(todayindia) माफिया के आतंक के खिलाफ लामबंद हुई कमल नाथ सरकार

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माफिया के आतंक के खिलाफ लामबंद हुई कमल नाथ सरकार
जन मानस को मिलेगी राहत, माफिया के खिलाफ तेज होगी मुहिम
मुख्यमंत्री कमल नाथ की अध्यक्षता में उच्च-स्तरीय बैठक 12 दिसम्बर को
कमल नाथ सरकार ने अपने मात्र एक साल के कार्यकाल में वर्षों से माफिया राज के आतंक का दंश झेल रही आम जनता को इससे मुक्त कराने की मुहिम को तेज करने के लिए 12 दिसंबर को उच्च स्तरीय(todayindia)(kamalnath)(madhyapradesh news)बैठक बुलाई गई है। जनसम्पर्क मंत्री श्री पी.सी. शर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि अब प्रदेश में ‘लोगों के लिए लोगों की सरकार’ चलेगी न कि माफिया राज।

जनसम्पर्क मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मात्र एक साल में माफिया राज की कमर तोड़ने का जो साहस मुख्यमंत्री ने दिखाया है, उससे जनता को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि माफिया, शासन-प्रशासन को ताक पर रखकर पूरे प्रदेश में दशकों से समानांतर सरकार चला रहे थे, जिसका खामियाजा प्रदेश की जनता भुगत रही थी और विकास अवरूद्ध हो रहा था।

श्री शर्मा ने कहा कि माफिया के खिलाफ जनमानस के साथ कमर कसकर खड़ी कमल नाथ सरकार ने मिलावटखोरों के खिलाफ ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ की शुरुआत की। आम जनता को जहर परोस रहे मिलावटखोर माफियाओं की धर-पकड़ से पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर कार्यवाही हुई। अभियान के दौरान मिलावटखोरों के खिलाफ 94 एफआईआर दर्ज की गई और 31 कारोबारियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई हुई।(todayindia)(kamalnath)(madhyapradesh news)

“टाइगर स्टेट” बनने के साथ सिंहों के स्वागत को भी तैयार मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश ने पिछले एक साल में न केवल एक बार फिर देश में टाइगर स्टेट होने का गौरव प्राप्त किया है बल्कि वैश्विक जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वार्मिंग से निपटने के साथ वन-वन्य प्राणी संरक्षण और वनवासियों के उत्थान के सतत प्रयास भी शुरू कर दिये हैं। गुजरात के गिर में बचे हुए एशियाटिक लायन को विलुप्ति से बचाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कूनो अभयारण्य में कुछ सिंहों की शिफ्टिंग के लिये भी राज्य सरकार लगातार सक्रिय है। प्रदेश में वनोपज का उत्पादन पिछले वर्ष से अधिक हुआ है। इस वर्ष 2.73 लाख घन मीटर इमारती लकड़ी, 1.62 लाख घन मीटर जलाऊ चट्टे और 34 हजार नोशनल टन बाँस का उत्पादन हुआ है, जो विगत वर्ष की तुलना में इमारती लकड़ी के लिये 56 प्रतिशत, जलाऊ लकड़ी के लिये 30 प्रतिशत और बाँस में 26 प्रतिशत अधिक है।(todayindia)(kamalnath)(madhyapradesh news)

526 बाघ के साथ म.प्र. फिर देश में प्रथम

अखिल भारतीय बाघ आंकलन के 29 जुलाई 2019 को घोषित परिणाम में 526 बाघ के साथ मध्यप्रदेश पुन: देश में प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2014 में हुई गणना में 306 बाघ आंकलित हुए थे। प्रदेश के तीन टाइगर रिजर्व- पेंच, कान्हा और सतपुड़ा देश में प्रबंधकीय दक्षता में प्रथम तीन स्थान पर हैं।

मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं एवं सेवाओं के लिए सतपुड़ा टाइगर रिजर्व को ”मोस्ट टूरिस्ट फ्रेंडली नेशनल पार्क” का अवार्ड मिला है। वन पर्यटन पर जोर देते हुए वन्य-प्राणी पर्यटन संबंधी निर्णयों के अमल की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। प्रदेश में दूसरी बार 12 जनवरी 2019 में की गई गिद्ध गणना में प्रदेश के 33 जिलों में 7900 गिद्ध पाए गए हैं। टाइगर स्ट्राइक फोर्स ने वन्य-प्राणी अपराध में लिप्त राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है।

संग्रहण वर्ष 2019 में तेंदूपत्ता मजदूरी 2000 रूपये से बढ़ाकर 2500 रूपये प्रति मानक बोरा की दर से मजदूरी का नगद भुगतान किया गया। तेन्दूपत्ता प्रोत्साहन राशि का 15 प्रतिशत 3289.80 लाख रूपये अधोसंरचना विकास और 2365.60 लाख रूपये वन विकास और क्षमता विकास पर व्यय किये गये।

एकलव्य शिक्षा योजना में 4774 विद्यार्थियों को करीब 5 करोड़ की छात्रवृत्ति दी गई। बाह्य स्थलीय संरक्षण योजना में 2182 हेक्टेयर में पौध-रोपण किया गया। क्षमता विकास योजना में 1100 तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवार के युवाओं को 225 लाख 50 हजार के व्यय से मोटर ड्राइविंग प्रशिक्षण दिलाया गया। मुख्यमंत्री तेन्दूपत्ता संग्राहक कल्याण सहायता योजना में 483 प्रकरणों में पौने 2 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई।(todayindia)(kamalnath)(madhyapradesh news)

वन समितियाँ देंगी 7800 गौ-वंश को आश्रय

वन समितियों के माध्यम से अनाश्रित गायों के लिए 78 गौ-शालाएँ खोली जा रही हैं। प्रति गौ-शाला 7800 गौ-वंश को आश्रय दिया जाएगा। वन विभाग ई-आफिस प्रणाली लागू करने वाला प्रदेश में पहला है। जीआईएस तकनीक का प्रयोग कर वन खण्डों के मूल मानचित्र एवं राजस्व विभाग के खसरे वार उपलब्ध डेटा से नक्शे तैयार किये गये हैं। निजी भूमि पर वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना में 25.82 लाख, राष्ट्रीय बाँस मिशन में लगभग 10 करोड़ 90 लाख और ग्रीन इंडिया मिशन में 13 करोड़ की राशि का वितरण किया गया है। आरा मशीन नामांतरण-स्थानांतरण प्रक्रिया मे संशोधन से अब विक्रय/उत्तराधिकार इत्यादि केवल एसएलसी के अनुमोदन से ही हो जाएगा।
न-सामान्य को एमपी ऑनलाइन से पौधा विक्रय की व्यवस्था के लिए नर्सरी मेनेजमेंट सिस्टम विकसित किया गया है। वनवासियों की अजीविका को केन्द्र में रखकर वन संरक्षण की योजनाएँ बनाई गई हैं। बिगड़े बाँस वनों के सुधार और वृक्षारोपण के माध्यम से वन समितियों की भागीदारी से योजना तैयार की गई है। वन एवं ग्रामीण विकास विभाग के समन्वय से 2 लाख 50 हजार हेक्टेयर के बिगड़े बाँस वनों के सुधार और 50 हजार हेक्टेयर में बाँस के उन्नत वृक्षारोपण की योजना क्रियान्वित की जा रही है। पान बरेजा परिवारों को निस्तार नीति में सम्मिलित किया गया है। वन्य-प्राणी सरंक्षित क्षेत्रों से विस्थापित ग्रामीणों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए प्रमाण-पत्र दिए गए हैं। नर्सरी में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए उन्हें सभी आधारभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। वर्षा ऋतु में 3 करोड़ 34 लाख से ज्यादा पौधों का रोपण किया गया।

वन विकास निगम

वन विकास निगम द्वारा राष्ट्रीय राजमार्गों के 82 किलोमीटर में 96 हजार से ज्यादा पौधों का रोपण किया गया है। हेवल्स इण्डिया के सीएसआर मद से 222 हेक्टेयर वन क्षेत्र में 4 लाख पौधों का रोपण किया गया है। अमरकंटक में रुद्राक्ष और झाबुआ वन मण्डल में शीशम रोपण का कार्य प्रगति पर है। लुप्तप्राय पक्षी खरमोर के संरक्षण और संवर्धन के लिये धार और नीमच में विकास कार्य किया जा रहा है। इंदौर की टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला में उत्तम गुणवत्ता के बाँस और संकटापन्न प्रजाति के पौधों को विकसित किया जा रहा है। सागौन पर भी प्रयोग शुरू किया गया है। वर्ष 2019 के रोपण के लिए विभागीय रोपणियों में 8.55 करोड़ विभिन्न प्रजातियों के पौधे विकसित किए गए हैं। गैर वन क्षेत्रों में लगभग 40 लाख पौधों का विक्रय किया गया। निगम द्वारा 96 लाख 64 हजार हेक्टेयर में एक करोड़ 73 लाख से ज्यादा पौधे रोपित किये गये। निगम प्रतिवर्ष लगभग 40 लाख मानव दिवस रोजगार उपलब्ध करा रहा है।

वर्ष 2019-20 में राष्ट्रीय बाँस मिशन द्वारा प्रदेश की 4541.87 लाख रूपये की योजना को मंजूरी दी गई। इसमें केन्द्रांश और राज्यांश का अनुपात 3:2 है। बाँस की गुणवत्तापूर्ण रोपण सामग्री के लिए दो उच्च तकनीक और चार छोटी बाँस रोपणी निजी क्षेत्र में स्थापित कराई गई हैं। प्रदेश के सभी 11 एग्रो क्लाईमेटिक जोन में बाँस की विभिन्न प्रजातियों की फील्ड ट्रायल के लिए 12 बेम्बू सेटम की स्थापना की गई है। कृषि क्षेत्र के 1114.50 हेक्टेयर क्षेत्र में बाँस रोपण कराया गया है। प्रदेश के प्रमुख बाँस क्लस्टरों में निजी क्षेत्र में 46 और 33 बाँस आधारित सूक्ष्म लघु और मध्यम इकाइयों की स्थापना का कार्य प्रगति पर है। परम्परागत 156 शिल्पकारों को नवीन बॉस उत्पादों के डिजाईन एवं निर्माण के लिए और 52 को अगरतला में प्रशिक्षण के लिए भेजा गया। बाँस उत्पाद निर्माण और विपणन को सुलभ बनाने के लिए सीएफसी का सुदृढ़ीकरण किया गया।(todayindia)(kamalnath)(madhyapradesh news)

जैव विविधता बोर्ड

जैव विविधता बोर्ड द्वारा जैव विविधता संरक्षण के क्षेत्र में मण्डला, बैतूल, छिन्दवाड़ा के लगभग 500 किसानों, समिति सदस्यों और संग्राहकों को अकाष्ठीय वनोपज की विनाश विहीन सतत पद्धति का प्रशिक्षण दिया गया। जन-भागीदारी से 1 करोड़ 10 लाख सीडबॉल का निर्माण किया गया। रोपणियों में दुर्लभ प्रजाति के 70 लाख पौधे तैयार किये गये।

इस वर्ष 60 हजार क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया गया। जीवामृत एवं नीम खली का उत्पादन भी रोपणियों में किया जा रहा है। प्रमुख स्थलों पर रोपणी को ईको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में विकसित कर जन-सामान्य में वृक्षारोपण के प्रति जागरूकता पैदा की जा रही है।

कैम्पा में अब तक सर्वाधिक 450 करोड़ की राशि स्वीकृत

इस अवधि में पहला अवसर रहा जब निरंतर प्रयासों से राज्य कैम्पा के किसी एपीओ की स्वीकृति भारत सरकार द्वारा उसी वित्तीय वर्ष के प्रथम त्रैमास में ही जारी की गई। स्वीकृत एपीओ में 450 करोड़ के कार्य होंगे। यह अभी तक की सर्वाधिक स्वीकृत राशि है। ग्रीन इण्डिया मिशन में मशरूम खेती, महिलाओं को सिलाई, सेनेटरी पेड निर्माण, बॉयोगैस डायजेस्टर, अगरबत्ती निर्माण, कम्प्यूटर, ड्रायविंग, बिजली मरम्मत आदि रोजगारमूलक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।(todayindia)(kamalnath)(madhyapradesh news)

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी के विद्यार्थियों को मृगनयनी एम्पोरियम से जोड़ने का निर्णय
डिजाइन पसंद आने पर दी जाएगी रायल्टी
राज्य सरकार ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नॉलाजी (NIFT) के डिजाइनिंग विद्यार्थियों को मृगनयनी एम्पोरियम से जोड़ने का निर्णय लिया है। इस संस्थान के विद्यार्थियों द्वारा बुनकरों के लिये विकसित डिजाइन उपभोक्ताओं को पसंद आने पर विद्यार्थियों को रायल्टी दी जाएगी।

प्रदेश के बुनकरों और शिल्पियों के उत्पादों को जन-जन तक पहुँचाने के लिये हाल ही में होशंगाबाद एवं बैतूल में मृगनयनी के नये विक्रय केन्द्र खोले गये हैं। प्रदेश के बाहर हैदराबाद और एकता मॉल केवड़िया (गुजरात) तथा रायपुर में मृगनयनी के नये शो रूम खोले गये हैं। प्रदेश के हस्तशिल्प एवं हाथकरघा को व्यापक बाजार मुहैया कराने के लिये अन्य राज्यों के साथ एमओयू साइन किये गये हैं। हस्तशिल्पियों और बुनकरों को रोजगार तथा तुरंत मार्केट सुविधा उपलब्ध कराने के लिये गौहर महल भोपाल, अर्बन हाट इंदौर और शिल्प बाजार ग्वालियर में नई गतिविधियाँ प्रारंभ की गई हैं।

बुनकरों को डिजाइन विकास का प्रशिक्षण

राष्ट्रीय हाथकरघा विकास योजना और राज्य सरकार की एकीकृत कलस्टर विकास योजना में प्रदेश के 280 बुनकरों को डिजाइन विकास का प्रशिक्षण दिया गया है। विकास आयुक्त हाथकरघा के इम्पैनल्ड डिजाइनर और मास्टर वीवर्स द्वारा यह प्रशिक्षण दिया गया। इसके अलावा इंदौर, महेश्वर और चन्देरी में 276 बुनकरों को बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

निजी क्षेत्र के लिये ई-रेशम पोर्टल शुरू

राज्य सरकार ने निजी क्षेत्र के मलबरी हितग्राहियों के चयन, पंजीयन और भुगतान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिये अप्रैल 2019 से ई-रेशम पोर्टल प्रारंभ किया है। इसमें चयनित हितग्राहियों को पौधा-रोपण, कृमि-पालन, भवन निर्माण तथा सिंचाई उपकरण के लिये सहायता प्रदान करने की ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। पोर्टल पर भुगतान आदेश जनरेट करने की व्यवस्था भी की गई है।

रेशम ककून का समर्थन मूल्य

प्रदेश में किसानों से खरीदे जाने वाले रेशम ककून (मलबरी एवं टसर) का समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, इंदौर और बैतूल जिले में शीघ्र ही ऑटोमेटिक रीलिंग मशीन स्थापित की जा रही है।(todayindia)(kamalnath)(madhyapradesh news)

लंदन में उत्पादों की सराहना

प्रदेश के चन्देरी, महेश्वर और बाघ के बुनकरों एवं शिल्पियों का कला-कौशल विदेशों तक पहुँच रहा है। पिछले दिनों लंदन में आयोजित फ्रैंड्स ऑफ एम.पी. कॉन्क्लेव में प्रदेश के बुनकरों एवं शिल्पियों के उत्पाद भेजे गए। कॉन्क्लेव में इन उत्पादों को न केवल अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिली बल्कि बेहद पंसद भी किया गया।

रोजगार के लिये ऋण पर 44 करोड़ 52 लाख मार्जिन मनी

मुख्यमंत्री स्व-रोजगार योजना और मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना में एक साल में 5249 बुनकरों और शिल्पकारों को स्वीकृत ऋण राशि पर 44 करोड़ 52 लाख 24 हजार रूपये मार्जिन मनी दी गई। इसमें से मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना में 3693 हितग्राहियों को बैंक से ऋण स्वीकृत कराकर 42 करोड़ 23 लाख 77 हजार रुपये तथा मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना में 1556 हितग्राहियों को बैंक से ऋण स्वीकृत कराकर 2 करोड़ 28 लाख 52 हजार रुपये मार्जिन मनी उपलब्ध करवाई गई।(todayindia)(kamalnath)(madhyapradesh news)

एक साल में 5 लाख से अधिक युवाओं तक पहुँचा नशा मुक्ति अभियान
कॉलेजों, स्कूलों और बस्तियों में लगे 5698 नशा मुक्ति कार्यक्रम
गृह मंत्री बाला बच्चन ने बताई साल भर की उपलब्धियाँ
गृह एवं जेल मंत्री श्री बाला बच्चन ने कहा है कि राज्य सरकार ने सत्ता सम्हालते ही सबसे पहले गुंडों और आदतन अपराधियों, अवैध शस्त्र रखने वालों, मादक पदार्थों, महिला अपराधों के खिलाफ अभियान चलाकर सख्त कार्यवाही शु्रू की, जिसके सकारात्मक परिणाम आने लगे हैं। एक वर्ष में हत्याओं में 3.5 प्रतिशत, हत्या के प्रयासों में 3.93 प्रतिशत, डकैती में 20.37 प्रतिशत और महिलाओं से छेड़छाड़ के मामलों में 12.96 प्रतिशत की कमी आयी है। बलात्कार के मामलों में भी कमी आयी है। कुल मिलाकर आईपीसी अपराधों में अभूतपूर्व कमी आयी है।

ड्रग्स माफिया मुक्ति अभियान

मंत्री श्री बाला बच्चन ने बताया कि प्रदेश में ड्रग्स के खिलाफ जनजागृति अभियान चलाया जा रहा है। बीते एक वर्ष में स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों और बस्तियों में 5698 नशा मुक्ति कार्यक्रम आयोजित किये गये, जबकि वर्ष 2018 में सिर्फ 430 नशामुक्ति कार्यक्रम आयोजित किये गये थे। बीते एक वर्ष में 5 लाख 7 हजार 469 युवाओं तक पहुँचकर उन्हें नशे के खिलाफ प्रेरित किया गया है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में अवैध ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ जितनी कार्यवाही की गई है, वह पिछले तीन सालों में की गई कार्यवाही से अधिक है। इस अवधि में स्मैक, अफीम, गांजा, गांजा पौधा, अफीम पौधा, चरस, डोडा चूरा एवं केमिकल ड्रग्स के कुल 3270 प्रकरण दर्ज किये गयें और 4051 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।(todayindia)(kamalnath)(madhyapradesh news)

गृह मंत्री ने बताया कि 426 आरोपियों के पास से 11.71 किलोग्राम स्मैक, 134 आरोपियों के 171 किलोग्राम अफीम, 2903 आरोपियों से 9310 किलोग्राम गांजा, 24 आरोपियों से 6 किलोग्राम चरस, 339 आरोपियों से 34875 किलोग्राम डोडा चूरा तथा 121 आरोपियों के पास 1,13,448 नग केमिकल ड्रग्स पकड़ा गया है। इतने व्यापक पैमाने पर ड्रग माफिया के खिलाफ कार्यवाही प्रदेश के इतिहास में पहले कभी नहीं की गई।

आधुनिक थाने-अधिक बल

श्री बाला बच्चन ने बताया कि मध्यप्रदेश में अपराधों पर नियंत्रण करने के लिए नवीन चौकी और थाने खोलने तथा पुराने थानों का उन्नयन करने के कुल 57 प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई है। थानों में 1031 पुलिस बल प्रदान किया जाएगा। इतना ही नहीं, महिला पुलिसकर्मियों एवं महिला फरियादियों के लिये प्रदेश के 676 थानों में पृथक से शौचालय एवं प्रसाधन कक्ष निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन है। इसमें से 225 महिला प्रसाधन कक्षों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, 314 का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा 137 का कार्य प्रारंभ किया जा रहा है।

सुरक्षा-संसाधन बेमिसाल : खुलेंगी नई जेल

मंत्री श्री बच्चन ने बताया कि प्रदेश के 10 जिलों में नई जेल बनाना प्रस्तावित है। प्रस्ताव में केन्द्रीय जेल इंदौर, जिला जेल बैतूल, रतलाम, राजगढ़, मुरैना, मंदसौर तथा सब जेल गाडरवारा, सब जेल कुक्षी, सब जेल मैहर और खुली जेल रीवा शामिल है। प्रदेश में कार्यरत 125 जेलों में से 29 जेलों में महिला टॉयलेट की व्यवस्था उपलब्ध है। शेष जेलों में टॉयलेट की व्यवस्था के लिये शीघ्र प्रावधान किया जा रहा है। विगत एक वर्ष में मध्यप्रदेश की 37 जेलों में ई-प्रिजन कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें बंदियों का डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। बंदियों को मिलने वाली राशि प्रति बंदी प्रतिदिन 45 रूपये से बढ़ाकर 48 रूपये करने का फैसला भी लिया गया है।

गृह एवं जेल मंत्री ने बताया कि प्रदेश की सभी जेलों और न्यायालयों में वीडियो काफ्रेंसिंग उपकरण स्थापित किये गये हैं ताकि परिरूद्ध बंदियों की पेशी वीडियो काफ्रेसिंग के माध्यम से कराई जा सके। जेलों की सुरक्षा के लिये अब तक सिर्फ 23 जेलों में ही सीसीटीवी कैमरे लगाये गये थे। नई सरकार ने सभी जेलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की कार्यवाही शुरू कर दी है। जेलों की सुरक्षा-व्यवस्था सुदृढ़ बनाने के लिए सभी केन्द्रीय जेल और 9 जिला जेलों पर इलेक्ट्रिक फेंसिंग की स्थापना प्रचलन में है। जेलों में 590 वॉकी-टॉकी सेट एवं 22 बेस-सेट उपलब्ध कराये गये हैं।(todayindia)(kamalnath)(madhyapradesh news)

रोजगार की असीम संभावनाओं का कौशल विकास

मंत्री श्री बाला बच्चन ने बताया कि एक वर्ष में प्रदेश ने कौशल विकास के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है। प्रदेश में 97 कैम्पस में प्लेसमेंट ड्राईव का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न कंपनियों द्वारा 2059 आईटीआई प्रशिक्षणार्थियों का प्राथमिक चयन किया गया है। साथ ही, 198 आईटीआई प्रशिक्षणार्थियों द्वारा स्वयं के रोजगार की स्थापना के लिये विभिन्न विभागों से ऋण प्रकरण प्रस्तुत किये गये हैं। प्रदेश में लगने वाले उद्योगों में 70 प्रतिशत रोजगार प्रदेश के युवाओं को मिले, इसके लिये प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

श्री बाला बच्चन ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना में अप्रेन्टिसशिप पोर्टल पर कुल 4996 प्रतिष्ठानों तथा 1,05,755 शिक्षुओं का रजिस्ट्रेशन किया गया है। वर्तमान में नियोजित प्रशिक्षणार्थियों की संख्या 6675 है। पूरे देश में मध्यप्रदेश अब चौथे नंबर पर आ गया है। मुख्यमंत्री कौशल संवर्धन योजना में 16 जिलों में मेगास्किल सेंटर स्थापित किये जा रहे हैं। ये सेंटर न्यूनतम 25 हजार वर्गफीट के होंगे। इसमें केपिटल इंटेसिव पाठ्यक्रम में प्रतिवर्ष प्रति केन्द्र से 3 से 5 हजार प्रशिक्षणार्थियों को आवासीय प्रशिक्षण दिया जायेगा। फरवरी-2019 में नगरीय क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं को 100 दिवस के रोजगार के साथ कौशल प्रशिक्षण के लिये मुख्यमंत्री स्वाभिमान योजना लागू की गई है। इसमें कौशल प्रशिक्षण की जिम्मेदारी मध्यप्रदेश राज्य रोजगार निर्माण बोर्ड को दी गई है। योजना में अब तक कुल 29 हजार 802 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है।(todayindia)(kamalnath)(madhyapradesh news)

तकनीकी शिक्षा पर जोर

मंत्री श्री बच्चन ने बताया कि प्रदेश के 21 नवीन पॉलिटेकनिक महाविद्यालयों में 42 करोड़ की लागत से वर्कशॉप निर्माण किया जा रहा है। शासकीय/ स्वशासी इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेकनिक महाविद्यालयों में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के मापदंडों को पूरा करने के लिये 20 करोड़ रूपये उपलब्ध कराये गये हैं। आर्थिक रूप से पिछड़े अभ्यार्थियों को विभिन्न तकनीकी एवं व्यवसायी पाठ्यक्रम में 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ शैक्षणिक सत्र 2019-20 में उपलब्ध कराया गया है।

मंत्री श्री बाला बच्चन ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना में 58 हजार 166 विद्यार्थियों को 128 करोड़ रूपये और मुख्यमंत्री जन कल्याण योजनांतर्गत 25,378 विद्यार्थियों को 169 करोड़ रूपये शिक्षण शुल्क का भुगतान किया गया है। विभाग द्वारा गुणवत्ता शिक्षा सुनिश्चित किये जाने की दृष्टि से 250 प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, व्याख्याताओं के लिये आईआईएम इंदौर, राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय भोपाल, प्रशासन अकादमी तथा क्रिस्प में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किये गये।

जन अधिकार कार्यक्रम

मंत्री श्री बच्चन ने लोक सेवा प्रबंधन के बारे में कहा कि प्रदेश में जन-अधिकार कार्यक्रम 9 जुलाई, 2019 से शुरू किया गया है। नागरिक अधिकारों को सशक्त बनाने के लिये प्रदेश सरकार ने ‘जन-अधिकार विडियो कान्फ्रेंस कार्यक्रम’ प्रारंभ किया गया है। वीडियो कान्फ्रेंस में मुख्यमंत्री सीएम हेल्पलाइन एवं लोक सेवा गांरटी अधिनियम अंतर्गत प्रदाय की जा रही सेवाओं की हर माह दूसरे मंगलवार को समीक्षा की जाती है।

सीएम हेल्पलाइन 181 का संचालन 24 घंटे नागरिकों को सेवाएं देने के लिये शुरू किया गया है। लोक सेवा केन्द्रों का संचालन करने के लिये नये केन्द्र खोले जाने एवं वर्तमान केन्द्रों के लिये जिला-स्तर से निविदा के माध्यम से नवीन संचालकों के चयन की कार्यवाही की गयी है। केन्द्रों से लोक सेवा गांरटी अंतर्गत अधिसूचित सेवाओं में वृद्धि कर अब नागरिकों के लिये कुल 310 सेवाएँ उपलब्ध है।

तत्काल सेवा

लोक सेवा केन्द्रों से राजस्व व%