जनता की सलाह और साझेदारी से होगा पानी बचाने का काम,मुख्यमंत्री कमल नाथ का जनता के नाम संदेश

युवाओं के सहयोग से चलायेंगे पानी बचाओ आंदोलन
राज्य स्तर पर वाटर सेल गठित
प्रदेश में जनता की सलाह और भागीदारी से पानी बचाने का काम होगा। राज्य स्तर पर एक जल प्रकोष्ठ गठित किया गया है। इसकी जिम्मेदारी सचिव स्तर के अधिकारी को दी गई है। आम नागरिक ‘वाटर सेल’ के ई-मेल आई.डी watercellmp@gmail.com पर पानी बचाने से संबंधित गतिविधियों पर अपनी राय दे सकते हैं।(todayindia)(latest news)(breaking news)(bollywood news)(cricket news)(sports news)(political news)

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने जनता के नाम जारी संदेश में पानी को सहेजने और नए जल स्त्रोतों को विकसित करने के लिए अपने अनुभव और सुझाव साझा करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि पानी बचाने के काम में युवा शक्ति समितियाँ गठित कर युवाओं को पानी बचाने का दायित्व सौपेंगे और एक बड़ा आंदोलन चलाएंगे। उन्होने युवाओं से जल दूत बनने आग्रह किया है ।

मुख्यमंत्री श्री नाथ ने कहा कि वाटर सेल पानी को सहेजने और उसके किफायती उपयोग की रणनीति तय करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने वाले समय में पानी को बचाने और जल राशि बढ़ाने के लिए अब जो भी काम होंगे, वह प्रदेश के नागरिकों की सलाह और साझेदारी के साथ होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि पानी सबके लिए अनिवार्य जरूरत है । इसके बिना हम जीवन की कल्पना नहीं कर सकते। इसलिए यह जरूरी है कि पानी के संरक्षण के काम में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। उन्होंने युवाओं का आव्हान किया कि वे जलदूत के रूप में काम करें। युवाओं की सोच, नजरिए और जोश से पानी की हर बूँद को बचाकर हम उसका बेहतर उपयोग कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे जहाँ भी हैं, जो भी काम कर रहे हैं, अपने-अपने क्षेत्रों में समाज के सभी वर्गों में पानी के संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करें। पानी को रोकने के लिए अधिक से अधिक काम करने में योगदान दें।

बड़े पैमाने पर करें पौधा-रोपण

मुख्यमंत्री ने कहा है कि सूखा एक प्राकृतिक प्रकोप है। इस पर किसी का कोई बस नहीं हैं लेकिन सूखे से निपटने की ताकत और ऊर्जा सभी लोगों में है। इसलिए हम सब मिलकर पानी बचाने का काम करके इस संकट का सफलतापूर्वक सामना कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार बरसात में बारिश का पानी गाँव में ही रोकने के लिए जरूरी सभी काम हम सब लोगों को करना होगा। बड़ी-बड़ी योजनाओं की बजाए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर तालाबों, चैकडेम, खेत-तालाबों परकोलेशन तालाब, मेढ़-बंधान, कुँआ रिचार्ज जैसे छोटे लेकिन महत्वपूर्ण काम हमें मिलकर करना होंगे। बड़े पैमाने पर पौधा-रोपण करें और उन्हें सिंचित करने के साथ सुरक्षित भी रखें। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के बड़े किसानों से आग्रह किया है कि वे स्वयं के खेतों में अपने पैसे से पानी रोकने के लिए खेत, तालाब और भू-जल रिचार्ज का काम करें।

मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा है कि जल संरक्षण के लिए सरकार ने विभिन्न शासकीय योजनाओं में पर्याप्त धनराशि की व्यवस्था की है। पंचायत और जन-प्रतिनिधि इस दिशा में सजग होकर अपने-अपने क्षेत्रों में व्यापक पैमाने पर पानी को बचाने का कार्य करवाएँ। मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों और विधायकों से अनुरोध किया है कि वे अपनी निधि का उपयोग पानी सहेजने के काम पर प्राथमिकता से करें। मुख्यमंत्री ने अपेक्षा की है कि प्रदेश को पानीदार बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान में हर व्यक्ति संकल्पित और समर्पित होकर काम करेगा।
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