भारत-नीदरलैंड्स ने सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर की चर्चा
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भारत और नीदरलैंड्स ने सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, ग्रीन हाइड्रोजन, स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत विनिर्माण सहित प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। यह चर्चा आज हेग में वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल तथा नीदरलैंड की आर्थिक मामलों और जलवायु नीति मंत्री हीलीन हर्बर्ट के बीच बैठक में हुई। बैठक की जानकारी साझा करते हुए सोशल मीडिया पोस्ट में श्री गोयल ने बैठक को उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने रणनीतिक प्रौद्योगिकी और औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर विचार किया। बैठक में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का लाभ उठाकर व्यापार बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने और दोनों देशों के लिए विकास के नए अवसर तलाशने पर भी चर्चा हुई।
भारत और यूरोपीय संघ ने इस वर्ष जनवरी में मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी कर ली थी। सितंबर में यूरोपीय आयोग ने समझौते पर हस्ताक्षर और इसे औपचारिक रूप से मंजूरी देने के लिए यूरोपीय संघ परिषद को प्रस्ताव सौंपे थे। समझौते को लागू होने से पहले आवश्यक मंजूरियां मिलना बाकी है।
इस बीच, नीदरलैंड के विदेश व्यापार और विकास सहयोग मंत्री श्योर्ड श्योर्ड्समा ने उम्मीद जताई है कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते पर दिसंबर में हस्ताक्षर होंगे और इसे जल्द से जल्द लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नीदरलैंड और यूरोपीय संघ समझौते की शेष औपचारिकताएं पूरी करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने इस समझौते को अनूठा और व्यापक प्रभाव वाला बताया।
श्री श्योर्ड्समा ने भारत और नीदरलैंड के बीच व्यापार जल्द से जल्द दोगुना करने की इच्छा भी जताई। हेग में उन्होंने सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकी, बंदरगाह संपर्क और हरित परिवहन गलियारों को द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के प्रमुख क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध अब तक के सर्वोच्च स्तर पर हैं। उन्होंने यह भी पुष्टि की कि वह श्री गोयल के निमंत्रण पर अगले वर्ष जनवरी में भारत आएंगे। श्री गोयल 24 से 27 अक्टूबर तक नीदरलैंड की यात्रा पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करना है।
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