चंद्रयान-2 का चन्‍द्रमा की पांचवी और अंतिम कक्षा में सफलापूर्वक प्रवेश।

चन्‍द्रयान-2 को आज शाम इसके आर्बिटर ने चन्‍द्रमा के नजदीक पांचवीं और अन्तिम कक्षा में सफलता पूर्वक पहुंचा दिया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन- इसरो ने एक विज्ञप्ति में बताया कि आर्बिटर पर मौजूद इंजन छह बजकर 21 मिनट पर शुरू हुआ और 52 सैकंड तक चला। इससे आर्बिटर ध्रुवीय पोल 119 गुना 127 किलोमीटर कक्षा के नजदीक पहुंच गया। इस दौरान अंतरिक्ष यान के सभी मानक सामान्‍य रहे।

आर्बिटर अगले एक साल से अधिक समय तक चन्‍द्रमा का चक्‍कर लगाता रहेगा। इस दौरान यह चन्‍द्रमा के धरातल की तस्‍वीरें लेगा और चन्‍द्रमा के बाहरी वातावरण की जानकारी एकत्र करेगा।

चन्‍द्रयान-2 का लैंडर विक्रम कल आर्बिटर से अलग हो जायेगा । इसका संभावित समय बारह बजकर पैंतालिस मिनट से एक बजकर पैंतालिस मिनट है। लैंडर का नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉक्‍टर विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है।
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