• Thu. Jul 23rd, 2026

UN ने चेर्नोबिल त्रासदी की 40वीं वर्षगांठ पर परमाणु तकनीक के शांतिपूर्ण उपयोग का आग्रह किया

UN ने चेर्नोबिल त्रासदी की 40वीं वर्षगांठ पर परमाणु तकनीक के शांतिपूर्ण उपयोग का आग्रह किया
Un,chernobiltragedy,nucleartechnicUN ने चेर्नोबिल त्रासदी की 40वीं वर्षगांठ पर परमाणु तकनीक के शांतिपूर्ण उपयोग का आग्रह किया
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने चेर्नोबिल त्रासदी की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर परमाणु प्रौद्योगिकी के शांतिपूर्ण उपयोग का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा की अध्यक्ष एनालेना बेरबॉक ने कल एक विशेष स्मृति सभा में कहा कि चेर्नोबिल त्रासदी ने बताया है कि शांतिपूर्ण उपयोग के बावजूद परमाणु प्रौद्योगिकी अन्य प्रौद्योगिकियों से मौलिक रूप से भिन्न है।

चेर्नोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र के रिएक्टर संख्या 4 में 26 अप्रैल 1986 को कई विस्फोट हुए, जिससे यूक्रेन, बेलारूस और यूरोप के अन्य हिस्सों में रेडियोधर्मी प्रदूषण फैल गया।

सुश्री बेरबॉक ने कहा कि 80 लाख से अधिक लोग विकिरण के संपर्क में आए, हजारों लोगों की मृत्यु और बच्चों को ल्यूकेमिया सहित कई अन्य बीमारियां हुईं। उन्होंने कहा कि कई लोगों को दीर्घकालिक देखभाल लेनी पड़ी, जिससे उनका जीवन प्रभावित हुआ।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेस ने इसे इतिहास की सबसे बड़ी परमाणु दुर्घटना बताया। उन्होंने कहा कि चेर्नोबिल न केवल एक राष्ट्रीय त्रासदी थी, बल्कि यह एक सबक भी है कि परमाणु दुर्घटनाओं के परिणाम अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए समान रूप से मायने रखते हैं।

संयुक्त राष्ट्र में रूस के उप स्थायी प्रतिनिधि दिमित्री चुमाकोव ने कहा कि उचित सावधानी के बिना कोई भी तकनीक खतरा पैदा कर सकती है।
====================================================Courtesy================================
UN ने चेर्नोबिल त्रासदी की 40वीं वर्षगांठ पर परमाणु तकनीक के शांतिपूर्ण उपयोग का आग्रह किया
Un,chernobiltragedy,nucleartechnic

 

aum

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *