प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्कृत विद्वान विद्यावाचस्पति बन्ननजे गोविंदाचार्य के निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संस्कृत विद्वान विद्यावाचस्पति बन्ननजे गोविंदाचार्य के निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया
narendra modi,pm narendra modi,primeminister of india,narendra modi news,narendra modi twitter,todayindia,todayindia news,today india news in hindi,Headlines,Latest News,Breaking News,Cricket ,Bollywood news,today india news,today indiaप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रख्यात संस्कृत विद्वान विद्यावाचस्पति बन्ननजे गोविंदाचार्य के निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया है। श्री मोदी ने कहा कि उन्‍हें साहित्‍य में योगदान के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री गोविंदाचार्य का संस्‍कृत और कन्‍नड़ के प्रति समर्पण प्रशंसनीय है। श्री मोदी ने कहा कि उनके कार्य भविष्‍य की पीढियों को प्रभावित करते रहेंगे।

श्री गोविंदाचार्य के पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि उम्र संबंधी जटिलताओं के कारण 85 वर्ष की आयु में आज उनका निधन हो गया। उन्‍होंने उडुपी के अम्बल्पदी स्थित अपने घर में अंतिम सांस ली। ‘मधवा’ विचारधारा के प्रचारक गोविंदाचार्य वेद भाष्य, उपनिषद भाष्य, महाभारत, रामायाण और पुराणों के ज्ञाता थे। वर्ष 2009 में उन्‍हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।

गोविंदाचार्य ने करीब 150 पुस्तकें लिखीं और संस्कृत से कन्नड़ में अनुवाद किया। इनमें से कुछ बाणभट्ट के उपन्यास ‘बाण भट्टना कादंबरी’, कालीदास की ‘शकुंतला’ और शूद्रका की ‘मृच्छकटिका’ हैं। श्री गोविंदाचार्य वेद भाष्‍य, उपनिषद भाष्‍य, महाभारत, रामायण और पुराणों के ज्ञाता माने जाते थे। उन्‍होंने वेद सूक्‍त, उपनिषद, शत रूद्रीय, ब्रह्मसूत्र भाष्‍य और गीता भाष्‍य लिखे।
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