(todayindia) राजस्‍थान के उपमुख्‍यमंत्री सचिन पायलट ने कहा – कोटा अस्‍पताल में बच्‍चों की मौत के मामले में जिम्‍मेदारी तय की जानी चाहिए

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राजस्‍थान के उपमुख्‍यमंत्री सचिन पायलट ने कहा – कोटा अस्‍पताल में बच्‍चों की मौत के मामले में जिम्‍मेदारी तय की जानी चाहिए | राजस्‍थान के उप-मुख्‍यमंत्री सचिन पायलट ने कहा है कि कोटा के जे. के. लोन अस्‍पताल में बच्‍चों की मौत के लिए जिम्‍मेदारी निश्चित रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए।(todayindia)(today india news)(today india) आज दोपहर बाद अस्‍पताल का दौरा करने के बाद उन्‍होंने संवाददाताओं से कहा कि वे बच्‍चों की मौत से दुखी हैं। श्री पायलट ने कहा कि इस मामले में उनकी सरकार का प्रत्‍युत्‍तर किसी भी रूप में संतोषजनक नहीं है। उन्‍होंने कहा कि जिन माता-पिता के बच्‍चों की जान गई है, उनके लिए यह स्‍वीकार्य नहीं है। श्री पायलट ने कहा कि हमें लोगों को यह विश्‍वास दिलाना होगा कि भविष्‍य में ऐसी घटना को स्‍वीकार नहीं किया जाएगा। उन्‍होंने कहा कि अगर बहुत कम समय के अंतराल में इतने बच्‍चों की मौत हुई है तो इसका कोई कारण अवश्‍य होगा।

इस मौके पर खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा और सहकारिता मंत्री उदय लाल अंजाला भी श्री पायलट के साथ थे। उन्‍होंने पीडि़तों के परिवारों से भी मुलाकात की। लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला ने भी आज पीडि़तों के परिवारों से मुलाकात की और हर संभव सहायता उपलब्‍ध कराने का आश्‍वासन दिया।

इस बीच, कोटा में बच्‍चों की मौत के कारणों का जायज़ा लेने के लिए बाल रोग विशेषज्ञ सहित कई अन्‍य विधाओं के विशेषज्ञ जे के लोन अस्‍पताल पहुंच गए हैं। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय ने तुरंत कदम उठाने के लिए यह दल भेजा है। इस उच्‍चस्‍तरीय दल में एम्‍स जोधपुर के विशेषज्ञ और जयपुर के क्षेत्रीय स्‍वास्‍थ्‍य सेवा निदेशक शामिल हैं। लोक स्‍वास्‍थ्‍य निदेशक डॉक्‍टर के के शर्मा और राज्‍य स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अन्‍य अधिकारी भी केंद्रीय दल के साथ हैं।

कोटा के अस्‍पताल में पिछले एक दिसम्‍बर से अब तक हुई बच्‍चों की मौतों की संख्‍या बढ़कर 107 हो गई है।(todayindia)(today india news)(today india)
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