अमरीका के राष्ट्रपति ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी जहाजों की नाकेबंदी फिर शुरू करने की घोषणा की
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अमरीका ने लगातार तीसरी रात ईरान पर हमले किए। इससे दोनों देशों के बीच दुश्मनी और बढ़ गई है। अमरीकी सेंट्रल कमान-सेंटकॉम ने कहा कि इन हमलों से ईरानी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में निर्दोष नागरिकों और वाणिज्यिक जहाजों पर हमला करने की उनकी क्षमता कमज़ोर होगी। अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने नतांज़ के पास मौजूद ‘पिकैक्स माउंटेन’ को नष्ट करने की धमकी दी है। यह ज़मीन के बहुत नीचे बना एक न्यूक्लियर साइट है, जिसके बारे में पश्चिमी खुफिया एजेंसियों को शक है कि ईरान वहाँ एक अघोषित परमाणु संवर्धन सुविधा का निर्माण कर रहा है।
इससे पहले कल अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमरीका होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरानी जहाजों की फिर से नाकाबंदी करेगा। इसके अलावा अमरीका समुद्री सुरक्षा का खर्च उठाने के लिए इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले माल पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाएगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में कहा कि यह रोक सिर्फ़ ईरानी जहाजों और ईरान के साथ व्यापार करने वाले जहाजों पर लागू होगी। उन्होंने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुला है और ईरान के साथ या उसके बिना खुला रहेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दूसरे देशों के वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के जारी रहेगी।
अमरीका की सेना ने कहा है कि वह आज रात से ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी फिर से शुरू करेगी।
यह घोषणा होर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों पर ईरानी हमलों के बाद फिर से बढ़े तनाव के बीच की गई है। अमरीका ने ईरान में कई ठिकानों पर हमले भी किए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन, ओमान और कुवैत सहित पूरे पश्चिम एशिया में जवाबी हमले किए हैं।
दूसरी ओर ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपना अधिकार जताया है और अमरीका के इस कदम को खारिज कर दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम ज़ोलफ़गारी ने कहा कि ईरान किसी भी हाल में अमरीका को होर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रबंधन में दखल नहीं देने देगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर कोई क्षेत्रीय देश अमरीका की सेना को लॉजिस्टिकल मदद देता है, तो इसे ईरान के खिलाफ़ युद्ध की कार्रवाई माना जाएगा।
अंतर्राष्ट्रीय नौवहन की देखरेख करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन ने कहा कि वह राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्ताव के बारे में और जानकारी का इंतज़ार कर रहा है, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों से गुजरने के लिए शुल्क लगाने का विरोध करता है।
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