भारत केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक प्राचीन और जीवंत सभ्यता: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने नई दिल्ली में आयोजित 18वें बीएमएल मुंजल पुरस्कार समारोह में कहा कि भारत केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि एक प्राचीन और जीवंत सभ्यता है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की प्रगति का लाभ केवल देश को ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले 20 से 30 वर्षों में भारत विश्व की अग्रणी शक्ति और मानवता का मार्गदर्शक बन सकता है। उन्होंने युवाओं की राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका पर भी जोर दिया।
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