नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में प्रबुद्ध नागरिकों ने राष्‍ट्रपति से मुलाकात की। देश का माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की

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नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में प्रबुद्ध नागरिकों ने राष्‍ट्रपति से मुलाकात की। देश का माहौल बिगाड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की | पूर्व न्यायाधीशों, प्रशासनिक अधिकारियों, सशस्त्र बलों के अधिकारियों, राजनयिकों और बुद्धिजीवियों के 154 सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध की आड़ में देश के वातावरण को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

प्रतिवेदन पर हस्ताक्षर करने वालों में सिक्किम उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रपति के समक्ष सी.ए.ए. को लेकर हो रहे हिंसक प्रदर्शनों पर आपत्ति दर्ज कराई है।

यह मैमोरेंडम हमने राष्ट्रपति जी को दिया है। अपना कंसर्न शो किया है जो देश के अंदर बातें हो रही हैं। लेकिन जिस तरीके से प्रोटेस्ट किया जा रहा है असम की आज़ादी, कश्मीर की आज़ादी, आज़ादी के नारे लगाना और फिर वायलेंस करना और लोगों को बच्चों को स्कूल नहीं जाने देना हमारा कंसर्न यह है।

इस प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पिछले छह वर्ष में वसुधैव कुटुम्बकम के पुरातन संदेश को विश्व भर में पहुंचाने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के उल्लेखनीय योगदान की सराहना की। उन्होंने तीन तलाक की प्रथा समाप्त करने, जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को हटाने और अयोध्या पर राम मंदिर के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद समाज में सद्भाव बनाये रखने की सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया है।

योगगुरु स्वामी रामदेव ने नागरिकता संशोधन अधिनियम का विरोध करने वालों की आलोचना करते हुए कहा है कि देश गलियों से नहीं बल्कि संसद से संचालित होता है। उन्होंने कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक को विरोध का अधिकार है लेकिन यह विरोध सत्य और सही जानकारी पर आधारित होना चाहिए।

सी.ए.ए. किसी की नागरिकता छीनने के लिये नहीं है। यह तो जो हमारे पड़ोसी मुल्कों से पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश से जो हमारे अल्पसंख्यक वहां पर जो भाई हैं उनको किसी भी प्रकार से सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक तौर से प्रताड़ित किया जाता है तो उनको नागरिकता देने के लिये। इस हिन्दुस्तान के जितने हिन्दुओं का हक है उतना ही मुसलमान का हक है और किसी की नागरिकता को कोई ले कैसे सकता है।

स्वामी रामदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट कहा है कि व्यापक राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर-एनआरसी लागू करने पर अभी तक कोई विचार-विमर्श नहीं हुआ है, इसलिए एनआरसी के खिलाफ विरोध बेबुनियाद है।(todayindia),Headlines,Latest News,Breaking News,Cricket ,Bollywood news,today india news,today india,CAA
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