(todayindia) बाल खिलाड़ी अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा से देश की शान बढ़ाएँ : मुख्यमंत्री कमल नाथ

(todayindia)(madhyapradesh news)(kamal nath) बाल खिलाड़ी अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा से देश की शान बढ़ाएँ : मुख्यमंत्री कमल नाथ
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने आज यहाँ टी.टी. नगर स्टेडियम में एकलव्य आवासीय विद्यालयों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता 2019-20 का शुभारंभ करते हुए बाल खिलाड़ियों का आव्हान किया कि वे खेल की भावना से देश के भविष्य का निर्माण करें और इसकी शान बढ़ायें। उन्होंने कहा कि विविध संस्कृतियों,(todayindia)(madhyapradesh news)(kamal nath)(madhyapradesh samachar)सभ्यताओं, भाषाओं और धर्मों के भारत देश की विशेषता को आत्मसात करें। अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा से दुनिया में भारत का नाम रोशन करें।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि यह राष्ट्रीय आयोजन केवल खेल प्रतियोगिता नहीं है बल्कि हमारे देश की विविध संस्कृतियों, भाषाओं और धर्मों से जुड़े बच्चों के आपसी मेल-जोल का आयोजन हैं। इससे हमारे बच्चे अपने देश की विविधता को न केवल पहचानेंगे बल्कि आपसी संबंधों से देश की एकता को मजबूत बनायेंगे। मुख्यमंत्री ने देश के 23 राज्यों से आए 4000 प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उन्हें बेहतर प्रदर्शन करने की शुभकामनाएँ दीं।


खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री जीतू पटवारी ने एकलव्य आवासीय विद्यालयों की राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग ले रहे सभी प्रतिभागियों को मध्यप्रदेश सरकार की ओर से ट्रेक सूट देने की घोषणा करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जहाँ राज्य के विभिन्न विधाओं के खिलाड़ियों के लिए बीमा योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि श्री कमल नाथ ने मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद पूरे प्रदेश में खेलकूद का एक नया वातावरण बनाया है। गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर प्रदेश के हर ब्लाक में खेल प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि हम प्रयास कर रहे हैं कि अगले राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की मेजबानी मध्यप्रदेश करे। उन्होंने केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय से आग्रह किया कि वे प्रदेश के आदिवासी खिलाड़ियों को बेहतर शिक्षण, प्रशिक्षण देने के लिए मदद करें।

आदिम जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम ने कहा कि मध्यप्रदेश में आदिवासी क्षेत्रों की खेल प्रतियोगिताओं को आगे बढ़ाने और उन्हें अवसर प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि आदिवासी बच्चों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। वे एकलव्य के वंशज हैं, जिनमें एक निष्ठा और मेहनत करने की भरपूर क्षमता है। श्री मरकाम ने कहा कि भोपाल में हो रही खेल प्रतियोगिता का यह राष्ट्रीय आयोजन मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ की पहल का परिणाम है।


प्रारंभ में मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया। एकलव्य राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग ले रहे 23 राज्यों के बाल खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट कर मुख्यमंत्री को सलामी दी। मुख्यमंत्री ने खेल प्रतियोगिता के शुभारंभ की घोषणा की। विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों ने खेल मशाल प्रज्जवलित की। मध्यप्रदेश की बाक्सिंग में गोल्ड मैडल प्राप्त करने वाली खिलाड़ी सुश्री पूजा कुशवाहा ने प्रतिभागी खिलाड़ियों को खेल भावना की शपथ दिलवाई।

इस मौके पर मध्यप्रदेश के लोकप्रिय आदिवासी लोक नृत्यों का प्रदर्शन किया गया। समारोह में केन्द्रीय जनजातीय मंत्रालय के सचिव श्री दीपक खांडेकर, प्रमुख सचिव आदिम जाति कल्याण श्रीमती दीपाली रस्तोगी और बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित थे।(todayindia)(madhyapradesh news)(kamal nath)(madhyapradesh samachar)

साँची के पास निनोद में बनेगा 220 करोड़ का प्रदेश का पहला विश्व-स्तरीय गोल्फ कोर्स
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने वेस्ले ग्रुप को सौंपा स्वीकृति-पत्र
मध्यप्रदेश में निवेश के लिए तैयार किए गए वातावरण के परिणाम आने शुरू हो गए हैं। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल साँची के पास ग्राम निनोद में 220 करोड़ रूपये लागत से 27 होल का विश्व-स्तरीय गोल्फ कोर्स सह-रिसॉर्ट एवं होटल बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने आज मंत्रालय में वेस्ले ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री डोरियन मुलेन्स को स्वीकृति पत्र (लेटर ऑफ अवार्ड) सौंपा। इस अवसर पर सचिव पर्यटन श्री फैज अहमद किदवई उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ से आज वेस्ले ग्रुप के प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश के नए अवसर के लिए सरकार अपनी नीतियों को उदार बनाने के साथ ही रोजगार प्रधान निवेश को प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में पर्यटन के क्षेत्र में निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए पर्यटन नीति (2016) को संशोधित कर 2019 में अल्ट्रा मेगा परियोजना का प्रावधान जोड़ा गया है। इसके परिणाम स्वरूप ही वेस्ले ग्रुप ने निनोद गाँव में 70.718 हेक्टेयर में विश्व-स्तरीय गोल्फ कोर्स, होटल रिसॉर्ट एवं कन्वेशन सेंटर एवं हेलीपेड के निर्माण का प्रस्ताव दिया था।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने वेस्ले ग्रुप के प्रस्ताव को स्वीकृत कर लेटर ऑफ अवार्ड वेस्ले ग्रुप को सौंपा है। इस परियोजना से 310 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। पर्यटन नीति के प्रावधानों के अनुरूप इसमें से 247 पदों पर मध्यप्रदेश के मूल निवासियों को नियुक्ति दी जाएगी।

इस अवसर पर कंपनी के पार्टनर सीईओ वेस्ले ग्रुप मुंबई श्री आलोक तिवारी, श्री तकद्दुस खान तथा पर्यटन एवं मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के संयुक्त संचालक श्री सुरेश झारिया उपस्थित थे।

जनता के काम में लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : मुख्यमंत्री कमल नाथ
मुख्यमंत्री ने जनाधिकार कार्यक्रम में कलेक्टरों और शिकायतकर्ताओं से किया सीधा संवाद
आवेदक की शिकायत झूठी बताने वाले सीईओ निलंबित
मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने खाद वितरण, धान खरीदी और सड़क मरम्मत कार्य को प्राथमिकता से करने साथ ही वन अधिकार पट्टों के सभी प्रकरणों का निराकरण इस माह के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आम जनता की शिकायतों को बगैर निराकरण किये बंद करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान की जवाबदेही निचले स्तर पर नहीं बल्कि उच्च स्तर पर तय की जाए। श्री कमल नाथ आज मंत्रालय में जन-अधिकार कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिलों के कलेक्टर और शिकायतकर्ताओं से संवाद कर रहे थे।(todayindia)(madhyapradesh news)(kamal nath)(madhyapradesh samachar)

खाद वितरण में कोताही न हो

मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों से कहा कि खाद वितरण के काम को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। खाद की पर्याप्त उपलब्धता का ध्यान रखें और कालाबाजारी न हो, यह सुनिश्चित करें। निजी खाद विक्रेताओं द्वारा किसानों को महंगी दर पर खाद विक्रय न हो, इसकी भी निगरानी की जाए। उन्होनें कहा कि मिलावटी खाद बाजार में नहीं बिकना चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि खाद को लेकर कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

समय पर हो धान की खरीदी और भुगतान

मुख्यमंत्री ने कहा कि धान की खरीदी के लिए सभी इंतजाम पुख्ता रखे जाएं। समय पर सही तरीके से धान की खरीदी प्रक्रिया शुरू करें। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में बारदानों की उपलब्धता बनाए रखने और किसानों को उनकी उपज का भुगतान भी समय पर करने को कहा।

ऐसी सड़कों की सूची भेजें, जिससे लोग परेशान हो रहे हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में सड़कों की मरम्मत का कार्य व्यापक पैमाने में किया जा रहा है। उन्होंने कलेक्टरों से कहा कि सड़कें गुणवत्तापूर्ण बनें, इस पर निगाह रखें। उन्होंने कहा कि ऐसी सड़कों की सूची भी तैयार की जाए, जहाँ मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ है और उनके न बनने से जनता को परेशानी हो रही है।

इसी माह वन अधिकार प्रकरणों का निराकरण पूरा करें

वन अधिकार पट्टों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी पात्र लोगों को पट्टे मिलें यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गरीब आदिवासियों से जुड़े इस मुद्दे पर किसी भी तरह की लापरवाही सहन नहीं की जाएगी।

सिर्फ शिकायतें एकत्र न करें, उनका समाधान भी करें

मुख्यमंत्री ने आपकी सरकार – आपके द्वार कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से चलाया जाए। उन्होंने कहा कि कई जगहों से गंभीरता से यह कार्यक्रम न चलने की शिकायतें मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी सरकार – आपके द्वार कार्यक्रम का लक्ष्य जनता की समस्याओं का मौके पर निराकरण करना है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शिकायत एकत्र करने वाला नहीं बल्कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने वाला कार्यक्रम है। इस मानसिकता के साथ सभी मैदानी अधिकारियों को काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को ग्राम युवा शक्ति समिति का गठन और किसान बंधु की नियुक्ति शीघ्र करने के निर्देश दिए।(todayindia)(madhyapradesh news)(kamal nath)(madhyapradesh samachar)

निराकरण के बगैर शिकायत बंद करने की संस्कृति बर्दाश्त नहीं

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने शिकायतों के निराकरण के बगैर उन्हें नस्तीबद्ध करने की प्रवृत्ति को गंभीरता से लेते हुए कहा कि यह संस्कृति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। श्री कमल नाथ ने सागर के श्री रामबाबू एवं गुना के श्री विवेक अहिरवार को छात्रवृत्ति न मिलने, देवास के श्री दिनेश नागर को वृक्षारोपण की राशि न मिलने तथा रीवा की श्रीमती शुभद्रा विश्वकर्मा के प्रकरण को नस्तीबद्ध करने और संतुष्‍ट होने की रिपोर्ट देने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिकायतों को तब तक निराकृत नहीं माना जाएगा, जब तक उसका समाधान न हो जाए और शिकायतकर्ता संतुष्ट न हो।

शिकायत को झूठी बताने पर जनपद सीईओ निलंबित

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बड़वानी जिले के पाटी जनपद के सीईओ को शिकायतकर्ता श्री श्याम राठौर की शिकायत को झूठी बताने की रिपोर्ट देने पर तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए। इस प्रकरण में रोजगार सहायक की सेवा समाप्त की गई है और पंचायत सचिव एवं सहायक इंजीनियर को निलंबित किया गया है। श्री श्याम राठौर ने वर्ष 2018 में ग्राम पंचायत पाटी में चल रहे निर्माण कार्यों और कपिलधारा कुँआ योजना में हो रही अनियमितताओं की शिकायत की थी।

‍ बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने भोपाल के वार्ड क्र. 48 के शिकायतकर्ता श्री रविन्द्र कुमार यादव के प्रकरण में बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए। श्री यादव ने भोपाल के मेसर्स भारती बिल्डर्स से फ्लैट खरीदा था, जिसका पजेशन उसे नहीं दिया गया। इसकी शिकायत उसने रियल एस्टेट रेग्यूलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में की थी। रेरा ने आवेदक के पक्ष में फैसला सुनाया और भोपाल कलेक्टर को पूरी राशि दिलाने के निर्देश दिए। जिला प्रशासन द्वारा की गई कार्यवाही के फलस्वरूप दो चैक क्रमश: 1 लाख 50 हजार और 1 लाख 57 हजार के दिए गए, जो बाउंस हो गए। मुख्यमंत्री ने आवेदक को उसकी पूरी राशि दिलाने और बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए। इंदौर के श्री संजय उपाध्याय द्वारा भूमि संबंधी की गई शिकायत के प्रकरण में मुख्यमंत्री ने आयुक्त इंदौर संभाग को 15 दिन में प्रकरण का निराकरण करने को कहा है।(todayindia)(madhyapradesh news)(kamal nath)(madhyapradesh samachar)

प्रदेश को “सोलर स्टेट” और भोपाल को “सोलर शहर” की मिली पहचान
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव ने दी नवाचारों और उपलब्धियों की जानकारी
नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री हर्ष यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने अपने पहले साल के कार्यकाल में ही प्रदेश को ‘सोलर स्टेट’ और भोपाल को ‘सोलर सिटी’ की पहचान दिलाने में सफलता पाई है। प्रदेश के औद्योगिक प्रक्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग के लिये किये गये नवाचारों की विश्व बैंक ने भी प्रशंसा की है। उन्होंने बताया कि सोलर रूफ टॉप परियोजनाओं के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश बहुत आगे निकल गया है। एक वर्ष में ही प्रदेश में ग्रिड कनेक्टेड परियोजनाओं में 670 मेगावाट क्षमता की वृद्धि हुई है। प्रदेश में 645 मेगावाट की सौर परियोजनाएँ और 25 मेगावाट की बायोमास परियोजनाएं स्थापित की गईं हैं। श्री यादव ने कहा कि अगले 4 वर्ष में करीब 6 हजार मेगावाट क्षमता की नवीन और नवकरणीय ऊर्जा आधारित परियोजनाएं क्रियान्वित की जाएंगी। आगर-मालवा, शाजापुर और नीमच जिलों में 1500 मेगावाट की सोलर परियोजनाएँ भी शुरू होंगी। इसके लिये भूमि आवंटन कर दिया गया है।

प्रदेश में सौर ऊर्जा, सोलर पम्प स्थापना, पॉवर स्टोरेज, ई-व्हीकल उपयोग, पवन ऊर्जा और फ्लोटिंग पावर प्लांट स्थापना के क्षेत्र में किये गये कार्यों की जानकारी देते हुए मंत्री श्री हर्ष यादव ने बताया कि रीवा परियोजना से अब पूर्ण क्षमता 750 मेगावाट विद्युत उत्पादन प्राप्त हो रहा है। इसमें से प्रतिदिन लगभग 100 मेगावाट बिजली दिल्ली मेट्रो को दी जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2.97 रूपये प्रति यूनिट की मितव्ययी दर से बिजली प्रदान की जा रही है। प्रदेश के बुन्देलखण्ड और चम्बल अंचल में बंजर भूमि पर सोलर पार्क स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। ओंकारेश्वर और इंदिरा सागर जलाशयों में एक हजार मेगावाट क्षमता के फ्लोटिंग सौर संयंत्र विकसित करने की कार्यवाही शुरू हो गई है। इस क्षमता के तैरते हुए संयंत्र स्थापित करने की यह देश में अनूठी पहल है।(todayindia)(madhyapradesh news)(kamal nath)(madhyapradesh samachar)

मंत्री श्री हर्ष यादव ने बताया कि प्रदेश में 8.5 मेगावाट क्षमता की सौर ऊर्जा परियोजनाएँ सफल सिद्ध हुई हैं। इसके अलावा 43 मेगावाट क्षमता की परियोजनाएं आकार ले रही हैं। अगले चार वर्ष में लगभग 500 मेगावाट की सोलर रूफ टॉप परियोजनाएं काम करना शुरू कर देंगी। उन्होंने कहा कि भोपाल नगर में बड़ी झील के पास ब्रिज और रिटेनिंग वॉल पर 500 किलोवाट क्षमता के सौर संयत्र की स्थापना की गई है। संयंत्र के नजदीक करबला पम्प हाउस का संचालन सौर ऊर्जा से हो रहा है। इससे सालाना 40 लाख रूपये की बचत और लगभग 10 हजार वृक्षों के बराबर पर्यावरण संरक्षण संभव हुआ है। उज्जैन के वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में भी सौर संयंत्र स्थापित किया गया है। विश्वविद्यालयीन भवनों, मेडिकल कॉलेजों और स्टेडियम तथा विभिन्न संस्थानों में सौर संयंत्र संचालित हैं। मण्डीदीप में करीब 600 उद्योगों का सर्वे किया गया है और विभिन्न ईकाइयों द्वारा 28 मेगावाट क्षमता का उत्पादन रेस्को मॉडल पर हो रहा है। पीलूखेड़ी और पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्रों में भी सोलर रूफटॉप परियोजनाओं के लिये उद्यमी आकर्षित हो रहे हैं।

रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस (रेस्को) मॉडल पर कार्य प्रारंभ

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने रेस्को (रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कम्पनी) मॉडल में कार्य प्रारंभ किया है। परियोजना में देश में सबसे कम 1.38 रूपये यूनिट की दर की बिजली की उपलब्धता की भी सराहना हुई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 2 लाख सोलर पम्प लगाए जाएंगे। अब तक 18 हजार सोलर पम्प लगाए जा चुके हैं। इस वर्ष 25 हजार सोलर पम्प लगाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि सोलर पम्प उपभोक्ताओं की शिकायतों को हल करने के लिये टोल फ्री कॉल सेंटर जल्द ही शुरू किये जा रहे हैं।

विनोबा भावे अंतर्राष्ट्रीय सोलर पम्प पुरस्कार

मध्यप्रदेश सरकार ने विनोबा भावे अंतर्राष्ट्रीय सोलर पम्प पुरस्कार स्थापित किया है, जो इस क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले देश को इंटरनेशनल सोलर अलाइंस के माध्यम से दिया जायेगा। प्रदेश में ई-व्हीकल के उपयोग को बढ़ाने के लिये सोलर चार्जिंग स्टेशन स्थापित होंगे। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम के मुख्यालय में चार्जिंग स्टेशन की स्थापना की जा चुकी है।

रेशम उत्पादन से जुड़े 10 हजार परिवार

मंत्री श्री हर्ष यादव ने अपने प्रभार के कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की गतिवधियों की जानकारी देते हुए कहा कि बंगलुरू, बनारस, कलकत्ता, हैदराबाद, नासिक और भागलपुर से रेशम धागा और अन्य सामग्री खरीदने के लिये आने वाले व्यापारियों की सुविधा के लिये होशंगाबाद के समीप मालीखेड़ी में इस वर्ष से केन्द्रीय भंडार शुरू किया गया है। अब प्रदेश के 8 ककून बैंक और 5 यार्न बैंक की सामग्री एक स्थान पर उपलब्ध हो गई है। उन्होंने बताया कि 10 हजार से अधिक परिवार को रेशम उत्पादन के क्षेत्र में स्थापित कराया गया है।

ई-रेशम पोर्टल पर पंजीयन सुविधा

किसानों को रेशम उत्पादन से जोड़ने के लिये ई-रेशम पोर्टल पर पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई है। इस पोर्टल पर किसान 20 दिसम्बर तक पंजीयन करवा सकते हैं। श्री यादव ने कहा कि छिन्दवाड़ा और सागर में रेशम कार्यालय शुरू किये गये हैं। छिन्दवाड़ा, इंदौर, नरसिंहपुर और बैतूल जिले में रेशम धागाकरण की इकाइयों के लिये 4 नई रीलिंग मशीन लगाने की कार्यवाही शुरू की गई है।(todayindia)(madhyapradesh news)(kamal nath)(madhyapradesh samachar)

उपभोक्ताओं के लिये अमेजन पर मृगनयनी

नवाचार के अन्तर्गत उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के लिये मृगनयनी की वेबसाइट के साथ ही अमेजन के माध्यम से उपभोक्ता सुविधा प्रारंभ की गई है। मृगनयनी उत्पादों के विक्रय के लिये एफ.एम. रेडियो और सोशल मीडिया का भी उपयोग किया जा रहा है। भोपाल के गौहर महल के साथ ही अर्बन हाट इंदौर और शिल्प बाजार ग्वालियर में भी सकारात्मक गतिविधियाँ प्रारंभ की गईं हैं। पहली बार जबलपुर में नेशनल हैण्डलूम एक्सपो लगाया जा रहा है।

राष्ट्रीय फैशन संस्थान के विद्यार्थियों के लिये राष्ट्रीय योजना

मृगनयनी एम्पोरियम से राष्ट्रीय फैशन संस्थान के विद्यार्थियों को जोड़ने के लिये उनकी डिजाइन स्वीकृत होने पर उन्हें रायल्टी देने की योजना शुरू की गई है। लंदन में अप्रैल 2020 में मृगनयनी प्रदर्शनी लगाने का निर्णय लिया गया है। मृगनयनी ने पहली बार उच्च श्रेणी और गुणवत्ता के वैवाहिक वस्त्रों के उत्पादन और विपणन के लिये चन्देरी और महेश्वर के बुनकरों को प्रोत्साहित किया है। इस वर्ष हैदराबाद (आन्धप्रदेश) केवडिया (गुजरात) और रायपुर (छत्तीसगढ़) में मृगनयनी केन्द्र खोलने का निर्णय लिया गया है। सागर और छिन्दवाड़ा में नये मृगनयनी शोरूम शुरू करने की कार्यवाही अंतिम चरण में है। होशंगाबाद और बैतूल में इसी वर्ष मृगनयनी के विक्रय केन्द्र शुरू कर दिये गये हैं।

मंत्री श्री यादव ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर निर्णय लिया गया है कि खादी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिये 7 एम्पोरियम पी.पी.पी. मोड पर संचालित किये जायेंगे। माटी कला शिल्पियों को प्रोत्साहित करने के लिये पुरस्कार योजना की राशि भी दोगुनी कर दी गई है।(todayindia)(madhyapradesh news)(kamal nath)(madhyapradesh samachar)