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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- आत्मनिर्भर भारत में एआई को लेकर उनका दृष्टिकोण संप्रभुता, समावेशिता और नवाचार पर आधारित

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- आत्मनिर्भर भारत में एआई को लेकर उनका दृष्टिकोण संप्रभुता, समावेशिता और नवाचार पर आधारित
narendramodi,IndiaAiImpactsummitप्रधानमंत्री मोदी ने कहा- आत्मनिर्भर भारत में एआई को लेकर उनका दृष्टिकोण संप्रभुता, समावेशिता और नवाचार पर आधारित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि टेक्नोलॉजी इंसानियत की सेवा के लिए है, उसकी जगह लेने के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी का आखिरी मकसद ‘सबका भला, सबकी खुशी’ होना चाहिए। एक न्यूज़ एजेंसी से साक्षात्‍कार में श्री मोदी ने कहा कि आज एआई सभ्‍यता बदलने के मोड़ पर है। उन्होंने कहा कि यह इंसानी काबिलियत को ऐसे तरीकों से बढ़ा सकता है जो पहले कभी नहीं हुए, लेकिन अगर इसे बिना मार्गदर्शन के छोड़ दिया जाए तो यह मौजूदा सामाजिक बुनियाद को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसीलिए भारत ने जानबूझकर इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट को ऐसे प्रभाव के आस-पास बनाया है जो सिर्फ़ नवाचार ही नहीं, बल्कि मतलब वाले और बराबर नतीजे भी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि मार्गदर्शन करने वाली भावना, “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय”, भारत की सभ्‍यतापरक सोच को दिखाती है। उन्होंने कहा कि ससम्‍मेलन को पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस के आस-पास बनाया गया है।

श्री मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत में एआई के लिए उनका विज़न तीन स्‍तंभों, संप्रभुता, समावेशिता और नावाचर पर टिका है। उन्होंने इच्‍छा प्रकट की कि भारत सिर्फ़ एआई के इस्तेमाल में ही नहीं बल्कि बनाने में भी दुनिया की शीर्ष तीन एआई सुपरपावर में से एक हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि एआई विकसित भारत 2047 की ओर भारत की यात्रा में बदलाव लाने वाला मौका है। श्री मोदी ने कहा, एआई का सोच-समझकर, रणनीतिक नज़रिए से इस्तेमाल करने से, पूरी तरह से नए आर्थिक मौके बनाते हुए, सबको साथ लेकर चलने वाले विकास को मुमकिन बनाते हुए, शहरी-ग्रामीण अंतर को कम करते हुए और मौकों तक पहुँच बढ़ाते हुए, गहरी विकास चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलती है।

उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ में आयोजित पहले ग्लोबल एआई समिट के तौर पर, भारत ऐसा प्लैटफ़ॉर्म बना रहा है जो कम प्रतिनिधित्‍व वाली आवाज़ों और विकास की प्राथमिकताओं को बढ़ाएगा। श्री मोदी ने कहा कि भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना यात्रा ग्लोबल साउथ के लिए ज़रूरी और प्रैक्टिकल सबक देती है। उन्होंने कहा कि डीपीआई और एआई का मिलना सबको साथ सार्वजनिक चीज़ों की सफलता अचानक नहीं आई और यह कुछ दोहराए जा सकने वाले सिद्धांतों से मिली है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार प्रतिभावान युवाओं की हर कोशिश को मज़बूत करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि एआई इनोवेशन और सबको साथ लेकर चलने के लिए ठोस संचालक बन सके। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 इस विज़न को मज़बूत करता है। उन्होंने कहा कि यह डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए समर्थन बढ़ाता है, जिससे घरेलू कंप्यूट कैपेसिटी मज़बूत होती है।
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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- आत्मनिर्भर भारत में एआई को लेकर उनका दृष्टिकोण संप्रभुता, समावेशिता और नवाचार पर आधारित
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