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पश्चिमी एशिया में गहराते संकट के बीच अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान से बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग की

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इस्राएल और अमरीका की संयुक्त सेनाओं और ईरान के बीच संघर्ष का आज सातवां दिन है। अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के साथ किसी भी समझौते से इनकार कर दिया और उसके बिना शर्त आत्मसमर्पण का आह्वान किया। राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि अमरीका और उसके सहयोगी ईरान को विनाश के कगार से वापस लाने और उसे आर्थिक रूप से पहले से कहीं अधिक बड़ा, बेहतर और मजबूत बनाने के लिए अथक प्रयास करेंगे।
उधर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने कहा है कि कुछ देशों ने संघर्ष को सुलझाने के लिए मध्यस्थता के प्रयास शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा की ईरान क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए प्रतिबद्ध है और उसे राष्ट्र की गरिमा और संप्रभुता की रक्षा करने में कोई संकोच नहीं है। हालांकि, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि वर्तमान स्थिति के लिए अमरीका पूरी तरह से जिम्मेदार है।
इस बीच, इस्राएल ने ईरान और लेबनान की राजधानियों पर बमबारी की, जबकि अमरीका ने कथित तौर पर समुद्र में एक ईरानी ड्रोन वाहक पर हमला किया। इस्राएल के 50 लड़ाकू विमानों ने दिवंगत ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई से जुड़े भूमिगत सैन्य बंकर को निशाना बनाकर हमला किया। इस्राएली सेना ने ईरान के अधिकांश हवाई सुरक्षा तंत्र और मिसाइल लॉन्चरों को नष्ट करने का दावा किया। अमरीकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी कि ईरान पर हमले नाटकीय रूप से बढ़ने वाले हैं। युद्ध में अब तक ईरान में 1230 लोग, लेबनान में 120 से अधिक और इस्राएल में लगभग एक दर्जन लोग मारे गए हैं। छह अमरीकी सैनिक भी शहीद हुए हैं।
इस युद्ध के कारण तेल की कीमतों में पहले ही भारी उछाल आ चुका है। कतर के ऊर्जा मंत्री ने चेतावनी दी है कि इससे दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं चरमरा सकती हैं, उन्होंने खाड़ी देशों के ऊर्जा निर्यात में व्यापक रुकावट की भविष्यवाणी की है। इससे तेल की कीमत 150 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक गिर सकती है।
कतर ने बहरीन पर ईरानी हमले की निंदा की है। इसमें सेना के ठिकानों को निशाना बनाया गया था। हमले में खाड़ी सहयोग परिषद की क्षेत्रीय एकीकृत सैन्य कमान को निशाना बनाया गया था। लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इस्राएल-हिजबुल्लाह युद्ध के बीच लेबनान की मदद के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर लोगों के विस्थापन के कारण मानवीय आपदा का खतरा मंडरा रहा है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने कहा कि दुनिया को इस युद्ध को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।
कतर के वायु रक्षा बलों ने आज दोहा स्थित अमरीका के सबसे बड़ा सैन्य अड्डे अल-उदैद एयरबेस को निशाना बनाकर किए गए ड्रोन हमले को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। कतर ने कहा कि खतरा टल गया है और स्थिति सामान्य हो गई है। बहरीन ने कहा कि ईरान ने राजधानी मनामा में एक होटल और दो आवासीय इमारतों को निशाना बनाया, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात ने भी कहा कि उसके वायु रक्षा बलों ने ईरान से आने वाले कई मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना किया।
दूसरी ओर इस्राएली वायु सेना ने आज लेबनान में हिजबुल्लाह के बेरूत स्थित मुख्यालय और सैन्य ढांचे वाली इमारतों पर हमला किया। हमलों की शुरुआत से लेकर अब तक इस्राएल ने बेरूत के दक्षिण में स्थित दहियेह में कुल 26 बार हमले किए हैं। आज सुबह इस्राएल ने घोषणा की कि उसने बेरूत में हिजबुल्लाह कमांडर जैद अली जुमा को और त्रिपोली क्षेत्र में हमास कमांडर वसीम अत्ताल्लाह अली को मार गिराया है। अमरीका के कमांडर ब्रैड कूपर ने कहा कि पिछले 72 घंटों में ईरान के भीतरी इलाकों में लगभग 200 ठिकानों पर हमले किए गए। ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबज़ादेह ने कहा कि तेहरान फारस की खाड़ी में एक ज़िम्मेदार शक्ति बना हुआ है।
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