धारा 370 और जम्मू-कश्मीर पर विश्व के देशों में सही जानकारी से अवगत कराये प्रवासी भारतीय समुदाय: उपराष्ट्रपति

पश्चिमी मीडिया के एक वर्ग में व्याप्त भ्रामक प्रचार का कारगर जवाब दें प्रवासी भारतीय: उपराष्ट्रपति
प्रवासी भारतीय हमारे सच्चे सांस्कृतिक प्रतिनिधि – उपराष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति द्वारा प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित विभूतियों पर काफी टेबल बुक का लोकार्पण
उपराष्ट्रपति श्री एम वैंकेया नायडू ने आज प्रवासी भारतीय समुदाय से अपील की कि वे अपने प्रवास के देशों में जम्मू कश्मीर को लेकर सही जानकारी से अवगत करायेगा तथा पश्चिमी मीडिया के एक वर्ग द्वारा फैलाये जा रहे भ्रामक प्रचार के विरुद्ध कारगर जागरूकता अभियान चलायें। वो विश्व के देशों को बताएं कि धारा 370 को निरस्त करना, भारत का नितांत आंतरिक मसला है।

वे आज अपने निवास पर श्री रजत कपूर द्वारा रचित, प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित विभूतियों के जीवन, व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित संकलन ” ग्लोरियस डायस्पोरा: प्राइड ऑफ इंडिया” का लोकार्पण कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि पश्चिमी मीडिया में कूछ निहित स्वार्थों द्वारा अलग थलग, इक्का दुक्का घटनाओं को छोड़ मरोड़ कर नकारात्मक रूप से प्रचारित किया जा रहा है। प्रवासी भारतीय समुदाय इस भ्रामक प्रचार का कारगर जवाब दे सकते हैं और देश की धार्मिक सहिष्णुता और सामाजिक सौहार्द की छवि को सही सकारात्मक रूप से प्रचारित कर सकते हैं।

इस अवसर पर श्री नायडू ने कहा कि प्रवासी भारतीय समुदाय भारत की विकास यात्रा में, विशेष कर, शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि के क्षेत्र में बराबर का साझेदार बन सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि प्रवासी भारतीय समुदाय स्वच्छ भारत, नमामि गंगे, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, सर्किल इंडिया जैसे कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि सरकार सूचना प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान के क्षेत्र या इन्नोवेशन में निवेश के लिए या विकास के अन्य कार्यक्रमों में प्रवासी भारतीय समुदाय के सहयोग को प्रोत्साहित कर रही है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रवासी भारतीय हमारे देश के सच्चे सांस्कृतिक प्रतिनिधि हैं।

उन्होंने कहा कि आज की अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में प्रवासी समुदाय की महत्त्वपूर्ण भूमिका है। चीनी और यहूदी प्रवासी समुदाय की उपलब्धियों और प्रभाव की चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय प्रवासी समुदाय ने अपने अदम्य पुरुषार्थ और मेधा से, अपने प्रवास के देशों में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल की है। उन्होंने कहा कि आपकी सफलताओं में भारत गौरवान्वित होता है।

9 जनवरी 1915 को जिस दिन महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से वापस लौटे थे, उसी की स्मृति में 2003 से प्रतिवर्ष 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस आयोजित किया जाता है।
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