केंद्र सरकार ने बैंग्लुरू में झीलों के संरक्षण और बचाव के लिए कई कार्यक्रमों को अनुमति प्रदान की

14 June 2016
सभी सीवेज शोधन संयंत्रों की सातों दिन और चौबीसों घंटे निगरानी की जाएगी : प्रकाश जावड़ेकर
केंद्र सरकार ने प्रदूषण की रोकथाम और बैंग्लुरू में झीलों के संरक्षण और बचाव के लिए कई कार्यक्रमों की अनुमति प्रदान की है। इस संबंध में निर्णय केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री श्री अनंत कुमार और केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री( स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रकाश जावड़ेकर की संयुक्त अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया।

बैठक के बाद अपने संबोधन में श्री जावड़ेकर ने कहा कि सभी सीवेज शोधन संयंत्रों के साथ-साथ बैंग्लुरू में संबधित प्राधिकरणों द्वारा सातों दिन चौबीसों घंटे पानी की गुणवत्ता की निगरानी करने का निर्णय लिया गया है। बैंग्लुरू में झीलों के संरक्षण और बचाव के प्रयासों में कार्पोरेट सेक्टर को भी सम्मिलित किया जाएगा। इस संबंध में हर 6 महीने में प्रगति की निगरानी की जाएगी।

श्री अनंत कुमार ने कहा कि बैंग्लुरू में झीलों का जैविक-विकास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि झीलों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी रूप में जैव विविध रूप में फिर से पुरानी अवस्था में लाया जाएगा।

शहरी विकास मंत्रालय के अमरूत कार्यक्रम के अंतर्गत बैंग्लुरू में गंदे पानी और सीवेज शोधन संयंत्रों के लिए 887.97 करोड़ रूपए की परियोजनाओं को अनुमति प्रदान की गई है या कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं। अन्य लाभों के साथ-साथ इन परियोजनाओं से बैंग्लुरू में प्रदूषण तत्वों की झीलों में सम्मिलित होने वाली मात्रा में कमी कर झीलों को पुनर्जीवन प्रदान किया जा सकेगा।

आज की बैठक 19 अक्टूबर,2015 को बैंग्लुरू में केंद्रीय पर्यावरण,वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री( स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रकाश जावड़ेकर द्वारा बैंग्लुरू में झीलों के पुनरुद्धार की प्रभावी योजना हेतु बैठक के बाद आयोजित की गई थी। बैठक में कर्नाटक के वन और पर्यावरण मंत्री श्री रामनाथ राय और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया
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