• Sat. Mar 7th, 2026

श्रीमहाकाल महोत्सव उज्जैन में 14 से 18 जनवरी तक मनाया जाएगा-मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ

श्रीमहाकाल महोत्सव उज्जैन में 14 से 18 जनवरी तक मनाया जाएगा-मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ
mahakalmahotsav,ujjain,shrimahakaleshwarमुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे श्रीमहाकाल महोत्सव का शुभारंभ
महोत्सव में शंकर महादेवन अपने बेटों के साथ देंगे प्रस्तुति
महालोक में पहली बार आयोजित होगा श्रीमहाकाल महोत्सव

भोपाल : सोमवार, जनवरी 12, 2026

बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर भारतीय संस्कृति, कला और अटूट श्रद्धा के महोत्सव की साक्षी बनने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 जनवरी को शाम 7 बजे श्रीमहाकाल महालोक उज्जैन में पाँच दिवसीय ‘श्रीमहाकाल महोत्सव’ का शुभारंभ करेंगे। 18 जनवरी 2026 तक चलने वाला यह महोत्सव श्रीमहाकाल महालोक और त्रिवेणी संग्रहालय के प्रांगण में कला, संगीत और वैचारिक विमर्श का अनूठा संगम होगा। इस अवसर पर संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी, राज्यसभा सांसद श्री बालयोगी उमेशनाथ महाराज सहित जन-प्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। वीर भारत न्यास और श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह महोत्सव आयोजित किया जा रहा है

सुरों की सरिता: दिग्गज कलाकार देंगे प्रस्तुतियाँ

महोत्सव की मुख्य सभाओं में देश के ख्यातिलब्ध कलाकार भगवान शिव की आराधना अपनी स्वर-लहरियों से करेंगे:

14 जनवरी: महोत्सव के पहले दिन सुप्रसिद्ध पार्श्वगायक शंकर महादेवन अपने पुत्रों सिद्धार्थ और शिवम् के साथ ‘शिवोऽहम्’ की संगीतमय प्रस्तुति देंगे।

15 जनवरी: मुम्बई का प्रसिद्ध ‘द ग्रेट इंडियन क्वायर’ ‘शिवा’ थीम पर प्रस्तुति देगा।

16 जनवरी: सुप्रसिद्ध गायिका सोना महापात्रा अपनी संगीत यात्रा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध करेंगी।

17 जनवरी: इंदौर के श्रेयश शुक्ला एवं मुम्बई के विपिन अनेजा व उनके बैंड द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति होगी।

18 जनवरी: महोत्सव का समापन इंडोनेशिया (कोकोरदा पुत्रा) और श्रीलंका (अरियारन्ने कालूराच्ची) के दलों द्वारा प्रस्तुत ‘शिव केंद्रित नृत्य नाटिका’ से होगा, जो महोत्सव के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को दर्शाएगा।

लोक और जनजातीय कला का वैभव

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक त्रिवेणी संग्रहालय में मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति के दर्शन होंगे। इसमें छिंदवाड़ा का भड़म, बैतूल का ठाट्या, धार का भगोरिया और सागर का बरेदी जैसे पारंपरिक नृत्यों का प्रदर्शन होगा। साथ ही, प्रतिदिन निकलने वाली ‘कला यात्रा’ शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए श्रीमहाकाल लोक पहुँचेगी, जिसमें शिव बारात, डमरू वादन और मलखंब के रोमांचक प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होंगे।

बौद्धिक विमर्श: ‘शिव तत्त्व और महाकाल’

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ-साथ, 15 जनवरी को प्रातः 10:30 बजे एक अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसका विषय ‘शिव तत्त्व और महाकाल: पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में’ रखा गया है, जहाँ विद्वान शिव तत्व की दार्शनिक गहराईयों पर प्रकाश डालेंगे। आमजन को इस भक्तिमय उत्सव में सहभागी होने के लिए सादर आमंत्रित किया गया है।
==============================================================================================================
श्रीमहाकाल महोत्सव उज्जैन में 14 से 18 जनवरी तक मनाया जाएगा
mahakalmahotsav,ujjain,shrimahakaleshwar

aum

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *