रायपुर : मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए ली संभागीय कमिश्नरों-जिला कलेक्टरों की बैठक

रायपुर, 05 अगस्त 2016
मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड ने आज यहां मंत्रालय में (महानदी भवन) में वीडियों कॉन्फ्रेसिंग के जरिए सभी पांच संभागीय कमिश्नरों और 27 जिला कलेक्टरों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों से प्रदेश में वर्षा और खरीफ फसलों की स्थिति, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, अभियान लक्ष्य भागीरथी, वृक्षारोपण कार्यक्रम, शिक्षा कर्मियों के वेतन के भुगतान, शिक्षा गुणवत्ता अभियान, भुईयां कार्यक्रम के तहत खसरा तथा बी-1 के कम्प्यूटरीकरण मुख्यमंत्री आबादी पट्टा वितरण की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी जिलों में वर्षा की स्थिति की जानकारी लेते हुए कहा कि कांकेर जिले में अत्यधिक वर्षा के कारण बाढ़ में क्षति ग्रस्त पुल-पुलियों की मरम्मत के कार्यो को प्राथमिकता के साथ कराया जाए। उन्होंने इसके लिए तत्काल राशि उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश के कम वर्षा वाले पांच जिलों सूरजपुर, महासमुंद, गरियाबंद, कोरबा और मुंगेली के लिए खेती-किसानी की आकस्मिक कार्ययोजना बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि इन जिलों में किसानों को खेती के लिए आवश्यक सलाह के साथ-साथ कच्चे नदी-नालों में बंधान के कार्यो को भी प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए।
श्री ढांड ने संभागीय आयुक्तों को निर्देशित किया कि संबंधित कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारियों के माध्यम से कम वर्षा वाले जिलों के चिन्हांकित गांवों में खेती-किसानी के लिए कार्ययोजना तैयार कर उसका बेहतर क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने खरीफ वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों को अधिक से अधिक शामिल करने उनके आवेदन प्राप्त करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत किसानों से आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त की गई है। उन्होंने किसानों को खसरा, नक्सा, बी-1 की निःशुल्क प्रतिलिपि का शतप्रतिशत वितरण नवम्बर माह तक सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में उन्होंने जल संसाधन विभाग की अधूरी एवं अपूर्ण योजनाओं को पूर्ण कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान लक्ष्य भागीरथी की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत चालू वित्तीय वर्ष में एक लाख हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता निर्मित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम तिमाही में 34 योजनाएं पूर्ण की गई है, जिससे 21 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन सिंचाई क्षमता सृजित की गई है। उन्होंने कहा कि शेष अवधि में पूर्ण किए जाने वाली योजनाओं की समीक्षा प्रतिमाह संबंधित कार्यपालन अभियंता के साथ की जाए, ताकि इन योजनाओं को लक्ष्य के अनुसार पूर्ण किया जा सके।
उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि पंचायत संवर्ग के शिक्षकों (शिक्षा कर्मियों) को प्रतिमाह सात तारीख तक वेतन का वितरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम शिक्षा गुणवत्ता अभियान का प्रथम चरण 16 अगस्त से 31 अगस्त तक चलाया जाएगा, इसके लिए 8 अगस्त को मास्टर ट्रेनर्स एवं ऑपरेटरों, 9 से 12 अगस्त तक जिला स्तर के अधिकारियों तथा राज्य स्तर के अधिकारियों को 11 से 12 अगस्त तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। बैठक में कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अजय सिंह, श्रम विभाग के प्रमुख सचिव श्री आर.पी. मंडल, राजस्व एवं आपदा प्रबंध विभाग के सचिव श्री के.आर. पिस्दा, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री विकास शील, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री गणेश शंकर मिश्रा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।