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अमेरिका के वेनेजुएला पर हमला करने से बंटी दुनिया: रूस-चीन नाराज़, यूरोप ने की संयम बरतने की अपील

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अमेरिका के वेनेजुएला पर हमला करने से बंटी दुनिया: रूस-चीन नाराज़, यूरोप ने की संयम बरतने की अपील
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अमरीकी सेना द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की गिरफ्तारी के बाद विश्व नेताओं ने मिली-जुली प्रतिक्रियाएं व्‍यक्‍त की हैं। रूस, चीन, ईरान, ब्राजील और क्यूबा सहित कई देशों ने अमरीका की सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे वेनेजुएला की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया है।

रूस के विदेश मंत्रालय ने वेनेजुएला के खिलाफ अमरीका की सैन्‍य आक्रामकता बताते हुए इसकी निंदा की है और संयम बरतने का आग्रह करते हुए आगे तनाव न बढ़ाने का अनुरोध किया है। एक बयान में रूस ने कहा कि इस कार्रवाई को उचित ठहराने के लिए दिए गए बयान निराधार हैं। रूस ने दोनों देशों के बीच संवाद का आह्वान करते हुए कहा कि वह राजनयिक प्रयासों का समर्थन करने के लिए तैयार है।

चीन ने भी अमरीका के हवाई हमलों की निंदा की है और इन्हें अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन बताते हुए इन्हें वर्चस्ववादी कार्रवाई बताया। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वेनेजुएला एक संप्रभु देश है और उसके राष्ट्रपति के खिलाफ सैन्‍य कार्रवाई से चीन आहत है। उसने अमरीका से अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का पालन करने का आग्रह किया।

क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कैनेल ने भी हमले की निंदा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल प्रतिक्रिया का आह्वान किया है।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई को आक्रामकता बताया और संयुक्त राष्ट्र चार्टर तथा संप्रभु देश के खिलाफ बल प्रयोग को प्रतिबंधित करने वाले अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन बताया।

ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने अमरीकी हमलों और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि यह हमला इस क्षेत्र की शांति को खतरे में डालता है।

इस बीच यूरोपीय नेताओं ने संयम बरतने का आग्रह किया। यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि यूरोपीय संघ स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सम्मान पर जोर दिया।

यूरोपीय संघ आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि किसी भी समाधान में अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान होना चाहिए।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन इस अभियान में शामिल नहीं था और उन्होंने अमरीका के साथ बातचीत जारी रखते हुए अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने तनाव कम करने का आह्वान किया, जबकि फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉ ने कहा कि फ्रांस, वेनेजुएला को लोकतंत्र की ओर बढ़ने का समर्थन करता है।

इस बीच, वेनेजुएला ने ट्रंप के नेतृत्व वाली अमरीकी सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए इस अभियान को सैन्य आक्रामकता का गंभीर कृत्य बताया है। देश ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर राष्ट्रपति मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की है। उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज़ ने राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के जीवित होने का प्रमाण और उनके ठिकाने का खुलासा करने की मांग की है।

रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनो लोपेज़ ने देश में सैन्य बलों की तैनाती की घोषणा की है और वेनेजुएला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपातकालीन बैठक का अनुरोध किया है।
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