पूर्व विदेश मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता सुषमा स्वराज(sushma swaraj)का निधन |

पूर्व विदेश मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता सुषमा स्वराज(sushma swaraj) का मंगलवार देर रात दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया | वह ६७ वर्ष की थी | सुषमा स्वराज के परिवार में उनके पति स्वराज सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता है | वे मिजोरम के गवर्नर सांसद भी रह चुके है | बेटी बांसुरी अधिवक्ता है |(sushma swaraj)(sushma swaraj death)(todayindia)(latest news)(breaking news)(national news)सुषमा स्वराज का जन्म १४ फरवरी १९५२ को हरियाणा के अम्बाला में हुआ था | सुषमा के पिता हरदेव शर्मा संघ के सक्रिय सदस्य थे | पंजाब यूनिवर्सिटी में लॉ की पढ़ाई पूरी की | कश्मीर में अनुच्छेद-३७० को समाप्त करने वाला संकल्प पत्र लोकसभा में पारित होने के १८ मिनिट बाद उन्होंने ट्वीट करके कहा – ‘ में जीवन में इसी दिन को देखने की प्रतीक्षा कर रही थी |’ और इसके तीन घंटे बाद देह छोड़ गईं | ६७ वर्षीया सुषमा स्वराज को हार्ट अटैक के बाद एम्स ले जाया गया था | लेकिन उन्हें बचाया नहीं सका | २०१६ में एम्स में ही सुषमा स्वराज का गुर्दा प्रत्यारोपण हुआ था | उसके बाद ख़राब स्वास्थ्य का कारण बताकर उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ने से मना कर दिया था | ट्विटर पर १.३१ करोड़ फॉलोवर्स वाली दुनिया की सबसे चर्चित महिला नेता थी |

सुषमा स्वराज के निधन की खबर सुनते ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन और सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी एम्स पहुँच गए | इसके कुछ देर बाद ही एम्स में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह , कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद सहित ततम बीजेपी लीडर एम्स पहुँच गए |

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ट्वीट 

भारतीय राजनीति के स्वर्णिम युग का अंत
सुषमा स्वराज के निधन पर प्रधानमंत्री ने दुखी मन से ट्वीट करते हुए कहा , ‘ भारतीय राजनीति के एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया है | पूरा भारत इन प्रतिभाशाली नेता के शोक में डूब गया है | राजग सरकार में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले मंत्रियो में से एक रही सुषमा के लिए प्रधानमंत्री ने शोक व्यक्त करते हुए कहा है – सुषमा जी शानदार वक्ता असाधारण सांसद थी | उन्हें दलीय सीमाओं से ऊपर हमेशा सराहा जायेगा और सम्मान मिलेगा | जब विचारधारा और बीजेपी के हितो का मामला होता था तो वह कभी समझौता नहीं करती थी |

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के घर जाकर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि देने के बाद परिजनों से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भावुक हो गए। पीएम मोदी ने पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। प्रधानमंत्री ने सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज के सिर पर हाथ रखकर ढांढस बंधाया। सुषमा स्वराज के पति कौशल स्वराज से बात करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भावुक भी हो गए।

सुषमा जी के निधन का बेहद दुःख है | वे हमारी बड़ी बहन की तरह थी |
ओम बिड़ला , लोकसभा अध्यक्ष

पार्टी कार्यालय में पार्थिव देह
बीजेपी के कार्यवाहक अध्यक्ष जेपी नड्ढा ने मीडिया को बताया की सुषमा स्वराज के अंतिम दर्शन के लिए उनका पार्थिव देह दिल्ली में दीं दयाल उपाध्याय मार्ग स्थित पार्टी कार्यालय में दोपहर १२ बजे से ३ तक रकः जायेगा | उसके बाद लोधी रोड मुक्ति धाम ले जाया जायेगा |

सुषमा स्वराज अकसर ट्विटर पर सक्रिय रहती थीं। उन्होंने इसके माध्यम से हजारों लोगों की मदद की। उनकी सक्रियता की वजह से विदशों में बसे कई भारतीयों को वीजा मिला। पूर्व विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह के साथ मिलकर उन्होंने कई बड़े ऑपरेशनों को अंजाम दिया।(sushma swaraj)(sushma swaraj death)(todayindia)(latest news)(breaking news)(national news)

सुषमा स्वराज विदेशों में फंसे लोगों की मदद करने के लिए काफी चर्चा में रहीं
विदेश मंत्री रहते हुए सुषमा स्वराज विदेशों में फंसे लोगों की मदद करने के लिए काफी चर्चा में रहीं थीं। अगर कोई भी ट्वीट कर सुषमा स्वराज से अपनी परेशानी बताता था तो सुषमा उसको जवाब देती थी और उसकी पूरी मदद भी करती थी। लोग ट्विटर पर उनसे मदद की गुहार लगाते थे।

साल 2017 में पाकिस्तान की महिला नीलमा गफ्फार के पति ने उस समय की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से अपनी बीमार पत्नी के वीजा को मंजूरी देने के लिए अनुरोध किया था, जिस पर सुषमा ने ट्विटर पर उसके वीजा को मंजूरी की जानकारी दी थी।

इसके साथ ही मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में विदेश मंत्री के तौर पर सुषमा स्वराज ने लीबिया में फंसे भारतीयों की मदद और उनको वहां से निकालने के लिए बड़ी भूमिका अदा की थी। इसी साल मई में सऊदी अरब में फंसे हैदराबाद के हाफिज मुहम्मद बहाउद्दीन को वहां से निकालने में मदद की थी।

राजनितिक जीवन
१४ फरवरी , १९५२ को हरियाणा के अम्बाला केंट में जन्मी सुषमा सबसे पहला चुनाव १९७७ में लड़ा | तब वे २५ साल की थी | वे  हरियाणा की अम्बाला सीट से चुनाव जीतकर देश की सबसे युवा विधायक बनीं | सुषमा स्वराज ७ बार सांसद और तीन बार विधायक बनी | २७ वर्ष की आयु में जनता पार्टी हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष बनी | वे १९८७ से १९९० के बीच हरियाणा की बीजेपी लोकदल सरकार में शिक्षा मंत्री रहीं | वे ३ महीनो के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री भी बनी | अटल बिहारी वाजपेयी की दूसरी सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री रहीं | २००३ से २००४ के बीच स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए देश भर में एम्स खोले का निर्णय हुआ | पहली बार नरेंद्र मोदी सरकार में विदेश मंत्री से पहली २००९-२०१४ के बीच १५ वी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष भी थी |(sushma swaraj)(sushma swaraj death)(todayindia)(latest news)(breaking news)(national news)

Madhyapradesh BJP news
पार्टी ने एक प्रखर नेता युवाओं ने स्नेही मार्गदर्शक खो दिया: राकेश सिंह
भोपाल। सुषमा दीदी पार्टी के उत्थान और विकास के हर दौर की साक्षी रहीं। एक प्रखर नेता के रूप में उन्होंने हर दौर में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। युवा सांसदों, नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए तो सुषमा दीदी का इस तरह जाना गंभीर क्षति है, जिनका स्नेहिल मार्गदर्शन सभी को सहजता से उपलब्ध रहता था। यह बात भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री राकेश सिंह पार्टी की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज के निधन पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कही।
श्री राकेश सिंह ने कहा कि सुषमा दीदी की वक्तृत्व कला ने उनके राजनीतिक कॅरियर की शुरुआत से ही सभी को आकर्षित करना शुरू कर दिया था। कठिन से कठिन विषय को पूरी सरलता के साथ स्पष्ट करना उनकी विशेषता रही। पार्टी के प्रति उनका समर्पण अद्वितीय था। वे बिना ना नुकूर के बेल्लारी से कांग्रेस प्रत्याशी श्रीमती सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ीं और महज 15 दिनों में कन्नड़ भाषा सीखकर उन्होंने सभी को चैंका दिया था। श्री सिंह ने कहा भारत के विदेश मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल में सारी दुनिया में एक अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने न सिर्फ विदेश मंत्रालय के चेहरे को मानवीय और मददगार स्वरूप प्रदान किया, बल्कि वे समूची शासन प्रणाली के मानवीयकरण की अग्रदूत के रूप में याद की जाएंगी।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती स्व. सुषमा दीदी का विशेष संबंध रहा है और उनका जाना प्रदेश के हर कार्यकर्ता, हर व्यक्ति के लिए दुखद है। मैं उनकी आत्मिक शांति की कामना करता हूं और ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वे उनके परिजनों को इस असीम दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।(sushma swaraj)(sushma swaraj death)(todayindia)(latest news)(breaking news)(national news)
===================
courtesy