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3.2% वैश्‍विक विकास दर की तुलना में भारत 8.2% की विकास दर के साथ तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था: वित्त मंत्री

3.2% वैश्‍विक विकास दर की तुलना में भारत 8.2% की विकास दर के साथ तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था: वित्त मंत्री
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि 3.2 प्रतिशत वैश्‍विक विकास दर की तुलना में भारत 8.2 प्रतिशत की विकास दर के साथ सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन रहा है। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष में सभी वैश्विक संस्थाएं देश के विकास के अनुमानों को बढ़ा रही हैं। वित्त मंत्री ने कल लोकसभा में 2025-26 के लिए अनुदान की पूरक मांगों के जवाब में यह बात कही।

अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प द्वारा देश की अर्थव्यवस्था के बारे में की गई नकारात्मक टिप्पणी पर विपक्ष की प्रतिक्रिया की मांग पर प्रहार करते हुए वित्त मंत्री ने जोर दिया कि भारत को तीन प्रमुख वैश्विक एजेंसियों – डीबीआरएस, स्‍टैंडर्ड एंड पूअर्स और आरएंडआई – से रेटिंग अपग्रेड प्राप्त हुए हैं और भारत ने आलोचकों को गलत साबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग सामान और रक्षा जैसे क्षेत्रों में शुद्ध निर्यातक के रूप में उभरा है। वित्त मंत्री ने कहा कि वास्तविक घरेलू खपत से पता चलता है कि आबादी के निचले 40 प्रतिशत-बी40 लोग शीर्ष 20 प्रतिशत-टी20 लोगों की तुलना में काफी तेजी से धन और संपत्ति अर्जित कर रहे हैं।

वित्त मंत्री सीतारामन ने कहा कि संपत्ति के स्वामित्व विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में असमानता में भारी कमी आई है। इन क्षेत्रों में मोटर वाहन और रेफ्रिजरेटर जैसी प्रमुख संपत्तियों में असमानता में नाटकीय रूप से कमी आई है। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में विकास व्यापक आधार वाला रहा है।

पूरक मांगों पर वित्त मंत्री ने कहा कि नए आईआईटी, आईआईएम और एम्स केवल शिक्षा पर सरकारी खर्च के माध्यम से ही संभव हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि 2014-15 से रक्षा के लिए 53 दशमलव 83 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं और कहा कि 16 हजार लघु एवं मध्यम उद्यम भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। बाद में, लोकसभा ने 2025-26 के लिए अनुदान की पूरक मांगों – प्रथम बैच को मंजूरी दे दी, जिसमें एक लाख 32 हजार करोड़ रुपये के कुल अतिरिक्त व्यय के लिए संसद की स्वीकृति मांगी गई थी।

निचले सदन ने विनियोग-संख्या 4 विधेयक, 2025 को भी मंजूरी दे दी। यह विधेयक वित्तीय वर्ष 2025-26 की सेवाओं के लिए भारत की संचित निधि से कुछ अतिरिक्त राशियों के भुगतान और विनियोग को अधिकृत करता है।समाजवादी पार्टी के नीरज मौर्य, तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय, कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल और भाजपा के डॉ. सी.एन. मंजुनाथ सहित अन्य पार्टी सांसदों ने चर्चा में भाग लिया।
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