध के बाद दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा में 3-3 बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सुबह 11 बजे प्रश्नकाल शुरू करने की कोशिश की तो विपक्षी सदस्यों ने नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया। श्री बिरला ने विपक्ष से सदन चलाने में सहयोग करने का आग्रह किया। लेकिन विपक्षी सदस्यों ने विरोध जारी रखा, जिसके कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
पहले स्थगन के बाद सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर भी विपक्षी सदस्यों ने विरोध जारी रखा। हंगामे के बीच सदन ने संसद की विभिन्न समितियों के चुनाव के लिए प्रस्तावों पर विचार किया। पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने सदस्यों से अपनी सीटों पर लौटने और सदन को सुचारू रूप से चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि शून्यकाल सदस्यों का होता है और पूरा देश सदन की कार्यवाही देख रहा है। उनकी अपील के बावजूद विपक्षी सदस्य तख्तियां लेकर सदन के बीचों-बीच आ गए और नीट तथा छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर नारेबाजी करते रहे। इसके चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर पीठासीन अधिकारी दिलीप सैकिया ने विरोध कर रहे सदस्यों से सदन के सुचारू कामकाज में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि नियम 377 के अंतर्गत संसद के कई सदस्य जनहित के मुद्दे उठाना चाहते हैं। श्री सैकिया ने सदन में बैनर और पोस्टर लाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि इससे संसद की गरिमा कम होती है।
पीठासीन अधिकारी ने कहा कि पिछले 2 दिनों से विपक्ष के कुछ सदस्य सदन के वेल में आ रहे हैं और कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं, यह उचित नहीं है। हंगामा रहने पर पीठासीन अधिकारी ने लोकसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
उधर, राज्यसभा में भी ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला। दूसरी बार कार्यवाही स्थगित होने के बाद दोपहर 2 बजे सदन की बैठक फिर शुरू होने पर उपसभापति हरिवंश ने सदन के कामकाज को आगे बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन विपक्ष के सदस्यों ने नारेबाजी की और अपना विरोध जारी रखा। उपसभापति ने कहा कि सदन में चर्चा करने के लिए नियम और प्रक्रियाएं तय हैं और सदस्यों से नियमों का पालन करने का आग्रह किया।
श्री हरिवंश ने सभी सदस्यों से सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। हंगामे के बीच, राज्यसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले राज्यसभा में सुबह 11 बजे कार्यवाही शुरू होने पर केंद्रीय मंत्रियों ने अपने-अपने मंत्रालयों से संबंधित दस्तावेज सदन के पटल पर रखे। सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को बोलने की अनुमति दी। श्री खड़गे ने नई दिल्ली में नीट के मुद्दे पर प्रदर्शनकारियों के विरोध-प्रदर्शन का मामला उठाया। लेकिन, विपक्ष और सत्ता पक्ष के हंगामे के कारण उच्च सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने विपक्षी सदस्यों से अपनी सीटों पर वापस जाने और सदन की कार्यवाही चलने देने की अपील की। लेकिन हंगामा जारी रहने पर सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
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