बाह्य अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग के लिए इसरो और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी (सीएसए) के बीच हस्‍ताक्षरित एमओयू का कैबिनेट द्वारा आकलन

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल को बाह्य अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग के लिए अंतरिक्ष विभाग/भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (डीओएस/इसरो) और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी (सीएसए) के बीच हस्‍ताक्षरित सहमति पत्र (एमओयू) के बारे में अवगत करा दिया गया है। इस एमओयू पर 15 अप्रैल, 2015 को ओटावा, कनाडा में हस्‍ताक्षर किए गए थे।

इस एमओयू से एक संयुक्‍त टीम का गठन होगा, जिसमें इसरो और सीएसए के सदस्‍य शामिल होंगे। यह टीम सहयोगात्‍मक परियोजनाओं पर गौर करने एवं इन्‍हें परिभाषित करने सहित कार्ययोजना नये सिरे से तैयार करेगी और इसके साथ ही समय सीमा तय करेगी। इससे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों के शांतिपूर्ण उपयोग के क्षेत्र में विविध अनुसंधान के अवसर भी मिलेंगे।

पृष्‍ठभूमि

सफल अंतरिक्ष सहयोग को एस्ट्रोसैट खगोल विज्ञान मिशन के समर्थन में उपग्रह ट्रैकिंग नेटवर्क परिचालन और अल्ट्रा वायलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (यूवीआईटी) डिटेक्टर सबसिस्टम के क्षेत्र में लागू दो व्‍यवस्‍थाओं के जरिये क्रमशः दिसम्‍बर 2003 एवं जून 2004 से चलाया जा रहा है। इसका लक्ष्‍य शांतिपूर्ण उद्देश्‍यों के लिए बाह्य अंतरिक्ष में भावी सहयोग के साथ-साथ इसका उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि सरकारी, औद्योगिक एवं शैक्षणिक स्‍तरों पर दोनों देशों के बीच वैज्ञानिक व प्रौद्योगिकी विकास और आपसी संबंधों को सुदृढ़ किया जा सके।
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