भारत और यूएई स्थानीय मुद्रा में व्यापार के भुगतान की दिशा में कदम उठाने पर सहमत
bharat,UAE,localcurrencytradeभारत और यूएई स्थानीय मुद्रा में व्यापार के भुगतान की दिशा में कदम उठाने पर सहमत
भारत और संयुक्त अरब अमीरात स्थानीय मुद्रा में व्यापार के निपटान, भुगतान और संदेश प्रणालियों के एकीकरण और केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्राओं से संबंधित पहलों के समय पर कार्यान्वयन के लिए कदम उठाने पर सहमत हुए हैं।
दोनों पक्षों ने आज मुंबई में निवेश संबंधी भारत-यूएई उच्च स्तरीय संयुक्त कार्य बल की 14वीं बैठक के दौरान इस समझौते पर सहमति जताई। बैठक की सह-अध्यक्षता वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और अबू धाबी निवेश प्राधिकरण के प्रबंध निदेशक शेख हामिद बिन जायद अल नाहयान ने की। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस पहल से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को अधिक सुगम, सुलभ और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
दोनों देशों के बीच निवेश बढ़ाने के लिए ऊर्जा, उद्योग, लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचा, प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों की पहचान की गई है। भारत और यूएई के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए इस संयुक्त कार्यबल की स्थापना वर्ष 2013 में की गई थी।
भारत ने इस वर्ष वस्तुओं और सेवाओं के कुल निर्यात को पिछले वर्ष के 863 अरब डॉलर से बढ़ाकर एक ट्रिलियन डॉलर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। श्री गोयल ने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में वस्तुओं के निर्यात में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में श्री गोयल ने कहा कि भारत और यूएई के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते के बाद दोनों देशों का व्यापार करीब 100 अरब डॉलर हो गया है। उन्होंने कहा कि यूएई ने भारत में अब तक लगभग 25 अरब डॉलर का निवेश किया है।
श्री गोयल ने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, जहाज निर्माण, खाद्य सुरक्षा, कृषि नवाचार, लॉजिस्टिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा सुरक्षा और वित्तीय प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ रहा है।
खाद्य क्षेत्र में सहयोग बढ़ने से भारतीय किसानों को सुनिश्चित बाजार मिलेगा और खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग तथा निर्यात के क्षेत्र में युवाओं और सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। भारत से खाद्य और समुद्री उत्पादों का निर्यात पहले ही पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। उन्होंने एक जिला एक व्यंजन पहल की बढ़ती लोकप्रियता का भी उल्लेख किया।
श्री गोयल ने अंतरिक्ष क्षेत्र में भारतीय निजी कंपनियों की उपलब्धियों का उल्लेख किया। इनमें रॉकेट प्रक्षेपित करने वाली पहली निजी कंपनी, उपग्रह निर्माण और अंतरिक्ष में मलबा हटाने की तकनीक पर हो रहा काम शामिल है।
समुद्री क्षेत्र में आधुनिक बंदरगाह, जहाज निर्माण, जहाजों की मरम्मत और कंटेनर निर्माण सहित छह क्षेत्रों में सहयोग की पहचान की गई है। श्री गोयल ने कहा कि इसके लिए एक विशेष कार्य समूह बनाया जाएगा, जिसका नेतृत्व भारत का पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय करेगा। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत की बंदरगाह क्षमता दोगुनी हुई है।
वित्तीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में श्री गोयल ने कहा कि यूएई में यूपीआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। भविष्य में दोनों देश साइबर सुरक्षा, एआई आधारित वित्तीय सेवाओं और स्टार्टअप के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे।
श्री गोयल ने कहा कि भारत-यूएई मुक्त व्यापार समझौता 90 दिनों से भी कम समय में पूरा हुआ जो दोनों देशों के बीच मजबूत विश्वास को दर्शाता है।
भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच द्विपक्षीय व्यापार, वित्त वर्ष 2025-26 में 101.25 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि गैर-तेल व्यापार 2025 में 76 .2 अरब डॉलर रहा। दोनों पक्ष 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार में 200 अरब डॉलर के साझा लक्ष्य की ओर अग्रसर हैं।
संयुक्त कार्यबल ने ओडिशा में प्रस्तावित 11.5 अरब डॉलर के एकीकृत एल्युमीनियम परिसर और गुजरात में फूड पार्क परियोजना सहित कई निवेश परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। कार्यबल ने एमिरेट्स एनबीडी द्वारा आरबीएल बैंक ऑफ इंडिया में लगभग तीन अरब डॉलर में बहुमत हिस्सेदारी के अधिग्रहण और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी के सम्मान कैपिटल ऑफ इंडिया में एक अरब डॉलर के निवेश का भी स्वागत किया।
बैठक में गुजरात के धोलेरा में विमानन और लॉजिस्टिक्स केंद्र विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने निवेश से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए भारत-यूएई फास्ट ट्रैक व्यवस्था की भी समीक्षा की और इन मुद्दों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने पर सहमति जताई।
श्री गोयल ने कहा कि बैठक से निवेश और नवाचार के क्षेत्र में सकारात्मक प्रगति सामने आई है। उन्होंने यूएई को भारत की विकास यात्रा में एक विश्वसनीय साझेदार बताया। शेख हामिद बिन जायद अल नाहयान ने कहा कि संयुक्त कार्यबल ने निवेशकों को सहयोग देने, चुनौतियों का समाधान करने और दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
===============================================Courtesy=================================================
