‘स्ट्रैंडेड इन इंडिया’ पोर्टल के माध्यम से 9 अप्रैल तक 1194 पर्यटकों को मदद पहुंचायी गयी

‘स्ट्रैंडेड इन इंडिया’ पोर्टल के माध्यम से 9 अप्रैल तक 1194 पर्यटकों को मदद पहुंचायी गयी
कोविड–19 की स्थिति के बीच पर्यटन मंत्रालय नियमित रूप से पर्यटन से जुड़े मुद्दों पर अपने हितधारकों के साथ संवाद कर रहा है पर्यटन मंत्रालय का ‘स्ट्रैंडेड इन इंडिया’ पोर्टल’ पर्यटकों को निरंतर सहायता पहुंचाना जारी रखे हुए है।9 अप्रैल तक कुल 1194 पर्यटकों को मदद दी गयी।यही नहीं, पर्यटन मंत्रालय द्वारा संचालित टोल फ्री हेल्पलाइन 1363 पर 22 मार्च से 9 अप्रैल के बीच कुल 779 कॉल्स रिसीव किये गये।

इसके अलावा,मंत्रालय के अधिकारी कोविड–19 की वजह से सामने आने वाली तात्कालिक और दीर्घकालिक समस्याओं को समझने के लिए पर्यटन और आतिथ्य उद्योग के साथ मिलकरदिनरात काम कर रहे हैं।यह एक तथ्य है कि लॉकडाउन और यात्रा संभव नहीं हो पाने की वजह से पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।इसलिए यह समय मूल्यांकन एवंआत्मनिरीक्षण करने और आगे बढ़ने के रास्तों के बारे में सोचने का है। एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित एक वेबिनार में पर्यटन मंत्रालय की महानिदेशक श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने इस महामारी के प्रसार को रोकने की देश की प्राथमिकताके बारे में बताया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि सरकारनागरिकों की सीमांत स्तर की जरूरतों के प्रति संवेदनशील है और इस विकट दौर में उनकी सहायता के लिए सब कुछ किया जा रहा है।एसोसिएशन ने मंत्रालय से कैंपों को सैनीटाईज करने के तौर–तरीकों, ट्रेकिंग लॉजों के संचालन एवं इससे संबंधित अन्य मुद्दों के बारे में दिशा-निर्देश जारी करने का अनुरोध किया। श्रीमती शर्मा ने इस किस्म के दिशा–निर्देशों की जरुरत पर सहमति जतायी। उन्होंने कोविड–19 के प्रभावों से धीरे–धीरे बाहर आने के बाद इस क्षेत्र की आगे की राह के रूप में घरेलू पर्यटन की संभावनाओं और संभावित पर्यटकों की कल्पनाओं को समझने में सोशल मीडिया के प्रभावों के आकलन पर भी जोर दिया।

इसी किस्म के वेबिनार फिक्की एवं पर्यटन से संबंधित अन्य निकायों द्वारा भी आयोजित किये जा रहे हैं और हर मंच पर अतुल्य भारत के प्रचार के रोडमैप के बारे में विचारों का सक्रिय रूप से आदान–प्रदान किया जा रहा है। इन वेबिनारों की लोकप्रियता से यह पता चलता है कि पर्यटन उद्योग एवं नागरिकों का रवैयाबेहद सकारात्मक है और वे इस स्थिति से उबरने के लिए मिलकर काम करना चाहते हैं।
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