केन्‍द्रीय विद्युत मंत्री पीयूष गोयल ने देश में सभी परिवारों के लिए विद्युतीकरण की अपील की, कहा – किसानों को समय पर पर्याप्‍त बिजली मिलनी चाहिए

16 June 2016
केन्‍द्रीय विद्युत कोयल एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा है कि उनका मंत्रालय यह सुनिश्चित करने के लिए वचनबद्ध है कि देश में प्रत्‍येक घर में विद्युतीकरण हो और सभी किसानों को समय से और पर्याप्‍त बिजली मिले। गोवा में विद्युत, ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा राज्‍य मंत्रियों के सम्‍मेलन को सम्‍बोधित करते हुए उन्‍होंने कहा कि वर्ष 2019 तक देश में सभी उद्योगों, वाणिज्‍य, परिवारों, किसानों के लिए 24 घंटे बिजली उपलब्‍ध कराने के हमारे लक्ष्‍य में गरीबों, ग्रामीणों और किसानों के जीवन में परिवर्तन लाना महत्‍वपूर्ण है।

श्री गोयल ने कहा कि गरीबों के लिए कुशल तरीके से सस्‍ती पर्याप्‍त बिजली के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। उन्‍होंने कहा कि यदि हम भागीदारी और सहयोग की भावना से कार्य करते हैं तो यह आसान है। श्री गोयल ने कहा कि हम राज्‍यों के अनुभवों से सीखते हैं और उन्‍हें प्रसन्‍नता है कि इस सम्‍मेलन ने एक दूसरे की समस्‍याओं को समझने और विचारों के आदान-प्रदान के लिए एक अच्‍छा मंच उपलब्‍ध कराया है।

पूर्वोत्‍तर राज्‍यों पर विशेष बल देते हुए उन्‍होंने कहा कि जब तक हम पूर्वी और पूर्वोत्‍तर राज्‍यों को विकसित नहीं कर लेते तब तक हम भारत को विकसित करने में सक्षम नहीं होंगे। ट्रांसफार्मर, केबल्‍स जैसे बड़े उपकरणों के लिए आम संयोजन नीति पर विचार व्‍यक्त करते हुए उन्‍होंन आशा व्‍यक्‍त की कि उनका मंत्रालय, राज्‍यों से सहायता प्रदान करेगा। उन्‍होंने कहा कि यदि कुछ राज्‍य यह महसूस करते हैं कि वे उपकरण और मशीनरी की खरीद में बेहतर कर सकते हैं तो उनका स्‍वागत है, हालांकि उनके मंत्रालय का यह मानना है कि सामान्‍य खरीद नीति के साथ एक केन्‍द्रीकृत प्रणाली बेहतर है।

उन्‍होंने प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि कर्नाटक और गोवा दो राज्‍य आज यूडीएआई समझौते पर हस्‍ताक्षर कर रहे हैं। उन्‍होंने यह भी कहा कि पूर्वोत्‍तर राज्‍यों को कुछ अधिमान्‍य के अलावा किसी भी राज्‍य के साथ भेदभाव नहीं किया गया है। इस सम्‍मेलन के एजेंडे पर अपनी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त करते हुए कहा कि जल और पवन ऊर्जा क्षेत्र उपेक्षित रहे हैं और यह महत्‍वपूर्ण है कि वार्तालापों के माध्‍यम से विकास की दीर्घावधि योजनाओं के लिए इन क्षेत्रों को पटरी पर लाना जरूरी है। उन्‍होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों और हमारे कस्‍बों एवं गांवों को 24 घंटे बिजली की आवश्‍यकता है।

बिजली की चोरी में कमी के लिए गुजरात अनुभव को बांटते हुए उन्‍होंने राज्‍यों से अपील की कि वे बिजली चोरी में कमी लायें। श्री गोयल ने कहा कि बिजली चोरी को रोकने से काफी बड़ा राजनीतिक लाभ भी है।

दो दिन के इस द्वीवार्षिक सम्‍मेलन का आयोजन विद्युत और कोयला मंत्रालय के द्वारा किया गया है। इस सम्‍मेलन में 19 राज्‍यों के मं‍त्री और 27 राज्‍यों के सचिव एवं अधिकारी भाग ले रहे हैं। कोयला सचिव श्री अनिल स्‍वरूप ने जानकारी दी कि कुछ समय पहले कमी की स्थिति के बाद अब उनके मंत्रालय के पास 550 एमटी कोयले का पर्याप्‍त भंडार है, लेकिन इसे लेने वाले अधिक नहीं है। उन्‍होंने कोयला उत्‍पादन करने वाले राज्‍यों से आयात रोकने की अपील की और कहा कि इस विषय पर भी सम्‍मेलन में विचार विमर्श किया जाएगा। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा सचिव श्री उपेन्‍द्र त्रिपाठी ने गरीब और वंचित वर्गों के लिए खासतौर पर विशेष मूल्‍य निर्धारण के महत्‍व पर बल दिया।
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