राजनैतिक दायित्व से मुकरी कांग्रेस चुनाव के लिए मोहरे की तलाश में- डॉ. विजयवर्गीय

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13/07/2017
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता डॉ. दीपक विजयवर्गीय ने कहा कि कांग्रेस की लहार और चुरहट में किसान महापंचायतों ने साबित कर दिया है कि उसकी सक्रियता ऐन केन प्रकारेण सत्ता की कुर्सी हासिल करने तक सीमित हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि 2014 तक श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया दस वर्षों तक केन्द्र की सत्ता में रहे। इसके पहले भी देश में कांग्रेस की सरकार थी। उसने 1990 में आर्थिक उदारीकरण की आड़ में कृषि की खाद, बीज, पौध संरक्षक सभी का कारोबार कार्पोरेट घरानों को सौंपकर उन्हें जनता का किसानों का मन माना शोषण करने भी आजादी देकर किसानी की लागत आसमान पर पहुंचा दी। कांग्रेस ने किसान से 18 प्रतिशत ब्याज वसूलकर उन्हें साहूकार की डेवढ़ी पर माथा रगड़ने को विवश कर दिया। कांग्रेस की 60 साल की विफलता को श्री नरेन्द्र मोदी सरकार ने गत तीन वर्षों में दुरूस्त करने की कोशिश की है और किसान हितैषी प्रयासों में आंशिक सफलता भी मिली है। इसलिए कांग्रेस ही किसानों की बदहाली की दोषी है। इस बात को कांग्रेस कैसे नकार सकती है।
डॉ. विजयवर्गीय ने कहा कि आज श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया किसानी की लागत कम करने का फार्मूला उनके पास होने का दावा करके किसानों को मूर्ख बनाने की कोशिश कर रहे है। यदि कांग्रेस के पास ऐसी सकारात्मक दृष्टि होती तो 10 वर्षो तक डॉ. मनमोहन सिंह सरकार में मंत्री होने के बावजूद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किसान हितैषी पहल क्यों नहीं की। कांग्रेस ने किसानों को मौसम पर निर्भर बनाकर भगवान भरोसे क्यों छोड़ दिया ? जहां तक योग का सवाल है कांग्रेस को श्री नरेन्द्र मोदी का अहसानमंद होना चाहिए कि भारतीय योग के माध्यम से मोदी ने भारतीय संस्कृति का संदेश दुनिया को देने में सफलता पायी है और देश का सम्मान बढाया है। जिस सरकार में श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया मंत्री थे उसने 10 वर्षों में बारह लाख करोड़ रूपए का भ्रष्टाचार किया। चार लाख करोड़ रूपयों का कार्पोरेट जगत का कर्जा माफ किया, लेकिन वह 72 हजार करोड़ रूपए किसानों को राहत देने पर किसान हितैषी होने का दावा करते जरा भी शर्म अनुभव नहीं कर रही है। जबकि किसान राहत के पीछे कांग्रेस की मंशा किसानों को अपने पैरों पर खड़ा करना नहीं चुनाव जीतने की थी।

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