प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने लाल किले के प्राचीर पर राष्‍ट्रीय ध्‍वज फहराया और राष्‍ट्र को संबोधित किया।

राष्ट्र आज 73वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली में ऐतिहासिक लालकिले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया। सफेद कुरता-पैजामा और रंग-बिरंगी पगड़ी पहने प्रधानमंत्री का रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लालकिले पर स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने गाड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया।(news)(independence day)(primeminister independence day speech)(15 august)(primeminister narendra modi)(narendra modi)(todayindia)(today india)(india news online)(latest news)(breaking news)(latest news)

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार गठन के दस सप्ताह के भीतर ही सरकार ने लोगों की आकांक्षाएं पूरी करने का काम किया है। अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35-ए हटाकर सरदार वल्लभभाई पटेल के सपनों के साकार करने में अहम कदम उठाया गया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 70 वर्ष में जो कार्य नहीं किए जा सके, वह हमारी सरकार ने 70 दिन के भीतर पूरे किए। प्रधानमंत्री ने सवाल किया कि क्‍या कारण था – अनुच्‍छेद-370 और 35ए पिछले 70 वर्ष में वहीं का वहीं रहा। उन्‍होंने कहा कि पिछली सरकारों ने प्रयास किए, लेकिन इच्छित प्रयास नहीं किए गए। हमने नए सिरे से 130 करोड़ देशवासियों के आदेश के अनुसार काम किया। उन्‍होंने कहा कि हमारी जिम्‍मेदारी है कि हम लेह और जम्‍मू-कश्‍मीर के लोगों के सपनों को पूरा करें। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस विधेयक का दो तिहाई बहुमत से लोकसभा और राज्‍यसभा से प्रस्‍ताव पारित होना ये बताता है कि दिल में सभी के था, लेकिन सही दिशा में, सही प्रयास नहीं किए गए थे।

जो काम पिछले 70 साल में नहीं हुआ। नई सरकार बनने के बाद 70 दिन के भीतर-भीतर आर्टिकल 370 और 35ए को हटाने का काम भारत की दोनों सदनों ने राज्यसभा और लोकसभा ने दो तिहाई बहुमत से पारित कर दिया।

प्रधानमंत्री ने खरी-खरी सुनाते हुए सभी राजनीतिक दलों से कहा कि अनुच्‍छेद 370 और 35ए हटाने के लिए सभी ने प्रखर या मूक समर्थन दिया। श्री मोदी ने स्‍पष्‍ट कहा कि 370 की वकालत करने वालों से आज देश पूछ रहा है कि अगर 370 और 35ए इतना ही महत्‍वपूर्ण था, तो क्‍या कारण था कि 70 वर्ष तक सत्‍ता में रहने वाली सरकारों ने भारी बहुमत होने के बावजूद इसे स्‍थायी क्‍यों नहीं किया, अस्‍थायी क्‍यों रखा। राष्‍ट्र जवाब मांग रहा है।

प्रधानमंत्री ने आह्वान किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लोगों के सपनों को साकार करना हम सबकी ज़िम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 और 35-ए के कारण पिछले सत्तर साल में वहां उग्रवाद और आतंकवाद को बढ़ावा मिला, परिवारवाद पोषक हुआ और भ्रष्टाचार की नींव मज़बूत हुई। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश की समृद्धि के लिये प्रेरक बन सकते हैं।

हमने जम्‍मू-कश्‍मीर और रिऑर्गनाइजेशन की दिशा में भी आगे बढ़े। 70 साल हर किसी ने कुछ न कुछ नया सोचा, हर सरकारों ने कोई न कोई प्रयास किया लेकिन इच्छित परिणाम नहीं मिले और जब इच्छित परिणाम नहीं मिले तो नए सिरे से सोचने की नए सिरे से कदम बढ़ाने की आवश्‍यकता होती है और जम्‍मू-कश्‍मीर और लद्दाक के नागरिकों की आशा, आकांक्षा पूरी हो ये हम सबका दायित्‍व है उनके सपनों को नए पंख मिले ये हम सबकी जिम्‍मेवारी है और उसके लिए 130 करोड़ देशवासियों ने इस जिम्‍मेवारी को उठाना है और इस जिम्‍मेवारी को पूरा करने के लिए जो भी रुकावटें सामने आईं है उनको दूर करने का हमने प्रयास किया है।

प्रधानमंत्री ने देश में गरीबों और वंचितों का जिक्र करते हुए कहा कि गरीबों के लिए घर नहीं था, शौचालय नहीं, बैंक खाता नहीं, बिजली नहीं और कोई सुविधा नहीं, जिसे उनकी सरकार ने देखा और पिछले पांच वर्ष में कार्य किया।

क्या कारण है कि मेरे गरीब के पास शौचालय नहीं, घर में बिजली नहीं, रहने के लिए घर न हो, पानी की सुविधा न हो, बैंक में खाता न हो, कर्ज लेने के लिए साहूकारों के घर जा करके एक प्रकार से सब कुछ गिरवी रखना पड़ता हो। आईए गरीबों के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास को, उनके स्वाभिमान को ही आगे बढ़ाने के लिए, सामर्थ्य देने के लिए हम कुछ प्रयास करें।

पीने के पानी का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार बहुत जल्‍द जल-जीवन मिशन शुरू करेगी, जिसमें साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये से ज्‍़यादा धनराशि खर्च करने का संकल्‍प लिया गया है।

यह भी सच्चाई है कि आज हिंदुस्तान में करीब-करीब आधे घर ऐसे हैं जिन घरों में पीने का पानी उपलब्ध नहीं है। उनको पीने का पानी प्राप्त करने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। माताओं और बहनों को सर पर बोझ उठा करके मटके ले कर के दो-दो, तीन-तीन, पांच-पांच किलोमीटर पैदल जाना पड़

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने सौ लाख करोड़ रुपये आधुनिक बुनियादी ढांचे पर लगाने का फैसला लिया गया है। इससे रोज़गार को भी बल मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज़ादी के 70 साल में हम 2 ट्रिलियन की इकॉनमी तक पहुंचे, पांच साल में हमने इसमें एक ट्रिलियन और जोड़ा। उन्‍होंने कहा कि 130 करोड़ देशवासी अगर आज से एक साथ चल पड़ें, तो पांच ट्रिलियन इकॉनमी का मुश्किल काम, ज़रूर संभव होगा।

पाइव ट्रिलियन इकोनॉमी कइयों को लगता है वह गलत नहीं हो सकते। लेकिन अगर मुश्किल काम नहीं करेंगे तो देश आगे कैसे बढेगा। 70 साल की हमारी विकास यात्रा ने हमें दो ट्रिलियन इकोनॉमी में हमें पहुंचाया था, लेकिन 2014 से 2019 पांच साल के भीतर-भीतर हम लोग दो ट्रिलियन से तीन ट्रिलियन पहुंच गई। एक ट्रिलियन डॉलर हमने जोड़ दिया। आने वाले पांच साल में हम पाइव ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बन सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों और भारतीय सेनाओं के लिए बेहतर संसाधनों की आवश्‍यकता पर बल दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिकों ने अपने जीवन का बलिदान देकर हमारा जीवन रोशन किया है। उन्होंने कहा कि सेना के तीनों अंगों पर गर्व है, लेकिन अब बदलती दुनिया और बदलते युद्ध के दायरों के कारण देश की सेना को एक साथ एक ऊंचाई पर चलने और बेहतर तालमेल की ज़रूरत है। उन्होंने महत्वपूर्ण फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि अब चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ–सी.डी.एस. का नया पद बनाया जायेगा।

युद्ध के और सुरक्षा के माहौल के अनुरूप हो। इन बातों को ध्यान में रखते हुए आज मैं लालकिले से एक महत्वपर्ण निर्णय की घोषणा करना चाहता हूं। इस विषय के जो जानकार हैं वो बहुत लम्बे अरसे से इसकी मांग करते रहे हैं। आज हमने निर्णय किया है कि अब हम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ सी डी एस इसकी व्यवस्था करेंगे और इस पद के गठन के बाद तीनों सेनाओं के शीर्ष स्तर पर एक प्रभावी नेतृत्व मिलेगा। हिंदुस्तान के सामरिक दुनिया की गति में ये सी डी एस एक बहुत अहम और रिफॉर्म करने का जो सपना है, उसके लिए बल देने का काम है।

प्रधानमंत्री ने देश की आज़ादी के लिए जवानी और जीवन बलिदान करने वाले अमर और अज्ञात शहीदों का स्‍मरण करते हुए उन्‍हें नमन किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के अधिकार के लिये तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया गया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई इस्लामिक देशों ने इस कुप्रथा को पहले ही ख़त्म कर दिया था। हम किसी न किसी कारण से हिचकते रहे। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जब सती प्रथा को ख़त्म किया जा सकता है, भ्रूण हत्या के खिलाफ कानून बनाये जा सकते हैं, तो तीन तलाक के खिलाफ भी आवाज़ उठाने की ज़रूरत है।

अगर देश इसमें हम सतीप्रथा को खत्म कर सकते हैं, हम भ्रून हत्या को खत्म करने के कानून बना सकते हैं, अगर हम बाल विवाह के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं, हम दहेज में लेन-देन की प्रथा के खिलाफ कठोर कदम उठा सकते हैं तो क्यों न हम तीन तलाक के खिलाफ भी आवाज उठाएं।

किसानों का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के ज़रिये उनके खाते में 90 हज़ार करोड़ रुपये दिये गये।

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि हर तीन लोकसभा के बीच एक मेडिकल कॉलेज होगा। गांवों को पक्‍की सड़कों से जोड़ना तथा ऑप्टिकल फाइबर के नेटवर्क से जोड़ना जैसी अनेक योजनाएं हैं। हर मुद्दे का अपना महत्‍व है।

सम्‍बोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे लक्ष्‍य हिमालय जितने ऊंचे हैं, हमारे सपने असंख्‍य तारों से भी अधिक हैं। हमारा सामर्थ्‍य हिंद महासागर जितना अपार है, हमारे हौसलों की उड़ान आकाश से भी बड़ी है। हमारे प्रयास गंगा की निरंतर धारा की तरह पवित्र हैं। देश के लिए जीने वाले, जूझने वाले और मर मिटने वाले हर व्‍यक्ति को नमन करते हुए सम्‍बोधन का उन्होंने समापन किया और फिर स्‍कूली बच्‍चों के साथ तीन बार जय हिंद और वंदेमातरम का उद्घोष किया।

इससे पहले प्रधानमंत्री ने राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की समाधि राजघाट जाकर राष्‍ट्र की ओर से श्रद्धासमुन अर्पित किए।

सभी राज्‍यों की राजधानियों में भी स्‍वतंत्रता दिवस समरोह आयोजित किए जा रहे हैं। विदेशों से भी स्‍वतंत्रता दिवस समारोह मनाए जाने के समाचार मिल रहे हैं।(news)(independence day)(15 august)(primeminister independence day speech)(primeminister narendra modi)(narendra modi)(todayindia)(today india)(india news online)(latest news)(breaking news)(latest news)
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