प्रधानमंत्री ने व्‍लादिवोस्‍तिक की यात्रा से पहले कहा- भारत और रूस द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने और इसमें विविधता लाने के लिए तैयार।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांचवें पूर्वी आर्थिक मंच की बैठक में भाग लेने के लिए तीन दिन की यात्रा पर आज शाम रूस के व्‍लादिवोस्‍तिक रवाना होंगे। प्रधानमंत्री पांचवें पूर्वी आर्थिक मंच में मुख्‍य अतिथि होंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री रूस और भारत के बीच 20वें वार्षिक शिखर सम्‍मेलन में भी शामिल होंगे।

रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने कहा कि व्‍लादिवोस्‍तिक की उनकी यात्रा किसी भारतीय प्रधानमंत्री की रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र की पहली यात्रा है। उन्‍होंने कहा कि दोनों पक्ष आपसी संबंधों को और सुदृढ़ करने के इच्‍छुक हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वी आर्थिक मंच की बैठक से इस क्षेत्र में भारत तथा रूस के बीच आपसी लाभदायक सहयोग में विकास की अपार क्षमता मिलेगी।

उन्‍होंने कहा कि भारत और रूस के बीच अनूठे संबंध हैं जो महत्‍वपूर्ण भागीदारी की नींव पर टिके हैं। उन्‍होंने कहा कि दोनों देशों के बीच मजबूत और बढ़ते व्‍यापार तथा निवेश के अवसर है।

प्रधानमंत्री रूस में ज्‍वेज़दा पोत निर्माण परिसर भी जाएंगे। ट्वीट संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे जहाज निर्माण के क्षेत्र में रूस की उत्‍कृष्‍ट क्षमताओं को जानने के साथ-साथ इस क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशने का बड़ा अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि सांस्‍कृतिक सहयोग को मजबूती देने के प्रयासों में गांधी जी की 150वीं जयन्‍ती के उपलक्ष्‍य में विशेष डाक टिकट जारी किया जाएगा। योग को लोकप्रिय बनाने के लिए एक ऐप का भी शुभारंभ होगा।

विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि रूस के राष्‍ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय वार्ता के दौरान विभिन्‍न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

श्री गोखले ने कहा कि भारत और रूस तेल तथा गैस की खोज और दोहन में सहयोग बढ़ाने के लिए 2020-24 की 5 वर्ष की कार्य-योजना पर चर्चा करेंगे। इस अवसर पर कई सहमति-पत्रों पर भी हस्‍ताक्षर हो सकते हैं।
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