गौर नदी को जीवन देने प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद राकेश सिंह ने चलाए फावड़े, मिट्टी से भरी तगाड़ियां

जल रक्षा अभियान के दूसरे दिन हुआ गौर नदी पर बोरी बंधान का काम
जबलपुर। कभी तेज धूप तो कभी बादलों की लुकाछिपी। मिट्टी खोदने, तगाड़ियां ढोने और मिट्टी को बोरियों में भरने के काम में पसीना बहाते लोग। और थके हुए लोगों में नया जोश भरते हुए भारत माता की जय, नर्मदा मैया की जय, जल की रक्षा कौन करेगा-हम करेंगे, हम करेंगे जैसे नारे। यह दृश्य था ग्राम पड़वार में गौर नदी के मुहाने पर चल रहे(todayindia)(latest news)(breaking news)(bollywood news)(cricket news)(sports news)(political news)
जल रक्षा अभियान का। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं स्थानीय सांसद श्री राकेश सिंह की पहल पर शुरू किए गए इस पांच दिवसीय अभियान के दूसरे दिन गौर नदी पर बोरी बंधान का काम हुआ। इस दौरान आम लोगों, पार्टी कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों के साथ मिलकर प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह ने भी फावड़े चलाए, तगाड़ियां भरीं।

प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद श्री राकेश सिंह की पहल पर जबलपुर के समीप ग्राम पड़वार में गौर नदी को नवजीवन देने के लिए पांच दिवसीय जल रक्षा अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दूसरे दिन नदी पर श्रमदान से बनाए जा रहे बोरी बंधान के लिए बोरियों में मिट्टी भरने का काम हुआ। प्रदेश अध्यक्ष के आह्वान पर सैकड़ों नागरिकों, ग्रामीणों, समाजसेवियों और कार्यकर्ताओं ने श्रमदान किया। प्रदेश अध्यक्ष श्री राकेश सिंह ने भी श्रमदानियों के साथ मिलकर फावड़े चलाए और तगाड़ियां भरीं। जबलपुर से हजारों लोग अपने अपने तस्सल, गैंती फावड़े, बोरे लेकर वहां पहुंचे हुए हैं। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष श्री सिंह के अनुरोध पर कई लोगों ने अपने-अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली, खुदाई की मशीनें भी पहुंचाई हैं।(todayindia)(latest news)(breaking news)(bollywood news)(cricket news)(sports news)(political news)

इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कहा कि ऐसे अभियानों में उनका उद्देश्य कभी भी प्रचार मात्र नहीं रहा, बल्कि वे वास्तव में उन लोगों की मदद करना चाहते हैं, जो अपना पसीना बहाकर जल का संरक्षण करना चाहते हैं। श्री सिंह ने कहा कि सामान्यतः लोग चाहते तो हैं कि उनके क्षेत्र में भी ऐसा काम हो, मगर वे इस काम की अपेक्षा प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से ही करते हैं। श्री सिंह ने कहा कि इस तरह के प्रयासों की सफलता के लिए जरूरी है कि हर गांव के लोग जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझें और इसके लिए आगे आएं। श्री सिंह ने इस दौरान एक तालाब के गहरीकरण के समय का किस्सा भी सुनाया, जिसमें गांव के लोगों ने तालाब को गहरा करने के लिए उनसे आग्रह किया था।

फोकस नर्मदा की सेहत पर

प्रदेश अध्यक्ष श्री सिंह ने कहा कि गौर नदी पर चल रहा जल रक्षा का यह अभियान देखने में भले ही स्थानीय महत्व का लगता हो, लेकिन इसका असल उद्देश्य नर्मदा की सेहत सुधारना है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में नर्मदा की अधिकांश सहायक नदियां सूख चुकी हैं, पठारी दिखाई देने लगी हैं। यदि उन्हें पुनर्जीवित नहीं किया जा सका, तो नर्मदा मैया की धार कब तक चलेगी, कहा नहीं जा सकता। इसी उद्देश्य से उन्होंने गौर नदी पर जल रक्षा अभियान शुरू किया, जिसे आशा से अधिक जनसमर्थन मिल रहा है।(todayindia)(latest news)(breaking news)(bollywood news)(cricket news)(sports news)(political news)