बेटियों के प्रति घृणित विचार रखने वालों के खिलाफ अभियान की कमान संभाले महिलाए: मुख्यमंत्री

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दुष्कर्मियों को फांसी के समर्थन में उठे हजारों महिलाओं के हाथ
फांसी कानून के पक्ष में व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलेगा
भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने प्रदेश के महिला संगठनों से आग्रह किया है कि वे बेटियों के साथ ज्यादती करने वाले नर पिशाचों को फांसी देने वाले कानून के पक्ष में सभी जिलों में हस्ताक्षर अभियान चलायें और कानून के पक्ष में वातावरण का निर्माण करें ताकि पूरे देश को इसका लाभ मिले। मुख्यमंत्री आज यहां प्रदेश भर के महिला संगठनों द्वारा आयोजित समारोह को संबोधित कर रहे थे। ये महिलाएं बेटियों की गरिमा की रक्षा के लिये बनाये गये क्रांतिकारी कानून बनाने के लिये मुख्यमंत्री श्री चौहान का अभिनंदन करने के लिये एकत्रित हुईं थीं। इस अवसर पर हजारों महिलाओं ने हाथ उठाकर दुष्कर्मियों को फांसी के फैसले पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए जोरदार नारे लगाए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं से कहा कि यह अभिनंदन का नहीं बल्कि बेटियों की गरिमा और सम्मान की रक्षा करने के संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने विशाल संख्या में उपस्थित महिलाओं को बेटियों की रक्षा और सम्मान में आगे बढ़कर जन-जागरण अभियान करने नेतृत्व करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों और महिलाओं के प्रति कुत्सित पुरुष प्रधान मानसिकता को बदलने के लिये व्यापक अभियान चलाने की आवश्यकता है। महिला शक्ति को जागृत होना पड़ेगा और समाज को अपनी शक्ति का अनुभव कराना होगा।

श्री चौहान ने कहा कि महिलाओं के विरुद्ध अपराधों पर निगरानी रखने के लिये अलग से एडीजी की नियुक्ति की जायेगी साथ ही चार आईजी भी उनके सहयोग के लिये होंगे। वे महिलाओं से संबंधित अपराधों पर सतत् निगरानी रखेंगे। श्री चौहान ने बताया कि 19 दिसम्बर से आदिशंकराचार्य की विशाल प्रतिमा स्थापित करने के लिये और प्रदेश के कोने-कोने से धातु और मिट्टी एकत्र करने के लिये एकात्म यात्रा प्रारंभ हो रही है। इसमें शामिल होने वाले संत-महात्मा भी यात्रा के साथ बेटी-बचाओ, बेटी पढ़ाओ संदेश समाज को देंगे। उन्होंने कहा कि बेटियों पर बुरी नजर रखने वाले के लिये सरकार ने फांसी जैसी कठोर सजा का प्रावधान किया है, लेकिन समाज को मिलकर पुरुष प्रधान मानसिकता को बदलना होगा कि महिलाएं सिर्फ उपभोग करने वाली वस्तु है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों में महिला स्वसहायता समूहों और शौर्या दलों को यह जिम्मेदारी दी जायेगी कि वे बेटियों के प्रति घृणित मानसिकता रखने वालों पर निगरानी रखें और ऐसे लोगों के चरित्र के बारे में संबंधित पुलिस प्रशासन को अवगत करायें। उन्होंने कहा कि हर जिले में महिलाओं, प्रबुद्ध नागरिकों, जनप्रतिनिधि, मीडिया के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के संयुक्त सम्मेलन आयोजित किये जायेंगे। इसमें महिलाओं की रक्षा और सुरक्षा से संबंधित मुद्दों पर विचार होगा। इससे समाज में जागरुकता आयेगी।

श्री चौहान ने कहा कि महिला अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 8 मार्च को महिला अपराधों के विरुद्ध संकल्प की अभिव्यक्ति स्वरूप संगठन बनाने की पहल की जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से महिलाओं के सम्मान में सभी जरूरी कदम उठाये जायेंगे। हर जिले में वन स्टॉप हेल्पसेंटर बनाये जायेंगे। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिये जायेंगे की वे महिला छात्रावासों, स्कूल कालेजो, कोचिंग केन्द्रों और अन्य कार्य स्थलों में नियमित रूप से भ्रमण करें और बेटियों की समस्याओं के संबंध में चर्चा करें ताकि पहले से प्रतिबंधनात्मक उपाय किये जा सके। उन्होंने कहा कि बेटियों को लाने-ले-जाने वाली बसों में महिला कंडक्टर नियुक्त किये जायेंगे। छात्रावासों में प्रवेश द्वार पर सीसीटीव्ही कैमरे लगाये जायेंगे। महिला छात्रावासों में सफाई करने और खाना बनाने वाली महिलाएं रखी जायेंगी। स्कूलों में आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया जायेगा। बसों में जीपीएस सिस्टम और सीसीटीव्ही लगायें जायेंगे। बेटियों को जागरूक किया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में बेटियों के प्रति घृणित मानसिकता का बढ़ना समाज के लिये खतरनाक है। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण ही से देश सशक्त बनेगा। राज्य में बेटियों को अधिकार संपन्न बनाने के लिये और उनके जन्म को उत्सव बनाने के लिये कई उपाय किये गये हैं। स्थानीय निकायों में पचास प्रतिशत आरक्षण दिया गया है इससे ज्यादा संख्या में वे चुनकर आईं है और पूरी प्रतिभा और क्षमता के साथ स्थानीय सरकार चला रही हैं। श्री चौहान ने कहा कि महिलाओं के स्वसहायता समूहों के परिसंघ को पौष्टिक पोषण आहार बनाने की फेक्ट्री चलाने की जिम्मेदारी दी जायेगी। इसमें सरकार उनकी मदद करेगी। उनके द्वारा दिये जा रहे लोन की गारंटी भी सरकार ले सकती है। उन्हें स्कूल यूनिफार्म की सिलाई करने का भी काम सौंपा जायेगा। श्री चैहान ने कहा कि महिलाओं की रक्षा और उनकी गरिमा का सम्मान बनाये रखने के लिये फांसी जैसा कठोरतम दंड दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस पर पूरा देश विचार-विमर्श कर सकता है कि बेटियों की इज्जत से खेलने वालों को फांसी देना चाहिए। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से पूछा तो सबने एक स्वर में फांसी के कानून की वकालत की। श्री चौहान ने कहा कि मानव अधिकार सिर्फ मानवों के लिये होते हैं। दानवों के लिये नहीं। ऐसे नर-पिशाचों को जानवर कहना भी जानवर का अपमान होगा। श्री चैहान ने कहा कि मध्यप्रदेश ने जो कानून पास किया है उससे नर-पिशाच अपराध करने से डरेंगे। यह कानून राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिये भेजा जा रहा है। इसी बीच कई जिलों में महिलाओं ने इस कानून के पक्ष में हस्ताक्षर अभियान चलाना शुरु कर दिया है। श्री चौहान ने छेड़छाड़ करने, शादी का झांसा देकर त्याग देने जैसी घटनाओं के संबंध में कहा कि यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। अश्लील मेसेज देने और टिप्पणियां करने जैसे कृत्यों को भी गैर-जमानती अपराध माना गया है और कठोर सजा का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों के साथ मिलकर राष्ट्रपति से इस कानून को अनुमति देने की अपील की जायेगी। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को सामाजिक अभियान चलाने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि पूरे समाज को ऐसे घृणित मानसिकता वाले नर-पिशाचों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चैहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में कन्या जन्म के साथ ही उसे लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंचल में लाकर परिवार को सुकुन दिया जाता है। जब पुत्री 12वीं पास होती है और ससुराल जाने की बेला आती है तो उसे एक लाख 18 हजार रू. नगद प्राप्त होते हैं। इस दरमियान शिक्षा के लिए उसे छात्रवृत्ति मिलती रहती है। कन्या का विवाह अब परिवार पर बोझ नहीं रहा है। राज्य सरकार ने कन्यादान, निकाह योजना प्रारंभ करके परिवार को चिंता मुक्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में नगरीय निकायों, ग्रामीण निकायों में 50 प्रतिशत आरक्षण दिया, लेकिन उन्होंने इसके अतिरिक्त 6 प्रतिशत पर कब्जा जमा लिया है तथा प्रदेश के उत्कृष्ट प्रशासन दिया है। जिस पर हम गर्व कर सकते है। राज्य सरकार ने शिक्षा विभाग में 50 प्रतिशत आरक्षण पुलिस में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उनमें आत्मविश्वास जगा दिया है।

इस अवसर पर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्त्रबुद्धे, भाजपा के राज्य अध्यक्ष श्री नंदकुमार सिंह चौहान, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अर्चना चिटनीस, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती कुसुम महदेले, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्रीमती माया सिंह, महिला एवं बाल विकास अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव, महिला मोर्चा की अध्यक्षा सुश्री लता एलकर, श्रीमती साधना सिंह, सांसद श्री ज्योति धुर्वे, पूर्व महापौर श्रीमती कृष्णा गौर और विशाल संख्या में प्रदेश की महिलाएं और बेटियां उपस्थित थीं। महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष लता ऐलकर ने श्री शिवराज सिंह चौहान के सम्मान में प्रशस्ति पत्र का वाचन किया तथा महिला मोर्चा की प्रदेश प्रभारी श्रीमती कृष्णा गौर ने आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया। झाबुआ से आये तीर कमान लिये हुए आदिवासी युवतियों ने अपने परंपरागत लोकनृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया।

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री और उनकी धर्म पत्नी श्रीमती साधना सिंह ने कन्याओं के पैर धोकर उनकी आरती उतारी । बेटियों की रक्षा के लिये क्रांतिकारी कानून लागू करने की पहल के लिये महिलाओं की ओर से श्री चौहान को अभिनंदन पत्र भेंट किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बहनों के स्नेह का सम्मान करते हैं लेकिन यह अभिनंदन नहीं महिलाओं के सम्मान और गरिमा की रक्षा का संकल्प पत्र है।

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