मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पवित्र मंदाकिनी नदी को पूर्णतः प्रदूषण मुक्त किया जायेगा

भोपाल : सोमवार, जूलाई 31, 2017
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पवित्र मंदाकिनी नदी को पूर्णतः प्रदूषण मुक्त किया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मंदाकिनी नदी के उद्गम स्थल को भी पर्यावरण की दृष्टि से विकसित किया जायेगा ताकि नदी में पवित्र जल का प्रवाह निरंतर बना रहे। इसके लिए 40 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं। मंदाकिनी नदी की सहायक नदियों को भी पुनर्जीवित किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुप्त गोदावरी संरक्षण के लिए 40 लाख रूपये और गौ-सरंक्षण एवं गौशाला के लिए 2 करोड़ रूपये स्वीकृत किये जायेंगे।

चित्रकूट नगर के प्रत्येक घर को सीवर लाइन से जोड़ा जायेगा। गंदे पानी को ट्रीटमेंट कर उपचारित जल का उपयोग कृषि कार्य के लिए किया जायेगा। मुख्यमंत्री चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के तट भरतघाट में 28 करोड़ 87 लाख 61 हजार रुपये लागत के मंदाकिनी नदी संरक्षण योजनान्तर्गत चित्रकूट सीवेज परियोजना के द्वितीय चरण के कार्यो के भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

तपोभूमि चित्रकूट में नगरीय यात्री विकास कर एवं परिवहन चेक पोस्ट समाप्त किया जायेगा

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि अब चित्रकूट आने वाले तीर्थ यात्रियों को किसी भी प्रकार का कर नहीं देना होगा। कर की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार स्वयं करेगी। इसी तरह परिवहन विभाग का चेक पोस्ट भी हटा दिया जायेगा। तीर्थ यात्रियों के लिये कर्वी, अतर्रा, सतना आदि की सर्किट बनाकर यात्री बसों का संचालन किया जायेगा। श्री चौहान ने यहाँ सीता माता की पूजा-अर्चना की एवं साधु-संतों का शाल एवं श्रीफल से सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने कामदगिरी में 5 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न कार्यों का शिलान्यास किया।

चित्रकूट को मिनी-स्मार्ट सिटी बनाने की घोषणा

शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि चित्रकूट का समग्र विकास कर इसे मिनी स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जायेगा। प्रथम चरण में 180 करोड़ रूपये के कार्यों की मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट के विकास के साथ ही यहाँ व्यापारियों, तीर्थ यात्रियों, साधु-संतों की आवश्यकता के हर कार्य कराये जायेंगे। रामदर्शन से लेकर आश्रम शेड तक डामरीकृत सड़क का निर्माण, भरत घाट में रिटैनिंगवाल एवं घाट सुधार का कार्य, बाहर से आने वाले यात्रियों के रूकने हेतु शेड का निर्माण, मार्ग में पानी एवं शौचालय की व्यवस्था, धार्मिक पर्यटन सर्किट, पर्यावरण विकास तथा कामदगिरी पर्वत, स्फटिक शिला, आरोग्यधाम, गोदावरी चैनल का विस्तारीकरण, कामतानाथ पथ में यात्रियों के विश्राम, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था, पूजन सामग्री को कम्पोस्ट कर जैविक खाद बनाने, गौ-अभ्यारण्य, का विकास किया जायेगा। श्री चौहान ने कहा कि तालाबों का संरक्षण, बरसाती पानी के निकासी की व्यवस्था, स्मार्ट यातायात हेतु सडकों एवं चौराहों का विकास एवं उनका सौंदर्यीकरण, ई-रिक्शा का संचालन, गरीबों के लिए पक्के मकानों के निर्माण हेतु 75 करोड़ रूपये मंजूर किये गये हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय विकास के लिए मंदाकिनी नदी की सफाई, सरयू नदी, पैउसुनी नदी को पुनर्जीवित करने हेतु अभियान चलाया जायेगा। कामदगिरी पर्वत, लक्ष्मण पहाड़ी एवं सती अनुसुइया क्षेत्र में वृक्षारोपण किया जायेगा।

 

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