• Tue. Jul 28th, 2026

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने 18 वर्ष से कम उम्र और बिना किसी आपराधिक रिकॉर्ड वाले हिरासत में लिए गए विद्यार्थियों को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिए

सर्वोच्‍च न्‍यायालय ने 18 वर्ष से कम उम्र और बिना किसी आपराधिक रिकॉर्ड वाले हिरासत में लिए गए विद्यार्थियों को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिए
SC,studentसर्वोच्‍च न्‍यायालय ने 18 वर्ष से कम उम्र और बिना किसी आपराधिक रिकॉर्ड वाले हिरासत में लिए गए विद्यार्थियों को तुरंत रिहा करने का निर्देश दिए
सर्वोच्च न्यायालय ने आज गैर आपराधिक रिकॉर्ड वाले 18 वर्ष से कम आयु के छात्र प्रदर्शनकारियों को रिहा करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने अधिकारियों को नीट परीक्षा पेपर लीक के विरोध में हुए हालिया राष्ट्रव्यापी प्रदर्शनों से संबंधित इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया।

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि पिछले सप्ताह हुए प्रदर्शनों के दौरान छात्रों और पुलिस अधिकारियों को लगी चोट के आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच आवश्यक है। प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने कई अंतरिम निर्देश जारी किए।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की पीठ ने प्रदर्शन वाले सभी राज्यों को निर्देश दिया कि वे सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, कैमरा फुटेज, वायरलेस संचार रिकॉर्ड, पीसीआर लॉग और प्रदर्शनों से संबंधित अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखें।

न्यायालय ने आदेश दिया कि प्रदर्शनकारियों से एकत्र किए गए किसी भी डिजिटल डेटा को सुरक्षित रखा जाए, लेकिन उसे सार्वजनिक न किया जाए। पीठ ने प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई पर भी रोक लगा दी है।

पीठ ने दिल्ली सरकार को दर्ज एफआईआर की जांच जारी रखने की अनुमति दी है, लेकिन कहा कि कार्यवाही लंबित रहने के दौरान पात्र प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।

पीठ ने दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, केरल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिवों से याचिकाओं में लगाए गए आरोपों पर जवाब भी मांगा।

न्यायालय ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपों के आधार पर निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच पर विचार किया जाना चाहिए, जिसमें 200 से अधिक घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों की चिंताओं को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छात्र पुलिसकर्मियों के खिलाफ हिंसा नहीं करेंगे, लेकिन कुछ उपद्रवी तत्वों का इन घटनाओं में हाथ है।
================================================Courtesy====================

 

aum

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *