राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रोजगार – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रोजगार – मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान
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मुख्यमंत्री श्री चौहान ने किया 110 करोड़ लागत की गारमेंट इकाई का भूमि-पूजन
दस हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
कोरोना के बावजूद औद्योगिक इकाइयों की संख्या में 48% और रोजगार सृजन में 38 % की हुई वृद्धि
शासकीय के साथ निजी क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएँ
बैरसिया के पातलपुर में कृषि आधारित उद्योग और बंदीखेड़ी में अन्य उद्योगों के लिए 200 एकड़ भूमि आरक्षित
टेक्सटाइल पार्क अचारपुरा तथा जल आपूर्ति परियोजना का लोकार्पण
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रोजगार है। राज्य सरकार कुछ ही दिनों में 1 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया आरंभ कर रही है। राज्य सरकार द्वारा रोजगार के अवसर सृजित करने के साथ उद्यमिता, स्व-रोजगार को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। निजी क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएँ हैं। इसे देखते हुए प्रदेश में औद्योगिक विकास और औद्योगिक निवेश की गति को तेज किया गया है। पिछले 17 महीने में कोरोना महामारी के बावजूद 384 इकाइयों को 840 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इससे 11 हजार करोड़ पूंजी निवेश और 22 हजार व्यक्तियों को रोजगार मिलेगा। प्रदेश में कोरोना संकट की परिस्थितियों के बाजवूद औद्योगिक इकाइयों की संख्या में 48 प्रतिशत, भूमि आवंटन में 32 प्रतिशत, पूंजी निवेश में 33 प्रतिशत और रोजगार सृजन में 38 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान भोपाल के अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में गोकुलदास एक्सपोर्ट्स लिमिटेड की रेडीमेड गारमेंट्स इकाई के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने टेक्सटाईल पार्क अचारपुरा और विशेष शिक्षा क्षेत्र तथा औद्योगिक क्षेत्र अचारपुरा में जल आपूर्ति परियोजना कार्य का भी लोकार्पण किया। कार्यक्रम में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, विधायक बैरसिया श्री विष्णु खत्री, गोकुलदास एक्सपोर्टस के प्रबंध संचालक श्री शिवराम कृष्ण गणपति तथा अधिकारी उपस्थित थे।

स्थानीय व्यक्तियों को मिलेगा रोजगार : तीन चौथाई से अधिक महिलाएँ करेंगी कार्य

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गोकुलदास एक्सपोर्टस द्वारा प्रस्तावित यह इकाई 10 एकड़ भूमि पर बनेगी। कंपनी द्वारा 110 करोड़ रूपये का पूंजी निवेश किया जाएगा, जिसमें 4 हजार से अधिक स्थानीय व्यक्तियों को रोज़गार उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही प्लांट में तीन चौथाई से अधिक महिलाएँ कार्य करेंगी। इस इकाई से ही लगभग 10 हजार लोगों को रोज़गार मिलेगा। अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र 146 हेक्टेयर भूमि पर विकसित है। टेक्सटाइल पार्क अचारपुरा में 154 भूखण्ड हैं, जिनमें उद्योग स्थापना पर 800 करोड़ पूंजी निवेश की संभावनाएँ हैं।

उद्योगों को मिलेगा पर्याप्त जल

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में उद्योगों को जल प्रदाय के लिए 16 करोड़ 81 लाख रुपए की लागत से नर्मदा जल प्रदाय पाइप लाइन योजना का लोकार्पण हुआ है। इससे लगभग 300 इकाइयों को प्रतिदिन 3 MLD जल प्रदाय किया जा सकेगा। उद्योगों को पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

बैरिसया के बंदीखेड़ी और पातलपुर में भी लगेंगे उद्योग

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अचारपुरा के साथ यहाँ से 10 किलोमीटर दूरी पर स्थित बंदीखेड़ी ग्राम में उपलब्ध 200 एकड़ भूमि पर उद्योग विकसित किए जाएंगे। इसी प्रकार बैरसिया के निकट पातलपुर में उपलब्ध भूमि को कृषि आधारित उद्योगों के लिए चिन्हित किया गया है। हमारा उद्देश्य स्थानीय युवाओं, माताओं-बहनों को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में प्रदेश ने लगाई लम्बी छलांग

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश ने ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में लम्बी छलांग लगाई है। प्रदेश अब देश में चौथे स्थान पर है। हमारा प्रयास है कि अगली रैंकिंग में मध्यप्रदेश का नाम टॉप तीन में हो। प्रदेश में उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए “स्टार्ट योर बिजनेस इन थर्टी डेज” जैसे कदम उठाए गए हैं। उद्योग स्थापना से संबंधित सभी गतिविधियाँ सिंगल विंडो से संचालित की जा रही हैं।

अधिक रोजगार की संभावनाओं वाले उद्योगों को प्राथमिकता

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अधिक से अधिक रोजगार की संभावनाएँ निर्मित करने के लिए प्रदेश में श्रम आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। फार्मा, ऑटो, टेक्सटाईल एण्ड गार्मेंटस, फूड-प्रोसेसिंग, इंजीनियरिंग प्रोडक्टस आदि सेक्टर के उद्योगों को निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

उद्यम की इच्छा और सरकार के सहयोग की शक्ति से होगा आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश का निर्माण

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में निवेश के लिए औद्योगिक इकाइयों को आमंत्रित करते हुए कहा कि आपके पास उद्यम की इच्छा है और सरकार के पास इस सपने को पूरा करने में सहयोग की शक्ति। आपकी इच्छा और सरकार की शक्ति से नयी इच्छा-शक्ति के साथ हम आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश की रचना करेंगे। आपको हर संभव सहायता देने में प्रदेश सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। सिंगल विण्डो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों के निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति के लिए सुगम GIS आधारित पोर्टल तैयार किया गया है। भूमि आवंटन की प्रक्रिया को सरल और कम समय में करते हुए डीम्ड अप्रूवल के प्रावधान लागू किए गए हैं। बारह विभागों की 45 सेवाओं को प्रदेश के सिंगल विण्डो सिस्टम से इंटीग्रेट कर लिया गया है।

व्यापार को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयास जारी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि व्यापार को सरल बनाने की दिशा में हम तेजी से कार्य कर रहे हैं। “एक जिला- एक उत्पाद” योजना में सभी जिलों के 64 विशिष्ट उत्पादों का चयन कर लिया गया है। “अटल प्रोग्रेस-वे” और “नर्मदा एक्सप्रेस-वे” के दोनों ओर औद्योगिक कॉरिडोर को विकसित किया जाएगा। ये दोनों कॉरिडोर, आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के निर्माण को नयी गति और नई दिशा देंगे।

प्रदेश में विकसित होंगे 13 क्लस्टर : ग्रामोद्योग उत्पादों की ब्रांडिंग का कार्य जारी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के क्लस्टर आधारित विस्तार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश में फर्नीचर, खिलौना, टेक्सटाईल, फूड प्रोसेसिंग, एग्रीकल्चर, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, नमकीन, इंजीनियरिंग आदि विभिन्न क्षेत्रों में 13 क्लस्टर विकसित किए जायेंगे। ग्रामोद्योग उत्पादों की राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग और मार्केटिंग का कार्य निरंतर जारी है।

प्रदेश में विशाल लेंड बैंक उपलब्ध

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि उद्योगों को देने के लिए एक विशाल लेंड बैंक उपलब्ध है, जिसमें औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 30 हजार एकड़ विकसित भूमि और 33 हजार 664 एकड़ अविकसित भूमि भी उपलब्ध है।

औद्योगिक निवेश औरविकास के लिए मध्यप्रदेश जैसा वातावरण कहीं नहीं

औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने भी संबोधित किया। गोकुलदास एक्सपोर्ट के प्रबंध संचालक श्री शिवराम कृष्ण गणपति ने बताया कि उनके उत्पाद अमेरिका, ब्रिटेन, जापान सहित कई देशों में निर्यात किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि उद्योग विस्तार की योजना के संदर्भ में कई राज्यों से बातचीत की, पर मध्यप्रदेश जैसा वातावरण कहीं नहीं मिला। मध्यप्रदेश में राज्य शासन द्वारा दिए गए सहयोग और विकसित हुए परस्पर विश्वास के आधार पर ही यहाँ निवेश किया जा रहा है। हमें यह भरोसा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार मिलेगा।
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मुख्यमंत्री चौहान गुजरात के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान आज अहमदाबाद में गुजरात के नव नियुक्त मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह और अन्य अतिथियों से भी मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने गुजरात के नव नियुक्त मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल को नए दायित्व के लिए बधाई और शुभकामनाएँ दीं।
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मुख्यमंत्री चौहान ने स्मार्ट उद्यान में नीम का पौधा रोपा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज स्मार्ट उद्यान में नीम का पौधा लगाया। खातेगांव विधायक अशीष शर्मा भी साथ थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान अपने संकल्प के क्रम में प्रतिदिन एक पौधा लगाते हैं।
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योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को दिलाना सुनिश्चित करें
योजनाओं के क्रियान्वयन में पंचायत सचिव, पटवारी की महत्वपूर्ण भूमिका : सहकारिता मंत्री डॉ. भदौरिया
सहकारिता एवं लोक सेवा प्रंबधन मंत्री डॉ. अरविन्द सिंह भदौरिया ने कहा है कि पंचायत सचिव, पटवारी और ग्राम स्तर पर पदस्थ शासकीय अमला कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का आधार स्तंभ है। केन्द्र और राज्य सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं का लाभ गाँव स्तर तक हर पात्र व्यक्ति को दिलाना सुनिश्चित करें। सहकारिता मंत्री डॉ. भदौरिया ने सोमवार 13 सितम्बर को निवाड़ी जिले के पृथ्वीपुर जनपद में आयोजित पंचायत सचिवों और पटवारियों की बैठक में यह विचार व्यक्त किये।

सहकारिता मंत्री डॉ. भदौरिया ने कहा कि 15 सितम्बर को डेंगू पर नियंत्रण और रोकथाम के लिए डेंगू प्रहार अभियान की शुरूआत होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन 17 सितम्बर को कोरोना टीकाकरण महाअभियान, और प्रत्येक ग्राम पंचायत में पौधारोपण कार्यक्रम संचालित होगा। डेंगू प्रहार अभियान, टीकाकरण महाअभियान और ग्राम पंचायत में पौधारोपण कार्यक्रम में पंचायत सचिवों और पटवारियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि आत्म-निर्भर भारत और आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश की कल्पना को जमीन पर उतारने में केन्द्र और राज्य की योजनाओं के क्रियान्वयन में मैदानी क्षेत्र में खासकर ग्रामीण स्तर पर पदस्थ अमले की महत्वपूर्ण भूमिका है। पटवारी और सचिव पूरे समर्पण के साथ अपनी भूमिका का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि सी.एम हेल्प लाइन के प्रकारणों को तय समय-सीमा के भीतर निराकरण कर आवेदक को जानकारी दी जाये।

सहकारिता मंत्री डॉ. भदौरिया ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के 14 सितम्बर के पृथ्वीपुर जनपद क्षेत्र में प्रवास की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में विधायक श्री अनिल जैन, कलेक्टर श्री नरेन्द्र सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक श्री टी.के. विद्यार्थी उपस्थित थे।
=================================================================भारत को नॉलेज सुपर पॉवर बनाएगी राष्ट्रीय शिक्षा नीति : केरल के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान
अंग्रेजी के बिना प्रगति नहीं हो सकती यह एक भ्रम : उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव
एमसीयू में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए क्रियान्वयन’ पर केन्द्रित पाँच दिवसीय फेकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्घाटन
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति : गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए क्रियान्वयन’ पर केन्द्रित पाँच दिवसीय फेकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का उद्घाटन केरल के राज्यपाल श्री आरिफ मोहम्मद खान, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव और माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.जी सुरेश ने किया।

एफडीपी को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री अरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य दुनिया में भारत को शिक्षा के क्षेत्र में सुपर नॉलेज पावर बनाना है। यह शिक्षा नीति युवाओं को और अधिक स्किल्ड बनाएगी। उन्होंने कहा कि हमारे देश का मंत्र है- ‘आ नो भद्रा: क्रतवो यन्तु विश्वतो’। अर्थात हम अच्छे विचारों का सब ओर से स्वागत करते हैं। यह हमारी संस्कृति है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भी भारतीय संस्कृति के सर्वसमावेशी विचार पर जोर देती है। यह विविधताओं का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि सामाजिक उत्तरदायित्व के बिना शिक्षा का कोई महत्व नहीं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थी के भीतर सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने वाली है।

उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह एक भ्रम है कि अंग्रेजी के बिना प्रगति नहीं हो सकती। हमें जापान और फ़्रांस सहित दुनिया के अनेक देशों को देखना चाहिए, जो अपनी मातृभाषा में ही कार्य करते हैं। हमारे पास तो भाषाओं का गुलदस्ता है। उन्होंने कहा कि किसी भाषा से दिक्कत नहीं है लेकिन यदि अपनी मातृभाषा में शिक्षा मिले तो अधिक प्रभावी परिणाम प्राप्त होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय भाषाओं का सम्मान और संवर्धन करती है। जब हम अपनी शिक्षा नीति की बात करते हैं तब हम अपनी जड़ों से जुड़ कर बात करते हैं। हमें 1947 में ही मैकाले की शिक्षा नीति से मुक्त हो जाना चाहिए था। मंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दुनिया का सबसे युवा देश भारत है और संभावनाओं से भरा हुआ है। आज दुनिया के अनेक प्रश्नों का उत्तर देने का सामर्थ्य भारत में है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो गौरव का भाव पैदा करे और बलिदान के लिए प्रेरित करे। इस सन्दर्भ में उन्होंने श्रीकृष्ण के जन्म, माँ यशोदा और नन्द बाबा के बलिदान और पन्ना धाय के बलिदान के प्रसंग भी सुनाये।

एमसीयू के कुलपति प्रो. केजी सुरेश ने कहा कि यह हमारे लिए प्रसन्नता का विषय है कि मध्यप्रदेश राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने वाला पहला प्रदेश है। उन्होंने कहा कि हम पहले विश्वविद्यालय हैं, जिसने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप 7 पाठ्यक्रम लागू किये हैं, जिनमें 5 मीडिया के पाठ्यक्रम हैं। कुलपति प्रो. सुरेश ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत को फिर से ज्ञान के क्षेत्र में विश्वगुरु बनाने वाला दस्तावेज है। उन्होंने बताया कि हमने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को क्रियान्वित करने के लिए अन्य विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू साइन किये हैं। अब एमसीयू के विद्यार्थी ओपन इलेक्टिव कोर्स में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के ओपन इलेक्टिव कोर्स पढ़ सकेंगे और वहाँ के विद्यार्थी एमसीयू में संचालित ओपन इलेक्टिव कोर्स पढ़ सकेंगे।

एमसीयू के कुलसचिव प्रो. अविनाश वाजपेयी ने बताया कि एफडीपी में पाँच दिन तक देशभर के विषय विशेषज्ञ सम्मलित होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन में यह एफडीपी बहुत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में 23 राज्यों से 200 से अधिक प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।

एफडीपी में पहले दिन आईटीएम यूनिवर्सिटी, ग्वालियर के कुलपति प्रो. एसएस भाकर ने एनईपी, एबीसी के क्रियान्वयन एवं शिक्षण पद्धति और जेएनयू के प्रो. मज़हर आसिफ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के नवाचारी पाठ्यक्रम एवं शिक्षण पद्धति पर व्याख्यान दिए।
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प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के खाते में सीधे राशि भेजें
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री सिंह ने दिए निर्देश
प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के खाते में सीधे राशि भेजें। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह ने यह निर्देश विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जरूरी कार्रवाई समय-सीमा में करें।

श्री सिंह ने कहा कि 17 सितंबर को सभी नगरीय निकायों में 100-100 पौधे लगाए जाएं। पौधों के पेड़ बनने तक देखरेख भी करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद के कार्यों की नगरीय निकाय बार समीक्षा करें। योजना में अभी तक 382 स्वीकृत कार्यों में 149 पूरे हो चुके हैं।

श्री सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान कहा कि एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विभिन्न क्लस्टरों में चल रहे कार्यों की सतत मॉनिटरिंग जरूरी है। उन्होंने कहा कि अन्य निकायों के लिए भी अपशिष्ट प्रबंधन की बेहतर मैकेनिज्म बनाएं। श्री सिंह ने नल जल एवं सीवरेज परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री सिंह ने कहा कि दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के कार्य संतोषप्रद नहीं है। इस योजना में कार्य मिशन मोड में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमानुसार स्व-सहायता समूह का गठन किया जाए।

इस दौरान प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास श्री मनीष सिंह एवं आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री निकुंज कुमार श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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सर्वाधिक डेंगू प्रभावित जिलों में विशेष ध्यान दें : स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी
डेंगू, चिकुनगुनिया रोकथाम और बचाव कार्यों की समीक्षा की स्वास्थ्य मंत्री ने
प्रदेश में डेंगू और चिकुनगुनिया से सर्वाधिक प्रभावित जिले मंदसौर, जबलपुर, रतलाम, आगर-मालवा, भोपाल, छिंदवाड़ा और इंदौर हैं। इन जिलों पर विशेष ध्यान दिया जाए। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी ने सोमवार को मंत्रालय में विभागीय समीक्षा के दौरान ये निर्देश दिए।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि डेंगू और चिकुनगुनिया की रोकथाम और बचाव के लिए 15 सितम्बर से डेंगू प्रहार अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जायेगा। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में सर्वाधिक डेंगू प्रभावित मरीजों की संख्या रिपोर्ट हो रही है। ऐसे जिलों में डेंगू की रोकथाम और नियंणत्र पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारी इन जिलों का खुद दौरा करें और व्यवस्थाओं पर नजर रखें। जिलों के सीएमएचओ और मलेरिया अधिकारियों को कहा कि डेंगू नियंत्रण की टीमों के रोजाना के कार्यों की समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में डेंगू के मरीज मिलते वहाँ पर रेपिड रिस्पांस टीम तुरंत विजिट करें और उन घरों के आसपास के डेंगू मच्छरों के लार्वा को पैदा करने वाले स्थानों पर कीटनाशक पाइरेथम का छिड़काव करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोगों को भी जागरूक करें कि हमारी लापरवाही के चलते डेंगू के मच्छर पनपते हैं। वर्षाकाल में रूक-रूक के वर्षा होने से पानी घर के आस-पास पड़े गमले, टायर, कूलर और अन्य पात्रों में जमा हो जाता है। जिसमें इन मच्छरों को पैदा करने वाले लार्वा पनपते है। लोगों से अनुरोध करें कि वह अपने घर के आस-पास स्वच्छ पानी को जमा नहीं होने दें।

आयुष्मान में उपचार की जानकारी टोल-फ्री 14555 और 18002332085 पर

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि डेंगू और चिकुनगुनिया के उपचार को आयुष्मान भारत निरामयम योजना में प्रदेश के इनपैनल्ड 867 शासकीय और निजी चिकित्सालयों में नि:शुल्क उपचार की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत निरामयम योजना में उपचार की जानकारी टोल फ्री नंबर 14555 और 18002332085 पर आम नागरिक प्राप्त कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने कहा कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में डेंगू की जाँच की व्यवस्था है। प्रदेश में डेंगू जाँच के लिए 57 प्रयोगशालाएँ हैं। आम नागरिक फीवर आने पर मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया की जाँच करवायें। इससे डरने की जरूरत नहीं है। डेंगू का उपचार है। अस्पताल में अपना उपचार करवायें।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. चौधरी ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में फॉगिंग और छिड़काव के लिये पर्याप्त मात्रा में कम्प्रेशर पम्प, फॉगिंग मशीन और कीटनाशक रसायन की उपलब्धता सुनिश्चित रहें। इस पर विशेष ध्यान दें। डेंगू और चिकनगुनिया के बचाव, रोकथाम और नियंत्रण में स्वास्थ्य विभाग का अमला पंचायत एवं ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, महिला एवं बाल-विकास और राजस्व विभाग के मैदानी अमले के सहयोग से दलों का गठन कर युद्धस्तर पर कार्यवाही करें। बैठक में राज्य मलेरिया नोडल अधिकारी डॉ. हिमांशु जायसवार और अन्य अधिकारी मौजूद थे।
================================================================शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालन में सतर्कता बरते
उपभोक्ताओं की शिकायत पर होगी कार्यवाही – सहकारिता मंत्री डॉ. भदौरिया
शासकीय उचित मूल्य दुकानों के संचालन में सतर्कता बरते। उपभोक्तओं की शिकायत मिलने पर कार्यवाही होगी। सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविंद सिंह भदौरिया ने सोमवार को ओरछा में सहकारिता विभाग के अधिकारियों को समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए।

सहकारिता मंत्री डॉ. भदौरिया ने कहा कि समिति प्रबंधकों को भी 60 प्रतिशत तक कैडर संवर्ग में लिये जाने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारी पर्यटन एवं श्रम सहकारिता पर ध्यान दिया जाए। प्रदेश के युवाओं को खनन क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओ सें जोड़े। इससे खनन क्षेत्र के कार्य को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश को भी राजस्व की प्राप्ति होगी। इसका लाभ प्रदेश के युवा वर्ग के साथ जनता को प्राप्त होगा। सहकारिता मंत्री डॉ. भदौरिया ने बैंक ऋण वसूली और ऋण वितरण को लक्ष्य के अनुसार करने के निर्देश दिये।

बैठक में बैंक प्रशासक एवं उपायुक्त सहकारिता ने जानकारी दी कि जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक टीकमगढ़ ने पिछले वर्ष में 158 लाख का अधिक लाभ अर्जित किया है। इस वर्ष बैंक की वसूली भी पिछले वर्ष से अधिक हुई है। वर्ष 2021 में खरीफ सीजन का ऋण वितरण भी पिछले वर्ष से अधिक किया गया है। बैठक में उपायुक्त सहकारिता श्री एस.पी. कौशिक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री ए.एस. कुशवाह, सहकारिता विस्तार अधिकारी, शाखा प्रबंधक समिति प्रबंधक एवं उचित मूल्य दुकान के विक्रेतागण शामिल हुए।
=================================================================सभी संभागों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर कार्यशाला आयोजित करें – उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में विभागीय गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर सभी संभागों में जल्द ही कार्यशाला आयोजित करें। नीति की जानकारी हर स्तर तक पहुँचना और पहुँचाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का प्रचार-प्रसार सोशल मीडिया, रेडियो आदि के माध्यम से करें। शिक्षा नीति को लेकर छोटे बुकलेट बनाकर सभी विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों में वितरित करें।

प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने के लिए प्रत्येक महाविद्यालय, जिला एवं संभाग स्तर पर समितियों का गठन और प्रचार-प्रसार के लिए व्हाट्सएप ग्रुप तैयार करने आदि पर प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 27 से 30 सितम्बर 2021 के मध्य महाविद्यालय स्तर पर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।

इस अवसर पर अपर आयुक्त श्री दीपक सिंह सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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