मंदिरों की जमीनों से अनधिकृत अतिक्रमण हटाये जायेंगे

 

भोपाल : रविवार, जूलाई 3, 2016
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सामान्य वर्ग के गरीब और प्रतिभावान विद्यार्थी का चयन मेडिकल, इंजीनियरिंग या अन्य उच्च शिक्षा के लिये होने पर उनकी फीस राज्य सरकार द्वारा भरने की योजना बनाई जा रही है। मंदिरों की जमीनों से अनधिकृत अतिक्रमण हटाये जायेंगे। मंदिरों की जमीन पर लगी फसल में नुकसान पर पुजारी को मुआवजा दिया जायेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज यहाँ मुख्यमंत्री निवास पर ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि-मंडल को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पुजारी बनाना समाज का काम है, सरकार का नहीं। राज्य सरकार इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी। मंदिरों के पुजारी जिस जमीन पर रह रहे हैं उसका पट्टा उन्हें दिया जायेगा। पुजारियों के मानदेय के लिये आवश्यक कदम उठाये जायेंगे। श्री चौहान ने कहा कि हमारी संस्कृति विश्व के कल्याण और सबके सुख की कामना करने वाली है। राज्य सरकार ने इसी संस्कृति के आधार पर काम करते हुए और कई कल्याणकारी योजनाएँ बनाई हैं। इनमें मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना और मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना जैसी योजनाएँ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य सरकार ने उज्जैन में मंदिरों का जीर्णोद्धार तथा भारतीय संस्कृति के सबसे बड़े पर्व सिंहस्थ महाकुंभ का सफल आयोजन करवाया है। साथ ही भगवान परशुराम की जन्म-स्थली जानापाव का विकास किया है। पवित्र नर्मदा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिये 1300 करोड़ रूपये की योजना गई है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के कल्याण के लिये अनेक योजनाएँ शुरू की गई हैं।

जल संसाधन एवं जनसंपर्क मंत्री श्री नरोत्तम मिश्रा, राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री शिव चौबे, राष्ट्रीय एकता परिषद मध्यप्रदेश के उपाध्यक्ष श्री रमेश शर्मा, जानापाव के महंत श्री बद्रीदास जी महाराज, श्री विष्णु शुक्ला बड़े भैया, पुजारी परिषद के अध्यक्ष श्री महेश व्यास मध्यप्रदेश पुजारी संघ के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र दीक्षित, सर्व ब्राह्मण समन्वयक श्री विकास अवस्थी, मैथिल ब्राह्मण समाज के श्री यदुवंश झा, महाराष्ट्रियन ब्राह्मण समाज की सुश्री पूनम कुलकर्णी, श्री रामबाबू शर्मा, श्री श्याम पाठक, श्री एस.के. शर्मा और अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।