अपराधों पर नियंत्रण के लिये संभागवार रणनीति बनायें

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साईबर अपराधों से निपटने के लिये जिला स्तर पर व्यवस्था करें
महिला अपराधों से निपटने के लिये संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई करें
मुख्यमंत्री चौहान आई.जी.-डी.आई.जी. कान्फ्रेंस में
भोपाल : मंगलवार, नवम्बर 21, 2017
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिला अपराधों से निपटने के लिये संवेदनशीलता और तत्परता से कठोर कार्रवाई करें। जिससे अपराधियों में डर पैदा हो। अपराधों पर नियंत्रण के लिये संभागवार रणनीति बनायी जाये। साईबर अपराधों से निपटने के लिये जिला स्तर पर व्यवस्था सुदृढ़ करें। चिटफंड कंपनियों की धोखाधड़ी रोकने के लिये जागरूकता अभियान चलायें। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ पुलिस मुख्यालय में आई.जी.-डी.आई.जी. कान्फ्रेंस में संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में पुलिस हर चुनौतियों का सामना करने में खरी उतरी है। इसकी उपलब्धियाँ गर्व करने के लायक हैं। कानून व्यवस्था ऐसा क्षेत्र है जिसमें लगातार नई चुनौतियाँ सामने आती रहती हैं। जिस तेजी से तकनीक का विकास हो रहा है अपराध के तरीके भी बदलते जा रहे हैं। साईबर क्राईम की एक नई चुनौती पैदा हुई है। समाज में आयी विकृतियों से महिला अपराध बढ़ रहे हैं। ऐसे अपराधों के निपटने के लिये संवेदनशीलता और तत्परता से कठोर कार्रवाई की जाये। इसके लिये महिला छात्रावास, कॉलेज, स्कूल, कोचिंग सेंटर जैसे स्थानों पर लगातार पेट्रोलिंग की जाये। बीट स्तर तक की टीम लगातार गश्त करें। क्षेत्र में पुलिस की प्रभावी उपस्थिति रहें। संसाधनों का उचित उपयोग कर लोगों में विश्वास पैदा करें।

हेल्पलाईन नंबर और ई-कॉप जैसी सुविधा की व्यापक जानकारी दें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निर्देश दिये कि हेल्पलाईन नंबर और ई-कॉप जैसी सुविधा की व्यापक जानकारी दें। छात्राओं को आत्मरक्षा के लिये प्रशिक्षण दें और जागरूक करें। पुलिस बल के अलावा ग्राम तथा नगर सुरक्षा समितियों, एन.सी.सी., एन.एस.एस., शौर्या बल, तेजस्विनी समूह और स्वसहायता समूहों की मदद लें। सभी जिलों में वन स्टॉप सेंटर स्थापित करें। स्कूली बसों में ड्राईवर-कंडक्टरों का चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाये तथा स्कूली बसों में महिला कंडक्टर होने के नियम का सख्ती से पालन करायें। स्कूली बसों में सीसीटीव्ही समय-सीमा में लगाये जायें। सभी महिला छात्रावासों में रसोईया और सफाईकर्मी महिलाएं हों। महिला छात्रावासों के प्रवेश वाले रास्ते पर सीसीटीव्ही लगाये जायें। जनसुरक्षा विधेयक आगामी विधानसभा सत्र में लाया जाये।

मादक पदार्थो की रोकथाम की विशेष रणनीति बनायें

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि साम्प्रदायिक घटनाओं को रोकने के लिये कई जिलों ने अच्छा काम किया है। इस तरह के मामलों में लगातार सतर्कता बनाये रखें। पुलिस विभाग की अलग-अलग शाखाओं और अन्य विभागों से समन्वय और बेहतर करें। पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था के लिये बीस वर्ष की सेवा तथा पचास वर्ष की आयु वाले निष्क्रिय और गलत रिकार्ड वाले अमले के अनिवार्य सेवानिवृत्ति के प्रकरण बनायें। राज्य सरकार ने रेत उत्खनन नीति में परिवर्तन किये हैं। जिससे लोगों को जरूरत के अनुसार सहजता से रेत मिले तथा रोजगार के अवसर भी बढ़े। पुलिस विभाग रेत के अवैध उत्खनन को रोकने की कार्रवाई जारी रखें। मादक पदार्थो की रोकथाम की विशेष रणनीति बनायें। बड़े अपराधियों पर सख्त कार्रवाई करें। खरगौन-बड़वानी जिले में अवैध हथियार में लिप्त सिकलीगरों को रोजगार से लगाने की योजना बनायें।

हर जिले में साईबर सुरक्षा के लिये विशेष सेल

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि साईबर सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनायें। हर जिले में साईबर सुरक्षा के लिये विशेष सेल बनायें। सी.एम. हेल्पलाईन के प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करें। इलेक्ट्रानिक मीडिया में आने वाले भ्रामक विज्ञापनों पर कानूनी प्रावधान के तहत कार्रवाई करें। एन.एस.ए. तथा जिलाबदर की प्रभावी कार्रवाई करें। सूदखोरी को रोकने के लिये सख्त कानूनी कार्रवाई करें। आदिवासी क्षेत्रों में बेटियों के गायब होने के प्रकरणों में विशेष ध्यान देकर कार्रवाई करें। गौ-वंश की अवैध निकासी रोकने के लिये कार्रवाई करें। प्रदेश में कानून व्यवस्था और शांति बनाये रखने के लिये पुलिस विभाग बेहतर कार्रवाई जारी रखें।

बैठक में गृह मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने भी संबोधित किया। पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला ने कहा कि अगले वर्ष की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुये अपराधों पर नियंत्रण की कार्ययोजना बनाई गई है। अगले तीन वर्षों में प्रत्येक थानों में दो-दो महिला आरक्षकों की पदस्थापना की जायेगी। थानों में महिला रेस्ट रूम की व्यवस्था भी की जायेगी। गौवंश की अवैध निकासी को रोकने के लिये प्रदेश की सीमा से जाने वाले रास्तों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्टेटेस्टिकल डाटा – 2017 का विमोचन किया। बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा आई.जी.-डी.आई.जी. उपस्थित थे।

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