बच्चे हमारा भविष्य, हर बच्चा स्कूल जाए, यह हम सभी की पहली जिम्मेदारी

शिक्षक शिक्षा को आनन्दपूर्ण बनाएँ : मुख्यमंत्री कमल नाथ
मुख्यमंत्री का “स्कूल चलें हम” अभियान की पूर्व संध्या पर प्रदेश की जनता के नाम संदेश
मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि बच्चे हमारा भविष्य हैं। हमारी सबसे पहली जिम्मेदारी है कि हर बच्चा स्कूल जाए। इसके लिए प्रदेश के हर नागरिक को ‘स्कूल चलें हम’ अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाना है। मुख्यमंत्री ने(todayindia)(latest news)(breaking news)(bollywood news)(cricket news)(sports news)(political news) प्रदेश के सभी शिक्षकों से अपील की है कि वे शिक्षा को आनंदपूर्ण और स्कूलों में ऐसा वातावरण बनाएँ कि बच्चों में पढ़ने की रूचि जाग्रत हो और उनकी प्रतिभा निखर सके। श्री नाथ ने यह बात 24 जून से शुरु हो रहे ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की पूर्व संध्या पर प्रदेश की जनता के नाम जारी संदेश में कही।

बच्चे देश और प्रदेश की पूँजी

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि हर बच्चे में प्रतिभा और आगे बढ़ने की क्षमता होती है। हर बच्चा प्रदेश और देश की कीमती पूँजी है। इसलिए हम सब लोगों को मिलकर इनके बेहतर भविष्य की चिन्ता करना होगी। वे शिक्षित हों-दीक्षित हों और सर्वश्रेष्ठ नागरिक के रूप में उनका निर्माण हो, इसके लिए हमें प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को स्कूल भेजना सुनिश्चित करना चाहिए।

हर बच्चे में आत्म-विश्वास पैदा करें शिक्षक

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने शिक्षकों से कहा है कि हर बच्चे में आत्म-विश्वास पैदा करें। प्रत्येक बच्चा स्कूल में दाखिला लेने के बाद रोज स्कूल आए, इस पर विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए शिक्षिकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए उन्हें नि:शुल्क यूनिफार्म, साईकल, पुस्तक और छात्रवृत्ति, शिष्यवृत्ति देने जैसे सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं। श्री नाथ ने कहा कि बच्चों का पढ़ाई में मन लगे, इसके लिए शिक्षा सत्र शुरु होने के बाद एक हफ्ते तक स्कूलों में खेल-कूद, गायन, चित्रकला एवं अन्य गतिविधियाँ चलाई जाएंगी।

बच्चों को योग्य बनाने के लिए शिक्षा में नवाचार

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि बच्चों को आज के समय के अनुसार योग्य बनाने के लिए कई नवाचार भी किए जा रहे हैं। कक्षा दसवीं के छात्रों के लिए जिलों में कॅरियर कांउसिलिंग की व्यवस्था की गई है। सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के बच्चे भी अच्छी शिक्षा पाएँ, इसके लिए उन्हें स्कॉलरशिप दी जा रही है। प्राईवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत गरीब और कमजोर वर्गों के बच्चों को नि:शुल्क प्रवेश और शिक्षा देने की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि ‘स्कूल चलें हम’ अभियान हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। हर बच्चा स्कूल जाए, इसके लिए हम सब लोग इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।(todayindia)(latest news)(breaking news)(bollywood news)(cricket news)(sports news)(political news)