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विदेश मंत्रालय ने खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हाल के हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की

विदेश मंत्रालय ने खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हाल के हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की
indiaविदेश मंत्रालय ने खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हाल के हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की
भारत ने खाड़ी क्षेत्र में ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हाल के हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है और इन्हें बेहद चिंता जनक बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज नई दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इन हमलों से, पहले से ही अनिश्चित वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में और अधिक अस्थिरता का खतरा है।

ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और इन्हें बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एलपीजी की उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है और सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दे रही है तथा ऊर्जा के अलग-अलग स्रोतों के इस्तेमाल पर काम कर रही है।

श्री जायसवाल ने कहा कि पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को लेकर वैश्विक नेता लगातार संपर्क में है और भारत ने इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश, श्रीलंका और मॉलदीव सहित पड़ोसी देशों द्वारा ऊर्जा सहायता की मांग की जा रही है।

अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमले के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि भारत ऐसे क्रूर हमलों की निंदा करता है जिसमें नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया और लोगों को क्षति पहुंचाई गई।

अमरीका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबाड के पाकिस्तान को लेकर बयान पर श्री जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान का परमाणु प्रसार को लेकर पुराना इतिहास रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी परमाणु गतिविधियों के कारण पूरे विश्व के लिए खतरा उत्पन्न करता है।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नाविकों के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि भारत में नाविकों का बहुत बड़ा समुदाय है और भारतीय नाविक समुदाय के 90 प्रतिशत कर्मी वैश्विक वाणिज्यिक पोत परिवहन क्षेत्र में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में भारत के 22 जहाज़ों में 611 नाविक है।

उन्होंने आश्वासन दिया कि भारत उनकी कंपनियों के साथ संपर्क में है और कई नाविक लौट आए हैं। ईरान में फंसे विद्यार्थियों के बारे में श्री जायसवाल ने बताया कि ईरान में बड़ी संख्या में विद्यार्थी चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे हैं जिसमें कश्मीर की लड़कियां भी शामिल है।

उन्होंने कहा कि भारत उनकी हर संभव सहायता करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सभी भारतीय नागरिक जो ईरान की सीमा पार करना चाहते हैं उन्हें सबसे पहले ईरान स्थित भारतीय दूतावास से संपर्क करना चाहिए ताकि प्रक्रिया सहज बन सके। श्री जायसवाल ने आशा व्यक्त की कि अगले कुछ दिनों में इन सभी को स्वदेश वापस लाया जाएगा।

चाबहार बंदरगाह के बारे में श्री जायसवाल ने कहा कि अमरीका ने चाबहार बंदरगाह के लिए सशर्त प्रतिबंधों में 26 अप्रैल तक छूट दी है। उन्होंने कहा कि सरकार इन घटनाक्रमों के प्रभाव के सिलसिले में सभी संबंधित पक्षों से लगातार संपर्क में है।

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण द्वारा हिरासत में लिए गए छह यूक्रेनी और एक अमरीकी नागरिक के बारे में श्री जायसवाल ने बताया कि यह कानूनी मुद्दा है, और संबंधित सरकारी एजेंसियां इसकी जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में राजनयिक संपर्क का अनुरोध मिला है और इस बारे में कानूनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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