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Madhyapradesh News Diary
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स्थानीय निकायों में स्थापित होंगे स्मार्ट फिश पार्लर: मुख्यमंत्री चौहान
मुख्यमंत्री मत्स्य-विकास योजना में मिलेगा मत्स्य-बीज उत्पादन और झींगा पालन के लिए सहयोग
मछुआरों के आर्थिक उन्नयन में सरकार करेगी पूरा सहयोग
मुख्यमंत्री निवास में हुआ मछुआ सम्मेलन
भोपाल : गुरूवार, मई 19, 2022
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के मछुआरों के आर्थिक उन्नयन, परिवार के सदस्यों को विवाह, शिक्षा, सहायता, बीमा योजना का लाभ दिलवाने का कार्य किया गया है। प्रदेश में स्थानीय निकायों में स्मार्ट फिश पार्लर स्थापित होंगे। इससे हमारे मछुआरे भाई-बहनों को संगठित रोजगार मुहैया कराने के साथ ही उपभोक्ताओं को विभिन्न प्रकार की स्वच्छ और ताजी मछलियों की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सकेगी। मुख्यमंत्री मत्स्य-विकास योजना प्रारंभ कर मत्स्य-बीज उत्पादन एवं झींगा-सह-मछली पालन के लिए सहायता दिलवाई जाएगी। मछुआरों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर किसान क्रेडिट कार्ड भी उपलब्ध करवाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज मुख्यमंत्री निवास में हुए बुधनी क्षेत्र मछुआ सम्मेलन में 400 हितग्राहियों को मत्स्याखेट किट और 50 हितग्राहियों को मत्स्य-विक्रय और परिवहन के लिए मोटरसाइकिल का वितरण किया। साथ ही 443 हितग्राहियों को किसान क्रेडिट कार्ड के स्वीकृत-पत्र भी दिए गए। प्रदेश में अब तक एक लाख 5 हजार मछुआरों को यह कार्ड दिए जा चुके हैं।

मछुआ कल्याण एवं मत्स्य-विकास और जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री रमाकांत भार्गव, सलकनपुर मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री महेश उपाध्याय और केवट समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान भी उपस्थित रहीं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमारा केवट कभी पैदल और बस से ही यात्रा करता था। केवट समाज को अपनी सामग्री ले जाने में भी दिक्कत होती थी। इन्हें दो पहिया वाहन दिए जा रहे हैं। योजना में अभी 50 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। साथ ही मत्स्य-पालन और मत्स्याखेट कार्य की सामग्री की किट भी दी जा रही है। मोटरसाइकिल के साथ एक आइस बॉक्स भी उपलब्ध करवाया गया है। मत्स्याखेट सामग्री में जाल, कांटा आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मछुआरों को मत्स्य-बीज, मछली और झींगा उत्पादन बढ़ाने प्रशिक्षण और उन्नयन, प्रभावी मार्केटिंग और ब्रांडिंग के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराने, तालाब हैचरी, मछली आहार संयंत्र, नाव और जाल आदि उपलब्ध करवाने, कार्यशील पूँजी, रोजगार और आजीविका की व्यवस्था के साथ विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ दिलवाने की रणनीति तय की गई है। मत्स्य-पालन और बीज उत्पादन में राज्य सरकार पूरा सहयोग देगी।

डोंगा चालन स्पर्धा होगी,कावेरी ने किया है कमाल

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि केवट समाज में अनेक अच्छे तैराक और नाव एवं डोंगा चालक हैं। इनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया जाएगा। नर्मदा जी में डोंगा चालन स्पर्धा होगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सीहोर जिले के एक छोटे से गाँव मंडी की निवासी कावेरी ढीमर ने पिछले साल अक्टूबर में हिमाचल प्रदेश में हुई 31 वीं राष्ट्रीय सीनियर कैनो स्प्रिंट चेम्पियनशिप में प्रदेश के लिए सात स्वर्ण पदक अर्जित कर कमाल कर दिखाया। गत 17 मार्च 2022 को मैंने कावेरी को 11 लाख रूपए की प्रोत्साहन राशि दी। केवट समाज के अन्य प्रतिभावान खिलाड़ियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

बालाघाट की तरह अन्य जिलों में भी हो श्रेष्ठ क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के मत्स्य-उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है। मत्स्य-उत्पादन की राष्ट्रीय वार्षिक वृद्धि दर से मध्यप्रदेश की वृद्धि दर दोगुनी है। प्रदेश में करीब साढ़े चार लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र में से 99 प्रतिशत क्षेत्र में मछली पालन किया जा रहा है। बालाघाट जिले को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के क्रियान्वयन में देश के सर्वश्रेष्ठ जिले का पुरस्कार मिल चुका है। अन्य जिलों में भी इस क्षेत्र में श्रेष्ठ क्रियान्वयन किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि केवट समाज के हितग्राहियों को संबल योजना का लाभ भी दिया जा रहा है। मेधावी छात्र-छात्राओं को निषादराज छात्रवृत्ति योजना का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में निर्धारित सहायता के अलावा केवट समाज की बेटियों के विवाह पर 20 हजार रूपए की अतिरिक्त सहायता मुख्यमंत्री मीनाक्षी विवाह योजना में दी जाती है। प्रदेश में पौने दो लाख से अधिक मछुआरों को दुर्घटना बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है।

मत्स्य-कल्याण और जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट ने शासन की मछुआ कल्याण योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश के सभी मछुआरों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है। उन्होंने मध्यप्रदेश में प्रत्येक वर्ग के कल्याण की चिंता की है। सांसद श्री रमाकांत भार्गव ने कहा कि केवट समाज बड़े नगरों में मत्स्य-विक्रय पर ध्यान दें। शासन तो सभी सुविधाएँ दे ही रहा है ,हमें सजग होकर आर्थिक उन्नयन करना है। प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुष्प वर्षा कर केवट समाज के प्रतिनिधियों का मुख्यमंत्री निवास परिसर में स्वागत किया। श्रीमती साधना सिंह का भी महिला प्रतिभागियों ने स्वागत किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निषादराज की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप जला कर सम्मेलन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंच पर कन्या-पूजन भी किया।

लाभान्वित हितग्राहियों की जनकारी

प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में आज जिन मछुआरों को प्रतीकस्वरूप मोटर साइकिल दी गईं, उनमें सर्वश्री संतोष रामकरण, कन्हैयालाल हरिराम, अजय रामकरण, तुलसीराम घासीराम, अशोक रामसिंह, विनोद कुमार कंछेदीलाल, आकाश केशु केवट, गंगाराम रामदयाल, राजूरमेश केवट, जितेंद्र रामविलास मांझी शामिल हैं। इसी तरह किसान क्रेडिट कार्ड प्राप्त करने वाले मछुआरों में सर्वश्री राजू घूडेलाल, अजय, विनोद, अर्जुन केवट, शिवदयाल केवट, मोहनलाल, नर्मदा प्रसाद, कमल, जयराम और उमेश बद्री प्रसाद शामिल हैं। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना में फिश कियोस्क निर्माण के लिए श्रीमती ज्योति गनपत केवट को अनुदान राशि का वितरण भी किया गया।

प्रमुख सचिव मछुआ कल्याण एवं मत्स्य श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव, संचालक श्री भरत सिंह सहित बड़ी संख्या में मछुआ समाज के लोग उपस्थित थे।
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प्रदेश में सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री चौहान
गो-वंश के परिवहन और गो-वध में लिप्त माफिया को करें ध्वस्त
विकास और जनसेवा से हमें विभिन्न समुदायों में पैदा करना है विश्वास
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने की सिवनी में पेयजल आपूर्ति की समीक्षा
सिवनी जिले का जीरा शंकर चावल म.प्र. की शान, राष्ट्रीय स्तर पर की जाए ब्रांडिंग
शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार और लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रातः 6:30 बने की सिवनी जिले की कानून-व्यवस्था और विकास गतिविधियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सामाजिक सौहार्द बनाए रखना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सामाजिक ताने-बाने से छेड़छाड़ करने वालों, समुदायों में दूरियाँ पैदा करने वालों और अशांति फैलाने वालों पर नजर रखी जाए। ऐसी गतिविधियों में लिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गो-वंश के परिवहन, गो-वध में लिप्त व्यक्तियों और इससे जुड़े माफिया की पड़ताल कर इनके नेटवर्क को ध्वस्त करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि विकास और जनसेवा से हमें विभिन्न समुदायों में विश्वास पैदा कर सामाजिक समरसता को बनाए रखना है। हमारा प्रयास यह है कि किसी भी कीमत पर विभिन्न समुदायों में दूरियाँ नहीं बढ़े। मुख्यमंत्री श्री चौहान निवास कार्यालय से आज प्रातः 6:30 पर सिवनी जिले की कानून-व्यवस्था की स्थिति और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। जबलपुर संभाग के अधिकारी और सिवनी कलेक्टर डॉ. फटिंग राहुल हरिदास सहित जिले के अधिकारी वर्चुअली सम्मिलित हुए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने दबंगों और माफियाओं के अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि की जानकारी भी प्राप्त की। सिवनी कलेक्टर ने बताया कि अब तक 200 एकड़ भूमि मुक्त कराकर प्रधानमंत्री आवास और मुख्यमंत्री भू-अधिकार योजना के लिए सुरक्षित रखी गई है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सिवनी जिले में पेयजल स्थिति की जानकारी प्राप्त कर जल जीवन मिशन में जारी कार्यों की अद्यतन स्थिति पर जिला कलेक्टर से चर्चा की। कलेक्टर ने जानकारी दी कि जिले में 929 नल-जल योजना संचालित हैं। इनमें से 61 कुआँ आधारित है, जिनसे जलापूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने एल एंड टी कंपनी को शीघ्र कार्य पूर्ण करने और जिला अधिकारियों को जलापूर्ति की व्यवस्था की सतत् समीक्षा के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नल-जल योजनाओं के संधारण और संचालन का कार्य महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपा जाए। बैठक में झुरकी ग्रामीण महिला स्व-सहायता समूह के कार्यों की सराहना हुई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 15 जून तक अमृत सरोवर के अधिक से अधिक कार्य पूर्ण किए जाएँ। अमृत सरोवर को आदर्श रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पेंच व्यवर्तन सिंचाई परियोजना में सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था के संबंध में भोपाल से जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को स्थल निरीक्षण कर तत्काल समस्या के निराकरण के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री आवास तथा आवास प्लस में प्रगति की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास की योजनाओं में मैदानी स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। लिप्त अधिकारी, कर्मचारियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। मुख्यमंत्री ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ग्रामीण क्षेत्र में निरंतर भ्रमण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन हितग्राहियों को आवास आवंटित हुए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री की ओर से पत्र के माध्यम से आवंटन की सूचना दी जाए। आवास आवंटन और सूची में नाम जुड़वाने के लिए पैसों की वसूली न हो। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मनरेगा के कार्यों की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राशन वितरण में किसी प्रकार की ढिलाई सहन नहीं की जाएगी। जिले में शत-प्रतिशत राशन वितरण सुनिश्चित किया जाए। सी.एम. हेल्प लाइन के प्रकरणों के निराकरण के निर्देश भी दिए गए। साथ ही आयुष्मान भारत योजना में शत-प्रतिशत हितग्राहियों को समय-सीमा निर्धारित कर कार्ड जारी करने को कहा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विभिन्न विभाग में लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की सूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लापरवाही और भ्रष्टाचार को सहन नहीं किया जाएगा। श्रेष्ठ कार्य करने वाले अधिकारी- कर्मचारियों को पुरस्कृत और प्रोत्साहित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सिवनी जिले में “एक जिला-एक उत्पाद” में सीताफल की बेहतर ब्रांडिंग और मार्केटिंग करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिवनी जिले में होने वाला जीरा शंकर चावल मध्यप्रदेश की शान है, इसकी देशव्यापी ब्रांडिंग सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सिवनी जिले में किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने और किसानों को अपने खेतों के एक भाग में प्राकृतिक खेती से फसल लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि घंसौर विकासखंड की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की कार्य-योजना प्रस्तुत की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंच राष्ट्रीय उद्यान के साथ जिले के अन्य पर्यटन महत्व के स्थानों जैसे भीमगढ़ बांध, आमोदगढ़, अड़ेगाँव किला और शिव मंदिर को पर्यटन से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पेयजल, स्वच्छता, शासकीय कार्य में जन-भागीदारी को प्रोत्साहित करने, सिवनी सहित जिले के सभी कस्बों और गाँवों में गौरव दिवस मनाने और अडॉप्ट एन आँगनवाड़ी योजना में समुदाय को आँगनवाड़ी गतिविधियों से जोड़ने के कार्यों को गति देने के निर्देश भी दिए।
————————————————————————————————-मुख्यमंत्री चौहान ने आँगनवाड़ी में बच्चों के साथ फर्श पर बैठ कर की बातचीत
बच्चों ने मुख्यमंत्री को सुनाई कहानी और कविताएँ
बच्चों से पूछा सबसे अच्छा क्या लगाता है भोजन में
मुख्यमंत्री चौहान ने सुनहरी बाग स्थित आँगनवाड़ी पहुँचकर देखी व्यवस्थाएँ
मुख्यमंत्री चौहान ने गोद लिया है इस आँगनवाड़ी को
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सुनहरी बाग स्थित आँगनवाड़ी का भ्रमण किया। मुख्यमंत्री ने अडॉप्ट एन आँगनवाड़ी में इस आँगनवाड़ी को गोद लेकर रंग-रोगन सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएँ व्यक्तिगत रूप से करवाई हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आँगनवाड़ी में फर्श पर बैठकर बच्चों के साथ बातचीत की। उन्होंने बच्चों की दिनचर्या के बारे में जानकारी लेते हुए पूछा कि-” वे कितने बजे आँगनवाड़ी आते हैं, आँगनवाड़ी आना अच्छा लगता है या नहीं, भोजन में क्या-क्या मिलता है और सबसे प्रिय व्यंजन क्या है।” बच्चों ने बताया कि आँगनवाड़ी में उन्हें कढ़ी-चावल, दाल-चावल, खीर- पूरी और हलवा अच्छा लगता है। बेटी श्रेया ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को एक कहानी सुनाई, आँगनवाड़ी के बच्चों ने समवेत स्वर में कविता भी गाकर सुनाई। कविता के बोल थे “मंजन कर लो-मुँह धो लो, माता-पिता को करो प्रणाम- फिर शुरू करो अपना काम।”

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आँगनवाड़ी के बच्चों को टॉफी और रंगीन पेंसिल के सेट भेंट किए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आँगनवाड़ी में उपस्थित क्षेत्र की लाड़ली लक्ष्मियों से भी बातचीत की। पूर्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया और नगर निगम आयुक्त श्री के.वी.एस. चौधरी भी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री चौहान ने किया क्रिकेट कमेंटेटर श्री सुशील दोषी की पुस्तक का विमोचन
भोपाल : गुरूवार, मई 19, 2022
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रसिद्ध क्रिकेट कमेंटेटर श्री सुशील दोषी द्वारा संपादित पुस्तक, “बुक ऑफ वर्ल्ड कप क्रिकेट टी-20, 2007 टू 2021” का निवास कार्यालय में विमोचन किया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भोपाल रीजन के चीफ जनरल मैनेजर श्री विनोद कुमार मिश्रा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री सुशील दोषी को पुस्तक के लिए शुभकामनाएँ दी। उन्होंने कहा कि आप जैसे व्यक्तित्व प्रदेश का गौरव हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने श्री दोषी को अंग वस्त्र पहनाकर उनका स्वागत किया।

विमोचित पुस्तक में वर्ल्ड कप क्रिकेट से संबंधित विस्तृत सांख्यिकी जानकारियाँ दी गई हैं। पुस्तक का आमुख अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भारतीय क्रिकेटर श्री करसन घावरी द्वारा लिखा गया है। पुस्तक में क्रिकेट पर 9 आलेख, क्रिकेट ग्राउंड की विभिन्न फील्ड पोजीशंस के साथ 16 विश्व विख्यात क्रिकेट खिलाड़ियों के रंगीन छायाचित्र भी हैं।
———————————————————————————————–अमरकंट में अब नहीं होगा कोई नया निर्माण : मुख्यमंत्री चौहान
नर्मदा नदी को बचाने कठोर कदम उठाना आवश्यक
नदियों के संरक्षण के लिए समाज को आना होगा आगे
प्रत्येक नदी के स्वरूप के साथ उसकी संस्कृति का संरक्षण भी जरूरी : केंद्रीय राज्य मंत्री श्री पटेल
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नदी उत्सव-2022 में “खेती किसानी – नदी की जुबानी” सत्र को किया संबोधित

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि अमरकंटक में अब कोई नया निर्माण नहीं होगा। जितने पुराने निर्माण हैं, उनके सीवेज का पानी नर्मदा नदी में न जाए इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। नर्मदा नदी को बचाने के लिए कठोर कदम उठाना आवश्यक है। नर्मदा जी के किनारे बसे शहरों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाए जा रहे हैं। यहाँ से निकलने वाले पानी का उपयोग खेतों में किया जाएगा। प्रगति के साथ हमने विनाश के भी कार्य किए हैं। जहाँ पहले धरती में 30 से 40 फिट पर पानी मिल जाता था, वही अब एक हजार फिट पर भी पानी नहीं निकल रहा है। इसके लिए हम सभी जिम्मेदार हैं। धरती और पर्यावरण को बचाना है तो हमें वृक्ष लगाने होंगे। वृक्षा-रोपण को हमें संस्कार और अपनी आदत के रूप में अंगीकार करना होगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान मैपकॉस्ट में नदी उत्सव-2022 में “खेती किसानी – नदी की जुबानी” सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने नदी पुनर्जीवन कार्यक्रम पर केंद्रित प्रदर्शनी का भी शुभारंभ किया। केंद्रीय खाद्य प्र-संस्करण उद्योग एवं जल-शक्ति राज्य मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल, मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा, पर्यावरणविद तथा राष्ट्रीय संयोजक श्री गोपालजी भाई और नर्मदा समग्र के अध्यक्ष श्री राजेश दवे विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में ग्लेशियर नहीं हैं। यहाँ वृक्षों द्वारा अवषोशित जल को बूंद-बूंद छोड़ने से ही माँ नर्मदा विशाल नदी का रूप लेती हैं। सतपुड़ा और विंध्याचल नर्मदा नदी के भाई के समान हैं। नर्मदा के दोनों ओर पर्याप्त जंगल विद्यमान था, परंतु खेती के विस्तार के लिए पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई और धीरे-धीरे जंगल समाप्त होने लगे। नदी के दोनों ओर पेड़ और घास नहीं रहेगी तो मिट्टी का कटाव बढ़ेगा। अत: नर्मदा नदी के दोनों ओर वृक्षा-रोपण के लिए सघन गतिविधियाँ चलाना आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नर्मदा नदी के दोनों और प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे नदी में रसायनिक खाद और कीटनाशक के बहाव पर नियंत्रण होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि प्रदेश में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए प्रत्येक विकास खण्ड पर 5 मास्टर ट्रेनर की सेवाएँ दी जा रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि स्व.श्री अनिल माधव दवे ने जो काम अधूरे छोड़े हैं, उन्हें पूर्ण करने में हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। पर्यावरण-संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्तर पर कार्य करना होगा। यदि हम अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य के जन्म-दिवस, शादी की वर्षगाँठ और परिजन के पुण्य-स्मरण में पौधे लगाने और उसकी देखभाल के लिए प्रतिबद्ध हों, तो यह पर्यावरण-संरक्षण की दिशा में हमारा महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने घर और खेत में छोटी नर्सरी विकसित करने के लिए भी प्रेरित किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि नदियों को बचाने के लिए समाज को आगे आना होगा। जन-सामान्य के साथ मिलकर ही नदियों को पुनर्जीवित किया जा सकता है। प्रत्येक व्यक्ति को यह प्रयास करना होगा कि नदियों में गंदा पानी और अपशिष्ट न जाए। नदियों के दोनों ओर अधिक से अधिक पौध-रोपण हो, प्राकृतिक खेती को किसान अधिक से अधिक अपनायें और नदी संरक्षण के लिए प्रत्येक व्यक्ति संवेदनशीलता के साथ कार्य करे।

केन्द्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने जल की कमी की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि जल और जीवन के बीच बढ़ती खाई को नियंत्रित करना अब आसान नहीं है। हम जितना पानी उपयोग करते हैं, उतना बचा लें, वह भी अब पर्याप्त नहीं रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था कि तीसरा युद्ध पानी के लिए होगा। परंतु उसका रणक्षेत्र भारत नहीं बनेगा, क्योंकि भारत में भू-जल, पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जल से संबंधित चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें अधिक प्रभावी रूप से कार्य करना आवश्यक है। नदियों को उनकी सहायक नदियों और सहायक नदियों को जल देने वाले स्रोतों के साथ समग्र रूप से देखना आवश्यक है। प्रत्येक नदी के स्वरूप के साथ उसकी संस्कृति का संरक्षण भी जरूरी है।

सत्र मध्यप्रदेश के एमएसएमई मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा, राष्ट्रीय संयोजक श्री गोपालजी भाई, नर्मदा समग्र के अध्यक्ष श्री राजेश दवे ने भी संबोधित किया। अंत में मुख्यमंत्री श्री चौहान को स्मृति-चिन्ह और अंग वस्त्र भेंट किया गया।
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किसान प्राकृतिक खेती एवं कृषि का विविधीकरण करें : मुख्यमंत्री चौहान
प्रदेश में इस वर्ष 30 करोड़ रूपये की सिंचाई योजनाओं पर प्रारंभ होगा कार्य
किसानों के ब्याज की गठरी मैं उतरवाऊंगा
गुंडों से जमीन छुड़वाकर बाँटूंगा गरीबों में
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रीवा में 3.70 लाख हितग्राहियों को दिये स्वामित्व अधिकार अभिलेख
82 लाख किसानों को 4-4 हजार रूपये का सम्मान निधि वितरित
39 करोड़ की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कृषि को लाभ का धंधा बनाना। किसान कृषि का विविधीकरण एवं प्राकृतिक खेती करें। इससे उनको अधिक मुनाफा होगा तथा कृषि भूमि की उपजाऊ क्षमता भी बनी रहेगी। सरकार प्राकृतिक खेती के लिये किसान को एक गाय रखने पर 900 रूपये प्रतिमाह देगी। गोबर, गौ-मूत्र, गुड़ आदि के मिश्रण से तैयार किये जाने वाला जीवामृत मिट्टी की उर्वरकता बढ़ाता है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज रीवा में स्वामित्व योजना में प्रदेश के 3.70 लाख ग्रामीणों को आबादी अधिकार अभिलेखों का वितरण किया। साथ ही मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना में 82 लाख किसानों के खातों में 4-4 हजार रूपये की सम्मान निधि अंतरित की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सांकेतिक रूप से स्कूली बच्चों को नि:शुल्क मूंग वितरण भी किया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में सिंचाई के रकबे में लगातार वृद्धि की जा रही है। रीवा क्षेत्र की बाण सागर परियोजना के शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा। प्रदेश में इस वर्ष 30 हजार करोड़ रूपये की सिंचाई योजनाओं पर कार्य प्रारंभ होगा। हर खेत तक पानी पहुँचाना सरकार का संकल्प है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि 44 हजार करोड़ रूपये की केन-बेतवा योजना बन गई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूर्ण कर कार्य प्रारंभ होगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पिछली सरकार ने किसानों से कर्ज माफी के वादे तो किये परंतु कर्जमाफ नहीं किया और किसानों के सिर पर ब्याज की गठरी लाद दी। हमारी सरकार किसानों के सिर से ब्याज की गठरी उतारेगी। सरकार किसानों से 20 रूपये किलो में गेहूँ खरीदती है और गरीब परिवारों को एक रूपये किलों में देती है। केन्द्र सरकार द्वारा मुफ्त राशन का वितरण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी की तिथि को बढ़ाकर 31 मई कर दिया गया है। किसानों को गेहूँ की कमी न आए इसके लिये गेहूँ के निर्यात पर रोक लगा दी गई है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की धरती पर गुंडा, दादा, बदमाश और दबंगों को नहीं रहने दिया जाएगा, उन्हें मिट्टी में मिला देंगे। गुंडों से अवैध जमीन छुड़ाकर गरीबों में बाँटी जाएगी। प्रदेश में गत 2 वर्षों में 21 हजार एकड़ भूमि माफियाओं से छुड़वाई गई है, जिसकी लागत 15 हजार करोड़ रूपये है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में 5वीं कक्षा तक के स्कूली बच्चों को 10 किलो और कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को 15 किलो मूंग दाल नि:शुल्क दी जा रही है। सरकार लगभग 650 करोड़ रूपये की मूंग बाँटेंगी। नगरोदय अभियान में 22 हजार करोड़ के कार्य स्वीकृत किये गये हैं। स्थानीय निकायों के निर्वाचन के बाद मुख्यमंत्री भू-आवासीय योजना का लाभ हितग्राहियों को दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमारी सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिये कार्य कर रही है। स्थानीय निकाय चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ होंगे। संस्कृत विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को सरकार छात्रवृत्ति देगी। भगवान परशुराम की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। सरकार सामाजिक न्याय और सामाजिक समरसता के लिये संकल्पित है।

मुख्यमंत्र श्री चौहान ने कहा कि रीवा सहित जिन नगरों में नगर सुधार न्यास के कार्य में नागरिकों की जमीनें अनावश्यक रूप से नोटिफाई कर ली गई थी, उन्हें डिनोटिफाई किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि आवास योजना में जिन हितग्राही को पहली किस्त जारी की गई है, उन्हें आगे की किस्तें समय से जारी की जाये।

कार्यक्रम को केन्द्रीय कृषि एवं किसान-कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर(वर्चुअली), विधानसभा अध्यक्ष श्री गिरीश गौतम, राजस्व एवं परिवहन मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत (वर्चुअली), विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल, सांसद श्री जर्नादन मिश्र ने संबोधित किया। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह सहित जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान एवं स्कूली छात्र-छात्राएँ उपस्थित रही।

विकास कार्यों की सौगात एवं हितलाभ वितरण

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कार्यक्रम में 39 करोड़ रूपये के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही सम्पर्क सूत्र सेवा योजना में रीवा से सतना के लिये तीन यात्री बसों को हरी झंडी दिखा कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने स्कूली बच्चों को मूंग वितरण और स्वामित्व योजना में ग्रामीणों को आबादी भूमि के अधिकार अभिलेख भी वितरित किये।
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मुख्यमंत्री चौहान का न्यू शबरी नगर के निवासियों ने माना आभार
क्षेत्र में हुई प्रतिदिन जल आपूर्ति की व्यवस्था
मुख्यमंत्री के निर्देश पर दो घंटे में हुआ अमल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नेहरु नगर स्थित न्यू शबरी नगर तिराहे पर स्थानीय निवासियों से जल आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री चौहान प्रात: मैपकास्ट में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इस क्षेत्र से निकल रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने यहाँ रूक कर स्थानीय निवासियों से जल आपूर्ति तथा स्वच्छता के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान को निवासियों ने एक दिन छोड़कर हो रही जल आपूर्ति और क्षेत्र के एक बोरिंग के खराब होने के कारण कम पानी आने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मौके से ही फोन कर नगर निगम आयुक्त को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान मैपकास्ट से वापस लौटते समय पुन: न्यू शबरी नगर रूके और निगम द्वारा की गई कार्यवाही के बारे में जानकारी प्राप्त की। स्थानीय निवासियों ने कोलार की नई पाइप लाइन से प्रतिदिन जल आपूर्ति शुरू कराने और बोरिंग की तकनीकी खराबी को तत्काल ठीक कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री चौहान का आभार माना। क्षेत्रिय निवासियों ने बेहतर सफाई व्यवस्था के लिए भी मुख्यमंत्री श्री चौहान को पुष्प-गुच्छ भेंट कर धन्यवाद दिया। भोपाल कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया तथा निगम आयुक्त श्री के. वी. एस. चौधरी भी उपस्थित थे।
================================================================प्राकृतिक खेती धरती, पर्यावरण और मानव जीवन को बचाने का अभियान – मुख्यमंत्री चौहान
केमिस्ट्री लेब से प्रकृति लेब में ले जाने वाली है प्राकृतिक खेती
प्राकृतिक खेती से पैदा हुई सामग्री की है संपूर्ण विश्व में माँग
प्राकृतिक खेती से उपजी फल, सब्जी और अनाज में भरपूर होती है स्वाद-पौष्टिकता
किसान को भी मिलते हैं अच्छे दाम
मुख्यमंत्री चौहान ने प्राकृतिक खेती पर हुई कृषक संगोष्ठी को किया संबोधित
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्राकृतिक खेती धरती, पर्यावरण और मानव जीवन को बचाने का अभियान है। यह केमिस्ट्री लेब से निकलकर प्रकृति लेब में ले जाने वाली खेती है। प्राकृतिक खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली केमिकल रहित खेती है। रासायनिक खाद और कीटनाशक के अत्यधिक उपयोग से धरती का स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ रहा है। किसानों के केंचुए जैसे उपयोगी कीट मित्र समाप्त होते जा रहे हैं। धरती की उर्वरा शक्ति क्षीण हो गई है। रासायनिक खाद और कीटनाशकों के उपयोग से उत्पन्न होने वाले गेहूँ, धान, अनाज, फल, सब्जी आदि मनुष्यों में गंभीर रोग विकसित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन के लिए शुरू किए गए अभियान के लिए हम सब उनके आभारी हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान प्राकृतिक खेती पर सीहोर जिले के नसरूल्लागंज में हुई कृषक संगोष्ठी को निवास कार्यालय से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। अपर मुख्य सचिव कृषि तथा किसान-कल्याण श्री अजीत केसरी भी उपस्थित थे। नसरूल्लागंज कार्यक्रम में गुजरात के नीलकंठ धाम पोइचा के श्री केवल स्वरूप स्वामी जी विशेष रूप से उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 17 जिलों में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए कृषक संगोष्ठियाँ की जा रही हैं। प्रदेश के सभी जिलों में प्राकृतिक खेती के विस्तार के लिए कार्यक्रम किए गए हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा की फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर कीटनाशक और रासायनिक खाद का उपयोग होने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित हुई है। कैंसर जैसी बीमारियों के होने का एक बड़ा कारण हानिकारक रसायनों का शरीर में प्रवेश करना है। रसायन और कीटनाशक के बढ़ते उपयोग से जल की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। आने वाली पीढ़ी को बेहतर धरती और पर्यावरण सौंपना हमारी जिम्मेदारी है। यह प्राकृतिक खेती से ही संभव होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत जी इस दिशा में विशेष रूप से सक्रिय हैं। प्राकृतिक खेती से उत्पादन भी नहीं घटता है। जीवामृत, घन जीवामृत दोषरहित हैं, इनके उपयोग से गेहूँ, धान, अनाज, फल, सब्जी की पौष्टिकता और स्वाद बढ़ता हैं। प्राकृतिक खेती से पैदा हुई सामग्री की सम्पूर्ण विश्व में बहुत अधिक माँग है, परिणामस्वरूप इससे उत्पादित फल, सब्जी, अनाज आदि से किसान को अच्छा मूल्य प्राप्त होता है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्राकृतिक खेती जीरो बजट की खेती है। रासायनिक खाद और कीटनाशक का उपयोग नहीं होने से प्राकृतिक खेती में लागत कम और आय अधिक हैं। इस खेती में किसी भी कृत्रिम तत्व का उपयोग नहीं होता। परिणामस्वरूप मिट्टी का संतुलन ठीक रहता है और मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ती है। अधिक पानी की आवश्यकता नहीं होने से बिजली का उपयोग भी कम होता है। प्राकृतिक खेती में गाय के गोबर और गौ-मूत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसानों को गाय की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार प्रतिमाह 900 रूपए उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सभी किसानों से अपने खेत के एक भाग में प्राकृतिक खेती अपनाने का आहवान किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वे स्वयं इस खरीफ फसल से पाँच एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती से फसल लेना आरंभ करेंगे। नसरूल्लागंज में हुए कार्यक्रम में वरिष्ठ जन-प्रतिनिधि श्री गुरूप्रसाद शर्मा, श्री रवि मालवीय तथा गांधी नगर अहमदाबाद से आए उप संचालक कृषि श्री पी.बी. खिस्तारिया उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री चौहान ने मैपकॉस्ट परिसर में किया पौध-रोपण
केन्द्रीय मंत्री श्री पटेल तथा मंत्री श्री सखलेचा ने भी किया पौध-रोपण
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मैपकॉस्ट परिसर में मौलश्री, नीम, मधु कामिनी और अशोक के पौधे लगाए। केन्द्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री श्री प्रहलाद पटेल तथा मध्यप्रदेश विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ओम प्रकाश सखलेचा की उपस्थित थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान अपने संकल्प के क्रम में प्रतिदिन पौध-रोपण करते हैं।

आज लगया गया मौलश्री एक औषधीय वृक्ष है। इसका सदियों से आयुर्वेद में उपयोग होता आ रहा है। मधुकामिनी भी औषधीय, सदाबहार पौधा है। शास्त्रों में अशोक के पौधे का बड़ा महत्व है। अशोक के पेड़ के आसपास सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नीम स्वास्थ्य के लिए बहुत अधिक लाभदायक होता है।
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