• Sat. Jun 13th, 2026

भारत और सिंगापुर ने 16वें रक्षा नीति संवाद के दौरान रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के नए रास्ते तलाशे

भारत और सिंगापुर ने 16वें रक्षा नीति संवाद के दौरान रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के नए रास्ते तलाशे
bharat,singapore

रक्षा सचिव और स्थायी सचिव (रक्षा) ने रक्षा उद्योग और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की

नियम-आधारित हिंद – प्रशांत के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की

प्रविष्टि तिथि: 28 MAY 2026

रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह और स्थायी सचिव (रक्षा) श्री जोसेफ लियोंग ने 28 मई, 2026 को सिंगापुर में आयोजित 16वें भारत-सिंगापुर रक्षा नीति वार्ता की सह-अध्यक्षता की। दोनों सचिवों ने जारी रक्षा समझौतों की प्रगति की समीक्षा की और रक्षा सहयोग, सैन्य गतिविधियों, रक्षा उद्योग सहयोग, क्षमता निर्माण और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा की। उन्होंने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने तथा उद्योगों के बीच सहयोग सहित पारस्परिक हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के नए रास्ते भी तलाशे।

 

दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, समुद्री सुरक्षा, मानवरहित प्रणालियों और उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकियों जैसे मुख्य और उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। इन चर्चाओं में उभरते क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए नवाचार-आधारित साझेदारी और उभरते क्षेत्रों में  सहयोग के महत्व पर बल दिया गया।

दोनों पक्षों ने दक्षिणपूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (आसियान) के नेतृत्व वाले तंत्रों तथा आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (एडीएमएम-प्लस) ढांचे सहित क्षेत्रीय और बहुपक्षीय मंचों में भारत और सिंगापुर के बीच निरंतर सहयोग की सराहना की। दोनों देशों ने एक खुली, समावेशी और नियम-आधारित क्षेत्रीय सुरक्षा संरचना का समर्थन करने के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में व्यावहारिक और रचनात्मक रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

इस वार्ता में भारत-सिंगापुर रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर उच्च स्तरीय आदान-प्रदान और गहन संस्थागत सहयोग के महत्व का उल्लेख किया गया। उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को और मजबूत करने तथा आने वाले वर्षों में  सहयोग को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

रक्षा सचिव ने सिंगापुर सशस्त्र बलों की डिजिटल और खुफिया सेवा के डिजिटल संचालन प्रौद्योगिकी केंद्र का भी दौरा किया। इस दौरे से सिंगापुर सशस्त्र बलों की डिजिटल और तकनीकी क्षमताओं के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्राप्त हुई। इससे युद्ध के विशिष्ट और उभरते क्षेत्रों में भारतीय रक्षा बलों के साथ सहयोग की संभावनाओं का पता लगाने में मदद मिली।
=====================================================Courtesy===============================================

भारत और सिंगापुर ने 16वें रक्षा नीति संवाद के दौरान रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के नए रास्ते तलाशे
bharat,singapore

aum

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *