‘उ0प्र0 मंत्रिपरिषद के महत्वपूर्ण निर्णय

08 Aug 2016
डाॅ0 राम मनोहर लोहिया विशिष्ट हस्तशिल्प प्रादेशिक पुरस्कार योजना की धनराशि बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर
मंत्रिपरिषद ने डाॅ0 राम मनोहर लोहिया विशिष्ट हस्तशिल्प प्रादेशिक पुरस्कार योजना की संशोधित गाईड लाइन्स जारी करने तथा पुरस्कार की धनराशि बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इस योजना के अन्तर्गत राज्य हस्तशिल्प पुरस्कार के तहत चयनित हस्तशिल्पियों को 35 हजार रुपए प्रति हस्तशिल्पी तथा दक्षता हस्तशिल्प पुरस्कार के अन्तर्गत चयनित हस्तशिल्पियों को 20 हजार रुपए प्रति हस्तशिल्पी पुरस्कार स्वरूप चेक अथवा ड्राफ्ट के माध्यम से प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, चयनित हस्तशिल्पियों को ताम्रपत्र, अंगवस्त्रम् एवं प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा।
पुरस्कार के लिए निर्धारित की गई पात्रता के तहत हस्तशिल्पियों की न्यूनतम आयु 25 वर्ष या इससे अधिक होनी चाहिए तथा हस्तशिल्प क्षेत्र में न्यूनतम 5 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। हस्तशिल्पी विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत हस्तशिल्प प्रमाण-पत्र धारक हो। पुरस्कार हेतु प्रेषित कलाकृति हस्तशिल्पी द्वारा स्वयं बनाई गई हो। हस्तशिल्पियों को राज्य पुरस्कार एक ही बार दिया जाएगा। यह योजना प्रदेश के समस्त जिलों में लागू होगी। चयनित हस्तशिल्पियों को पुरस्कार वितरण की व्यवस्था समारोह आयोजित कर की जाएगी।
ज्ञातव्य है कि हस्तशिल्प को बढ़ावा देने तथा हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहित करने के लिए वर्तमान में संचालित डाॅ0 राम मनोहर लोहिया विशिष्ट हस्तशिल्प प्रादेशिक पुरस्कार योजना के अन्तर्गत 20 राज्य पुरस्कार एवं 20 दक्षता पुरस्कार की व्यवस्था है। अभी तक राज्य पुरस्कार की राशि 25 हजार रुपए प्रति हस्तशिल्पी तथा दक्षता पुरस्कार की धनराशि 15 हजार रुपए प्रति हस्तशिल्पी निर्धारित थी।
‘उ0प्र0 लघु एवं मध्यम उद्योग ब्याज
उपादान योजना-2016’ को लागू किये जाने को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने ‘उत्तर प्रदेश लघु एवं मध्यम उद्योग ब्याज उपादान योजना-2016’ को लागू किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। प्रदेश के त्वरित आर्थिक विकास में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश की तीव्र आर्थिक प्रगति सुनिश्चित करने हेतु सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र का समग्र एवं संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाना अत्यन्त आवश्यक है।
प्रदेश के पूर्वांचल व बुन्देलखण्ड क्षेत्र औद्योगिक रूप से अति पिछड़े क्षेत्र हैं तथा प्रदेश के इस क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने व इन पिछड़े क्षेत्रों में अधिकाधिक लघु व मध्यम औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम नीति-2016 के क्रम में प्रदेश के पूर्वांचल, बुन्देलखण्ड व मध्यांचल क्षेत्र के जनपदों में लघु एवं मध्यम उद्योग ब्याज उपादान योजना लागू किये जाने का निर्णय लिया गया है।
योजना के अन्तर्गत इन क्षेत्रों के जनपदों में स्थापित होने वाली नई लघु व मध्यम औद्योगिक इकाइयों हेतु प्लाण्ट एवं मशीनरी मद में बैंक से लिये गये ऋण पर पूर्वांचल व बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 7 प्रतिशत की दर से अधिकतम 3 लाख रुपये प्रति इकाई प्रतिवर्ष की दर से 5 वर्षाें तक तथा मध्यांचल क्षेत्र में 5 प्रतिशत की दर से अधिकतम 3 लाख रुपये प्रति इकाई प्रतिवर्ष की दर से 5 वर्षाें तक ब्याज उपादान उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है।
वर्तमान में प्रचलित महिला उद्यमी प्रोत्साहन योजना को नीति के अनुसार प्रस्तावित ब्याज उपादान योजना में सम्मिलित करते हुए महिलाओं हेतु 20 प्रतिशत आरक्षण का प्राविधान किया गया है। इसके दृष्टिगत महिला उद्यमी योजना को समाप्त करने का फैसला भी लिया गया है।
सरकारी विभागों और संस्थाओं में गांधी आश्रम के
वस्त्रों को अनिवार्य तौर पर खरीदे जाने के प्रस्ताव को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास में लघु एवं कुटीर इकाइयों के महत्व तथा हथकरघा उद्योग से जुड़े बुनकरों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से लघु, कुटीर एवं हथकरघा इकाइयों द्वारा उत्पादित 11 प्रकार के वस्त्रों का क्रय सरकारी विभागों एवं शासकीय नियंत्रणाधीन उपक्रमों/निगमों/प्राधिकरणों/परिषदों एवं स्वायत्तशासी संस्थाओं द्वारा अनिवार्य रूप से किये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
इन वस्त्रों का क्रय उ0प्र0 राज्य हथकरघा निगम लि0, यूपिका, उ0प्र0 खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के माध्यम से उनके द्वारा वित्त पोषित एवं प्रमाणित संस्थाएं एवं श्री गांधी आश्रम तथा उ0प्र0 हस्तशिल्प विकास एवं विपणन निगम के माध्यम से किया जाएगा।
इस सम्बन्ध में शासनादेश दिनांक 17 अगस्त, 2015 की अवधि को पूर्व वर्षाें की भांति दिनांक 31 मार्च, 2016 तक विस्तारित किया गया था। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग तथा खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के प्रस्ताव पर उच्चस्तरीय विचार-विमर्श के बाद क्रय अनिवार्यता विषयक शासनादेश की अवधि को 3 वर्षाें अर्थात दिनांक 31 मार्च, 2019 तक विस्तारित करने का फैसला लिया गया है।
उ0प्र0 इंस्टीट्यूट आॅफ डिजाइन की स्थापना
के लिए निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराने का फैसला
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश इंस्टीट्यूट आॅफ डिजाइन की स्थापना हेतु निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराये जाने का फैसला लिया है। इसके तहत लखनऊ के परगना बिजनौर, तहसील सरोजनी नगर स्थित खाता संख्या 632 की 1.62 हेक्टेयर ऊसर भूमि, जिसकी कीमत 10 करोड़ 36 लाख 80 हजार रुपए है, को निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा।
ज्ञातव्य है कि उ0प्र0 इंस्टीट्यूट आॅफ डिजाइन (यू0पी0आई0डी0) की स्थापना दिनांक 12 मार्च, 2004 को लखनऊ में एक स्वायत्तशासी संस्थान के रूप में की गयी। इस संस्थान का मुख्य उद्देश्य हस्तशिल्प एवं हैण्डलूम क्षेत्र के कारीगरों को डिजाइन क्षेत्र में सर्टिफिकेट एवं डिप्लोमा कोर्सेज का संचालन कर उनका समग्र विकास किया जाना है।
वर्तमान में संस्थान को क्रियाशील किये जाने हेतु प्राथमिकता पर कार्यवाही की जा रही है। संस्थान में पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति भी की जा चुकी है। उ0प्र0 इंस्टीट्यूट आॅफ डिजाइन को 5 वर्षाें की अवधि में चरणबद्ध रूप से एक क्राफ्ट शैक्षणिक संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा।
संस्थान में छोटी अवधि के सर्टिफिकेट कोर्सेज के साथ-साथ 3 वर्ष का क्राफ्ट डिजाइन का डिप्लोमा कोर्स व 2 वर्ष का क्राफ्ट इण्टरप्रीन्योरशिप का डिप्लोमा कोर्स भी चलाया जाएगा। उ0प्र0 इंस्टीट्यूट आॅफ डिजाइन की स्थापना हेतु वित्तीय वर्ष 2016-17 में वृहद निर्माण मद में 1500 लाख रुपये तथा सहायता अनुदान समन्वय गैर (वेतन) मद में 200 लाख रुपये के बजट की व्यवस्था की गयी है।
‘उ0प्र0 निर्यात अवस्थापना विकास योजना’ का प्रस्ताव मंजूर
मंत्रिपरिषद ने ‘उत्तर प्रदेश निर्यात अवस्थापना विकास योजना’ के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। यह योजना प्रदेश में निर्यात संवर्धन के प्राथमिक उद्देश्य के साथ-साथ उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार, अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के प्रतिस्पर्धी सामथ्र्य के विकास एवं उच्च तकनीक को अपनाने तथा निर्यात परक उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों, कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों के कौशन उन्नयन से राज्य के आर्थिक विकास एवं रोजगार सृजन का कार्य करेगी।
इस योजना के तहत प्रदेश में निर्यात परक काॅमन फैसीलिटी सेण्टर जैसी परियोजनाओं के विकास हेतु वित्त पोषण किया जाएगा। इसके तहत एस0एल0ई0पी0सी0 द्वारा पूर्व से बास्केट में अनुमोदित 15 परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जाएगा। इनकी कुल अनुमानित परियोजना लागत लगभग 183 करोड़ रुपए है।
योजना के अन्तर्गत कुल परियोजना लागत का 70 प्रतिशत वित्त पोषण राज्य सरकार द्वारा तथा 30 प्रतिशत की धनराशि का विनियोजन एस0पी0वी0 द्वारा किया जाएगा। इसके अलावा, उपयुक्त एवं भार रहित भूमि उपलब्ध कराने का दायित्व एस0पी0वी0 का होगा। परियोजना के तहत स्वीकृत धनराशि अवमुक्त करने के पूर्व क्रियान्वयन इकाई (एस0पी0वी0) व प्रदेश सरकार के प्रतिनिधि के रूप में सम्बन्धित उपायुक्त उद्योग, जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र के मध्य निर्धारित प्रारूप पर एक एम0ओ0यू0 समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया जाएगा। परियोजना की क्रियान्वयन इकाई अशासकीय संस्था होने की दशा में शासन द्वारा सम्बन्धित जनपद के उपायुक्त उद्योग को परियोजना का नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा। परियोजना की स्थापना का कार्य परियोजना की डी0पी0आर0 में निर्धारित समयावधि के अन्तर्गत पूर्ण किया जाएगा, जिसकी अधिकतम अवधि वित्तीय स्वीकृति से दो वर्ष होगी।
उत्तर प्रदेश निर्यात अवस्थापना विकास योजना का क्रियान्वयन सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग द्वारा किया जाएगा तथा इस निमित्त निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो, उत्तर प्रदेश नोडल एजेन्सी होगी। इस योजना के अन्तर्गत परियोजनाओं/क्रियान्वयन इकाइयों के चयन हेतु सामान्यतयः वही प्राविधान अंगीकृत किए गए हैं, जो कि प्रदेश में एसाइड परियोजनाओं हेतु लागू थे।
ज्ञातव्य है कि वित्तीय वर्ष 2015-16 में वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एसाइड योजना डी-लिंक कर दी गयी है। तत्क्रम में पूर्व से निर्माणाधीन परियोजनाओं हेतु एसाइड योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2016-17 में राज्य सरकार द्वारा 80 करोड़ रुपए का बजट का प्राविधान किया गया है, परन्तु राज्य स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति (एस0एल0ई0पी0सी0) द्वारा अनुमोदित बास्केट की अवशेष परियोजनाओं के क्रियान्वयन हेतु बजट नहीं प्राप्त हो पा रहा है।
भारत सरकार की डी-लिंक योजनाओं के सम्बन्ध में यह निर्णय लिया गया कि डी-लिंक योजनाएं तथा अन्य योजनाएं, जिनमें केन्द्र सरकार द्वारा बजट व्यवस्था नहीं की गई है, योजना को राज्य सेक्टर में नयी योजना तथा नये नाम से सक्षम स्तर का अनुमोदन प्राप्त कर अनुपूरक बजट के माध्यम से प्राविधान कराया जाए।
एसाइड योजनान्तर्गत पूर्व से अनुमोदित बास्केट की अवशेष 15 परियोजनाओं को पूर्ण कराने हेतु ‘उत्तर प्रदेश निर्यात अवस्थापना विकास योजना’ नाम से नई योजना प्रारम्भ की जा रही है।
अम्बेडकरनगर की नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा
की सीमा का विस्तार का प्रस्ताव मंजूर
मंत्रिपरिषद ने जनपद अम्बेडकरनगर की नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा की सीमा का विस्तार किए जाने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है। प्रस्तावित विस्तार का उद्देश्य शहरी अवस्थापना सुविधाएं प्रदान किया जाना है। नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा सीमा विस्तार के मानक को पूर्ण करती है, इसलिए इसके विस्तार का निर्णय लिया गया है।
ज्ञातव्य है कि नगर पंचायत अशरफपुर किछौछा में हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रह0 अलैह की दरगाह स्थित है। इस विश्व प्रसिद्ध दरगाह में वर्ष भर काफी अधिक संख्या में जायरीनों/श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है।
गोण्डा के परसपुर बाजार को नगर पंचायत परसपुर बनाने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने जनपद गोण्डा के परसपुर बाजार को नगर पंचायत परसपुर बनाए जाने का निर्णय लिया है। प्रस्तावित नगर पंचायत शासनादेश के अनुसार मानकों का पूर्ण करती है। परसपुर बाजार के अधिकांश भाग में शहरी गुण विद्यमान हैं। इस बाजार से होकर राजमार्ग गुजरता है। परसपुर बाजार के नगर पंचायत बन जाने से जन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
नगर निगम लखनऊ द्वारा पी0पी0पी0 माॅडल के आधार पर
आधुनिक पशुवधशाला के निर्माण सम्बन्धी प्रस्ताव मंजूर
मंत्रिपरिषद ने नगर निगम लखनऊ द्वारा पी0पी0पी0 माॅडल के आधार पर आधुनिक पशुवधशाला के निर्माण किए जाने हेतु परियोजना से सम्बन्धित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। आधुनिक पशुवधशाला की स्थापना का उद्देश्य यह है कि पशुवधशाला से जनित अपशिष्टों का वैज्ञानिक रूप से निस्तारण किया जाए, ताकि इससे पर्यावरण के प्रदूषण की स्थिति उत्पन्न न हो सके। नगर निगम लखनऊ के पास इसके लिए भूमि उपलब्ध है तथा परियोजना की कुल लागत 6330.73 लाख रुपए है। मंत्रिपरिषद ने इस सम्बन्ध में आर0एफ0क्यू0 कम आर0एफ0पी0 डाॅक्यूमेण्ट तथा कन्सेशन एग्रीमेण्ट एवं निविदा दाता के चयन के लिए निर्धारित अर्हता को मंजूरी प्रदान कर दी है।
दादरी एवं औरैया गैस आधारित विद्युत गृहों से सस्ती विद्युत
प्राप्त करने हेतु वैट, एडीशनल वैट तथा इन्ट्री टैक्स माफ करने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार की स्कीम के अनुसार दादरी एवं औरैया गैस आधारित विद्युत गृहों की क्षमता का इस्तेमाल करते हुए सस्ती विद्युत प्राप्त करने हेतु राज्य सरकार द्वारा वैट, एडीशनल वैट तथा इन्ट्री टैक्स माफ करने का निर्णय लिया है।
घाटमपुर तापीय परियोजना के ट्रान्समिशन सिस्टम
के निर्माण सम्बन्धी प्रस्ताव मंजूर
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में स्थापित होने वाले घाटमपुर तापीय परियोजना से ऊर्जा निकासी के लिए आवश्यक पारेषण तंत्र के निर्माण कराए जाने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
मै0 नेयवेली उत्तर प्रदेश पावी लि0 (उ0प्र0 राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि0 एवं मैसर्स निवेली लिग्नाइट लि0 चेन्नई का संयुक्त उपक्रम) द्वारा घाटमपुर, जनपद कानपुर देहात में 3ग660 मेगावाॅट क्षमता की तापीय परियोजना (घाटमपुर तापीय परियोजना) की स्थापना का कार्य सम्पादित करवाया जा रहा है। यह परियोजना भारत सरकार द्वारा इस दिशा में प्रतिपादित नीति के अन्तर्गत ‘वृहद् तापीय परियोजना’ के रूप में, समझौता ज्ञापन माध्यम से स्थापित की जा रही है।
मै0 नेयवेली उत्तर प्रदेश पावी लि0 द्वारा घाटमपुर तापीय परियोजना से ऊर्जा निकासी हेतु टैरिफ बेस्ड काॅम्पटीटिव बिडिंग के आधार पर निर्माण कराया जाएगा।
राज्यपाल सचिवालय के वाहन चालकों को भी
सी0यू0जी0 मोबाइल सिम की सुविधा देने का फैसला
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश सचिवालय के वाहन चालकों की भांति राज्यपाल सचिवालय के वाहन चालकों को भी सी0यू0जी0 प्लान के अन्तर्गत मोबाइल सिम की सुविधा दिये जाने का निर्णय लिया है। राज्यपाल सचिवालय के वाहन चालकों को सी0यू0जी0 प्लान के अन्तर्गत ग्रुप के अन्तर्गत बात करने के लिए निःशुल्क असीमित काॅल तथा ग्रुप के बाहर बात करने के लिए 50 रुपये मात्र प्रतिमाह की धनराशि वित्तीय सीमा के अन्तर्गत टाॅक-वैल्यू प्रदान की जाएगी।
प्रदेश स्किल्स इंस्टीट्यूट की स्थापना ट्रान्स गंगा सिटी उन्नाव
में किये जाने एवं इसके काॅन्सेप्ट नोट को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश स्किल्स इंस्टीट्यूट की स्थापना ट्रान्स गंगा सिटी उन्नाव में किये जाने एवं इसके काॅन्सेप्ट नोट को मंजूरी प्रदान कर दी है।
इसके माध्यम से लघु उद्योग एवं हैण्डीक्राफ्ट के क्षेत्र में कौशल विकास हेतु पाॅलीटेक्निक के सृदृढ़ीकरण एवं संचार तकनीकी आधारित शैक्षिक सेवाओं के निर्यात सम्बन्धी संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण तथा स्वास्थ्य सेक्टर व व्यक्तित्व विकास के कार्याें का संचालन किया जाएगा।
स्किल्स इंस्टीट्यूट के सुचारु रूप से संचालन के लिए बनाये जाने वाले बायलाॅज के अनुमोदन हेतु मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। स्किल्स इंस्टीट्यूट की स्थापना हेतु परियोजना अवधि के लिए निदेशक का एक पद तथा अन्य आवश्यक अपेक्षित पदों का सृजन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कराया जाएगा।
पर्यटक आवास गृहों/इकाइयों को लीज़ एवं डेवलपमेण्ट
एग्रीमेण्ट के जरिए संचालित किए जाने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने पर्यटन विभाग उ0प्र0 तथा राज्य पर्यटन विकास निगम लि0, के पर्यटक आवास गृहों/इकाइयों को लीज़ एवं डेवलपमेण्ट एग्रीमेण्ट तथा मैनेजमेन्ट काॅन्ट्रैक्ट के माध्यम से संचालित एवं विकसित किये जाने का निर्णय लिया है।
इसके अन्तर्गत पर्यटन विभाग/उ0प्र0 राज्य पर्यटन विकास निगम लि0 की 43 आवासीय इकाइयों को लीज़ एग्रीमेण्ट के माध्यम से व्यवस्थित किया जाएगा। 30 वर्षों की लीज़ अवधि के दौरान निविदादाता के सन्तोषजनक प्रदर्शन पर पर्यटन विभाग द्वारा परस्पर सहमति से लीज़ अवधि पुनः 30 वर्षों के लिए बढ़ाई जाएगी।
निविदादाता कम्पनी के निदेशक को अगर विगत तीन वर्षों में पर्यटन का अनुभव है, तो निविदादाता कम्पनी का भी विगत तीन वर्षों का पर्यटन का अनुभव माना जाएगा। परियोजना में निवेश स्वीकृत बिजनेस प्लान के अनुरूप किया जाएगा। प्रथम वर्ष में अनुमानित परियोजना लागत के 50 प्रतिशत का निवेश करना होगा। शेष राशि अगले चार वर्षों में परियोजना में निवेश की जाएगी।
बन्द इकाइयों के लिए कन्सेशन फीस का भुगतान लीज़ अवधि के 18 महीना पूरा होने से या इकाई के व्यावसायिक उपयोग में लाए जाने से, जो भी पहले हो, से प्रारम्भ होगा तथा घाटे में चल रही इकाइयों के लिए कन्सेशन फीस का भुगतान लीज़ अवधि के 6 महीना पूरा होने से या इकाई के व्यावसायिक उपयोग में लाए जाने से, जो भी पहले हो, से प्रारम्भ होगा।
‘विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि’ योजना के
मार्गदर्शी सिद्धान्त में संशोधन सम्बन्धी प्रस्ताव मंजूर
मंत्रिपरिषद ने ‘विधान मण्डल क्षेत्र विकास निधि’ योजना के मार्गदर्शी सिद्धान्त में संशोधन सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। संशोधन के बाद अब प्रत्येक विधान सभा/विधान परिषद क्षेत्र में एक ही रोगी वाहन (एम्बुलेन्स) की सुविधा, रेड क्राॅस सोसाइटी अथवा अन्य प्रतिष्ठित सेवा संस्थानों में से किसी एक को, उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके अलावा, देश के सभी ‘अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान’ (एम्स) तथा सभी ‘पोस्ट ग्रेजुएट चिकित्सा संस्थान’ (पी0जी0आई0), जहां रोगियों को उत्तर प्रदेश के सम्बन्धित चिकित्सालय द्वारा भेजे जाने की संस्तुति की गई हो, में मा0 सदस्य चिकित्सीय सहायता हेतु संस्तुति कर सकते हैं। ऐसे रोगों से पीड़ित व्यक्तियों की पात्रता का परीक्षण सम्बन्धित जनपद के जिलाधिकारी द्वारा अधिकतम 7 दिन की अवधि में अवश्य कर लिया जाएगा।
उ0प्र0 स्टाम्प शुल्क एवं रजिस्ट्रेशन फीस,
ई-भुगतान नियमावली, 2016 को प्रख्यापित किए जाने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश स्टाम्प शुल्क एवं रजिस्ट्रेशन फीस, ई-भुगतान नियमावली, 2016 को प्रख्यापित किए जाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार द्वारा जन सामान्य को अपनी सम्पत्तियों के विक्रय एवं अंतरण आदि पर अधिक से अधिक सुविधा प्रदान किए जाने का प्रयास किया जा रहा है। विगत दो वर्षों में स्टाॅक होल्डिंग कारपोरेशन लि0 के सहयोग से जन सामान्य को स्टाम्प पत्र उपलब्ध कराने हेतु ई-स्टाम्पिंग प्रणाली शुरू की गई है।
इसी कड़ी में वर्तमान में कोषागार में सरकारी प्राप्तियों को आॅनलाइन जमा करने की व्यवस्था बना ली गई है। इसी व्यवस्था के तहत विलेखों के निबन्धन करने के इच्छुक पक्षकार अपने स्टाम्प-शुल्क एवं निबन्धन शुल्क की धनराशि सीधे कोषागार में आॅनलाइन जमा कर सकते हैं। इसके उपरान्त पक्षकारों को अलग से नकद धनराशि से स्टाम्प-पत्रों के क्रय करने की आवश्यकता कम हो जाएगी और जन सामान्य को एक और आसान विकल्प मिल जाएगा तथा साथ ही, नकद धनराशि को ले जाने-आने आदि की समस्या से निजात मिल जाएगी।
उ0प्र0 पी0ए0सी0 द्वारा स्थापित व संचालित कैंटीन को माल के विक्रय या उसके द्वारा माल के क्रय या विक्रय पर कर मुक्ति प्रदान किए जाने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम, 2008 के अन्तर्गत राज्य कर्मचारियों को विक्रय के लिए तात्पर्यित माल पर दी गई वैट की छूट की भांति प्रदेश के पी0ए0सी0 कर्मियों को विक्रय के लिए तात्पर्यित माल के सम्बन्ध में उत्तर प्रदेश पी0ए0सी0 द्वारा स्थापित व संचालित कैंटीन को माल के विक्रय या उसके द्वारा माल के क्रय या विक्रय पर कर मुक्ति प्रदान किए जाने का निर्णय लिया है।
कतिपय महिला ड्राइवरों को ई-रिक्शा मुफ्त प्रदान
किए जाने हेतु योजना की शर्तों में शिथिलीकरण की अनुमति
मंत्रिपरिषद ने मोटर/बैटरी चालित ई-रिक्शा मुफ्त प्रदान किए जाने की योजना के तहत कतिपय महिला ड्राइवरों को ई-रिक्शा मुफ्त प्रदान किए जाने हेतु योजना की शर्तों में शिथिलीकरण की अनुमति प्रदान कर दी है।
इस सम्बन्ध में मार्च, 2016 को मुख्यमंत्री द्वारा 07 महिला ड्राइवरों को मुफ्त ई-रिक्शा वितरण की कार्योत्तर स्वीकृति प्रदान करने के साथ ही अन्य 43 महिलाओं को मुफ्त ई-रिक्शा प्रदान किए जाने के लिए नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम विभाग के मंत्री को अधिकृत किया गया है। इन महिला लाभार्थियों में पारिवारिक हिंसा से पीड़ित, तेजाब के हमले से घायल, निःशक्त तथा बेसहारा गरीब महिलाओं को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। महिला लाभार्थियों का चयन 21 अगस्त, 2015 को जारी शासनादेश के अनुसार जनपद स्तर पर ई-रिक्शा वितरण हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पूर्व में गठित समिति द्वारा किया जाएगा। जनपदों से संस्तुत लाभार्थियों के नामों पर अंतिम निर्णय नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री द्वारा किया जाएगा।
मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेण्ट प्रोग्राम के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा फण्डिंग पैटर्न बदलकर अवमुक्त की जा रही वित्तीय स्वीकृतियों को परिवर्तित
पैटर्न के अनुसार राज्य स्तर से जारी करने की अनुमति
मंत्रिपरिषद ने मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेण्ट प्रोग्राम के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा फण्डिंग पैटर्न बदलकर अवमुक्त की जा रही वित्तीय स्वीकृतियों को परिवर्तित पैटर्न के अनुसार राज्य स्तर से जारी करने की अनुमति प्रदान कर दी है।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश के अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास के लिए तथा उन्हें समाज की मुख्य धारा में सम्मिलित करने हेतु अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा मल्टी सेक्टोरल डेवलपमेण्ट प्रोग्राम वर्तमान में प्रदेश के 48 जनपदों के 144 विकास खण्डों एवं 18 नगरीय क्षेत्रों में संचालित किया जा रहा है। बदले हुए पैटर्न के अनुसार भारत सरकार से प्राप्त केन्द्रांश के सापेक्ष वर्तमान में 4352.10 लाख रुपए का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। भविष्य में भी विस्तृत कार्य योजना प्रेषित करने के उपरान्त उक्त पैटर्न के अनुसार ही भारत सरकार के केन्द्रांश प्राप्त होने की सम्भावना है।
प्रदेश में विद्युत वितरण कम्पनियों के लिए भारत सरकार द्वारा
घोषित वित्तीय पुनर्गठन योजना ‘उदय’ सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में विद्युत वितरण कम्पनियों के लिए भारत सरकार द्वारा घोषित वित्तीय पुनर्गठन योजना ‘उदय’ को लागू करने के सम्बन्ध में यह निर्णय लिया है कि 30 सितम्बर, 2015 को सकल अवशेष ऋण 53935.0618 करोड़ रुपये का 75 प्रतिशत अर्थात 40451.30 करोड़ रुपये के ऋण राज्य सरकार द्वारा बन्ध पत्र के माध्यम से अधिग्रहीत किये जाएंगे। यह धनराशि वित्तीय वर्ष 2015-16 से अगले 2 वर्षाें में 50 प्रतिशत अनुदान, 25 प्रतिशत अंश पूंजी तथा 25 प्रतिशत ब्याज रहित ऋण के रूप में उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लि0 को उपलब्ध करायी जाएगी। ब्याज रहित ऋण के रूप में उपलब्ध करायी जाने वाली धनराशि को वित्तीय वर्ष 2017-18 में अनुदान में परिवर्तित किया जाएगा।
वितरण कम्पनियों के अवशेष ऋण 13483.77 करोड़ रुपये तथा भविष्य में उदय योजनान्तर्गत अनुमन्य सीमा तक की हानियों की प्रतिपूर्ति के लिए एवं दिनांक 31 मार्च, 2015 को केन्द्रीय विद्युत संस्थाओं एवं आई0पी0पी0 के लम्बित दायित्व 6222 करोड़ रुपये के लिए वितरण कम्पनियों द्वारा जारी किये जाने वाले बाॅन्ड अथवा ऋण की ब्याज एवं अन्य समस्त देयों सहित अदायगी के लिए शासकीय गारण्टी दी जाये। उदय योजना के अनुरूप कार्यशील पूंजी के लिए आर0ई0सी0 से मार्च, 2016 में लिये गये 1500 करोड़ रुपये के कार्यशील पूंजी के ऋण के लिए वर्ष 2015-16 के लिए 1500 करोड़ रुपये, तथा वर्ष 2016-17 से 2018-19 तक प्रति वर्ष 3000 करोड़ रुपये के ऋणों की ब्याज एवं अन्य समस्त देयों सहित अदायगी हेतु शासकीय प्रत्याभूति उपलब्ध करायी जाएगी।
इन समस्त शासकीय प्रत्याभूतियों पर गारण्टी शुल्क माफ किया जाएगा।
मोटर यान अधिनियम, 1988 के तहत दण्डनीय अपराधों
के शमन के लिए अधिसूचना को प्रख्यापन को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने मोटर यान अधिनियम, 1988 की धारा-200 के तहत दण्डनीय यातायात अपराधों के शमन के लिए प्रस्तावित अधिसूचना को प्रख्यापित करने का निर्णय लिया है।
प्रस्तावित अधिसूचना में मोटर यान अधिनियम, 1988 के तहत दण्डनीय यातायात अपराधों के शमन के लिए प्राधिकृत अधिकारियों में यातायात पुलिस के मुख्य आरक्षी एवं अपनी नियुक्ति के थाना क्षेत्र की अधिकारिता के भीतर नागरिक पुलिस के उपनिरीक्षक को भी शामिल किया गया है। साथ ही, यातायात अपराधों के शमन के लिए निर्धारित धनराशि में वृद्धि भी की गई है।
ज्ञातव्य है कि दिनांक 29 जून, 2006 की अधिसूचना में दण्डनीय यातायात अपराधों के लिए नागरिक पुलिस/यातायात पुलिस के राजपत्रित अधिकारियों के साथ यातायात पुलिस के निरीक्षक/उप निरीक्षक एवं जिले की अधिकारिता के भीतर नियुक्त समस्त थानेदारों को शमन करने के लिए प्राधिकृत किया गया है। इस अधिसूचना के तहत प्राधिकृत अधिकारियों की व्यस्तता व प्रतिदिन वाहन चेकिंग में पर्याप्त समय न दे पाने के कारण दण्डनीय यातायात अपराधों के शमन हेतु इन प्राधिकृत अधिकारियों के साथ यातायात पुलिस के मुख्य आरक्षी एवं अपनी नियुक्ति के थाना क्षेत्र की अधिकारिता के भीतर नागरिक पुलिस के उप निरीक्षक को भी शमन हेतु प्राधिकृत किया गया है।
साथ ही, दिनांक 29 जून, 2006 को अधिसूचना में विभिन्न यातायात अपराधों के शमन के लिए निर्धारित धनराशि, मोटर यान अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत विनिर्दिष्ट अधिकतम धनराशि से कम होने के कारण शमन हेतु निर्धारित धनराशि को मोटर यान अधिनियम, 1988 की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत विनिर्दिष्ट अधिकतम धनराशि के बराबर किए जाने का निर्णय लिया गया है।
ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र विकास प्राधिकारी
के नाम से एकीकृत कमाण्ड क्षेत्र बनाये जाने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र विकास प्राधिकारी, जिसका मुख्यालय लखनऊ होगा, के नाम से सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश के लिए एक एकीकृत कमाण्ड क्षेत्र बनाये जाने का निर्णय लिया है।
प्रशासकीय/अधिष्ठान/वित्तीय निर्णयों तथा कार्यवाहियों में एकरूपता सुनिश्चित करने तथा समादेशों में कार्यरत कार्मिकों के सेवा सम्बन्धी/जांच सम्बन्धी प्रकरणों के समुचित समन्वय/अनुश्रवण एवं भारत सरकार से सुगमतापूर्वक पत्राचार के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश क्षेत्र विकास अधिनियम, 1976 (उत्तर प्रदेश अधिनियम-51 सन 1976) की धारा-3 की उपधारा (1) के अधीन रामगंगा कमाण्ड क्षेत्र विकास प्राधिकारी के क्षेत्र को सम्मिलित कर शारदा सहायक कमाण्ड क्षेत्र विकास प्राधिकारी के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करते हुए सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश के लिए एक एकीकृत कमाण्ड क्षेत्र-‘ग्रेटर शारदा सहायक समादेश’ क्षेत्र विकास प्राधिकारी बनाया जाएगा।
ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र विकास प्राधिकारी अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों का निर्वहन अधिनियम में किये गये उपबन्धों, राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर पारित नियमों और आदेशों के अनुसार करेंगे।
समादेश मुख्यालय के एकीकरण के बाद शासन स्तर पर सृजित समादेश बन्धु स्वतः विघटित हो जाएगा, जिसकी औपचारिकता तथा समादेश बन्धु में तैनात कुल 11 कार्मिकों के समायोजन की कार्यवाही एकीकरण के तत्काल पश्चात पूरी कर ली जाएगी।
उन्नाव के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गंजमुरादाबाद
के कतिपय भवनों के ध्वस्तीकरण को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने जनपद उन्नाव के विकास खण्ड-गंजमुरादाबाद स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के भवन निर्माण की परिधि में आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गंजमुरादाबाद के कतिपय भवनों के ध्वस्तीकरण को मंजूरी प्रदान कर दी है।
उ0प्र0 विद्युत चिकित्सा अनुरक्षण कोष्ठक अभियन्त्रण सेवा नियमावली, 1983 यथा संशोधित 1991 में द्वितीय संशोधन, 2016 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश विद्युत चिकित्सा अनुरक्षण कोष्ठक अभियन्त्रण सेवा नियमावली, 1983 यथा संशोधित 1991 में द्वितीय संशोधन, 2016 को मंजूरी प्रदान की है।
संशोधन के माध्यम से उ0प्र0 विद्युत चिकित्सा अनुरक्षण कोष्ठक अभियन्त्रण सेवा के तहत अपर निदेशक (विद्युत) व अन्य पदों का प्राविधान किया गया है। अपर निदेशक (विद्युत) के पद पर पदोन्नति हेतु मौलिक रूप से नियुक्त ऐसे संयुक्त निदेशकों (विद्युत) में से, जिन्होंने भर्ती के वर्ष से प्रथम दिवस को इस रूप में 2 वर्ष की सेवा पूर्ण कर ली हो एवं जिन्होंने भर्ती के वर्ष की प्रथम दिवस को उ0प्र0 विद्युत चिकित्सा अनुरक्षण कोष्ठक अभियंत्रक सेवा संवर्ग में 20 वर्ष की सेवा पूर्ण कर हो, चयन समिति के माध्यम से पदोन्नति किये जाने का प्राविधान किया गय है।
सहायक अभियंता विद्युत कोष्ठक के पद पर सीधी भर्ती के लिए शैक्षिक अर्हता के अन्तर्गत किसी अभ्यर्थी के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय/संस्थान से यांत्रिकी/इलेक्ट्राॅनिक्स/विद्युत के साथ-साथ बायोमेडिकल इंजीनियरिंग की उपाधि का भी प्राविधान किया गया है। सहायक अभियंता (विद्युत) के पद पर चयन हेतु प्रदेश के अन्य इंजीनियरिंग विभागों के साथ समानता स्थापित किये जाने हेतु नियम-15 में कार्मिक विभाग की नियमावली ‘उ0प्र0 सहायक अभियंता संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा नियमावली, 2014’ के अनुसार कार्यवाही किये जाने का प्राविधान किया गया है।
सरोजनी नायडू मेडिकल काॅलेज एवं चिकित्सालय आगरा में आॅडिटोरियम बिल्डिंग निर्माण हेतु उच्च विशिष्टियों के प्रयोग को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने सरोजनी नायडू मेडिकल काॅलेज एवं चिकित्सालय आगरा में आॅडिटोरियम बिल्डिंग निर्माण हेतु कतिपय उच्च विशिष्टियों यथा वाॅल, पैनलिंग, फाॅल्स सीलिंग एवं वुडेन फ्लोरिंग के प्रयोग को मंजूरी प्रदान कर दी है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों तथा एम0सी0आई0 के मानकों को पूरा किए जाने के लिए इस बिल्डिंग का निर्माण कराया जा रहा है। इस आॅडिटोरियम के निर्माण से 500 व्यक्तियों को बैठने की सुविधा उपलब्ध होगी। आॅडिटोरियम के निर्माण हेतु उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। आॅडिटोरियम निर्माण परियोजना की लागत कार्य हेतु 945.70 लाख रुपये है।
बाबा राघवदास मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर में 500 शैय्या युक्त बाल रोग चिकित्सा संस्थान के निर्माण हेतु उच्च विशिष्टियों के प्रयोग को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने बाबा राघवदास मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर में 500 शैय्या युक्त बाल रोग चिकित्सा संस्थान के निर्माण हेतु उच्च विशिष्टियों को प्रयुक्त किये जाने को मंजूरी प्रदान कर दी है।
राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के दृष्टिगत पूर्वांचल में मस्तिष्ट ज्वर एण्ट्राइटिस, पीलिया, खूनी पेचिस आदि संक्रामक बाल रोगों के प्रकोप को कम करने, जापानी मस्तिष्क ज्वर पर नियंत्रण रखने एवं पूर्वी क्षेत्र के बाल रोगियों को अच्छी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज, गोरखपुर में 500 शैय्या युक्त बाल रोग संस्थान का निर्माण कराया जा रहा है। इसके निर्माण की कार्यदायी संस्था उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम लि0 होगी। इस योजना पर 29305 लाख रुपये की लागत अनुमोदित की गयी है।
इस परियोजना में स्ट्रक्चरल ग्लेजिंग, एल्युमीनियम कम्पोजिट पैनल, मिनरल फाइबर फाॅल्स सीलिंग, मेटल फाॅल्स सीलिंग, वाॅल पेनलिंग एवं एपाक्सी फ्लोरिंग उच्च विशिष्टियों का प्रयोग किया जाएगा।
सेवानिवृत्ति के दिनांक को सरकारी सेवकों के अवकाश लेखे में जमा अर्जित अवकाश के बदले में धनराशि के नकद भुगतान सम्बन्धी
शासनादेश में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने सेवानिवृत्ति के दिनांक को सरकारी सेवकों के अवकाश लेखे में जमा अर्जित अवकाश के बदले में धनराशि के नकद भुगतान सम्बन्धी शासनादेश संख्या-सा-4-1687/दस-83-200-77 टी0सी0, दिनांक 25 जुलाई, 1983 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है।
इस शासनादेश के प्रस्तर-01 में व्यवस्था है कि राज्य सरकार के अधीन कार्यरत सरकारी सेवक, जो निलम्बनाधीन रहते हुए सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त कर सेवानिवृत्त हो जाता है अथवा जिसके विरुद्ध तत्समय विभागीय कार्यवाही प्रचलित रहती है, के विरुद्ध कार्यवाही की समाप्ति पर सक्षम अधिकारी द्वारा यह अभिधारित करने पर कि उसका निलम्बन पूर्णतया अनुचित था, उसके अवकाश लेखे में जमा धनराशि के समतुल्य धनराशि का भुगतान नियमानुसार किया जा सकता है। इस व्यवस्था का आधार भारत सरकार की दिनांक 07 अक्टूबर, 1981 की अधिसूचना सी0सी0एस0 लीग रूल्स, 1972 के नियम- 39(3) में दिए गए प्राविधान थे। भारत सरकार द्वारा इस अधिसूचना के नियम-39(3) की पूर्व व्यवस्था को संशोधित किया जा चुका है।
इसके मद्देनजर राज्य सरकार द्वारा भी अपने शासनादेश संख्या- सा-4-1687/दस-83-200-77 टी0सी0, दिनांक 25 जुलाई, 1983 में संशोधन का फैसला लेते हुए प्राविधान किया गया है कि ‘अवकाश स्वीकृत करने वाला सक्षम प्राधिकारी उस सरकारी सेवक के खाते में अवशेष अर्जित अवकाश के समतुल्य नकद धनराशि को पूर्ण या आंशिक रूप से रोक सकता है, जो निलम्बनाधीन रहते हुए अथवा अपने विरुद्ध किसी अनुशासनिक कार्यवाही अथवा दाण्डिक कार्यवाही के लम्बित रहते हुए सेवानिवृत्ति की आयु प्राप्त करने पर सेवानिवृत्त हो जाता है, यदि सक्षम प्राधिकारी की दृष्टि में इस प्रकार की कार्यवाहियों की समाप्ति पर सरकारी सेवक से कोई धनराशि वसूलनीय होने की सम्भावना हो। ऐसी कार्यवाहियों की समाप्ति पर सम्बन्धित सेवानिवृत्त सरकारी सेवक इस प्रकार रोकी गयी धनराशि में से सरकारी देय धनराशि के समायोजन के बाद अवशेष धनराशि, यदि कोई हो, का भुगतान पाने का पात्र होगा।’
उ0प्र0 सहकारी चीनी मिल्स संघ लि0 की आसवनी इकाई एवं सहकारी चीनी मिलों की आसवनी इकाइयों में शून्य प्रदूषण करने के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ड संयन्त्रों की स्थापना किये जाने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने उ0प्र0 सहकारी चीनी मिल्स संघ लि0 की आसवनी इकाई अनूपशहर, ननौता तथा मझोला एवं सहकारी चीनी मिलों-सम्पूर्णानगर, कायमगंज, घोसी तथा नानपारा की आसवनी इकाइयों में शून्य प्रदूषण करने के लिए केन्द्रीय प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के निर्देशों के क्रम में जीरो लिक्विड डिस्चार्ड संयन्त्रों की स्थापना किये जाने का निर्णय लिया है।
केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आसवनियों से शून्य लिक्विड डिस्चार्ज की नीति के अन्तर्गत आसवनियों में उत्प्रवाह शून्य करने तथा वायु प्रदूषण मानकों के अनुपालन हेतु उपयुक्त उपकरणों की स्थापना के सम्बन्ध में समयबद्ध कार्यक्रम निर्धारित करते हुए 30 सितम्बर, 2016 तक पूर्ण रूप से सभी निर्देशों के पालन हेतु समय-सीमा निर्धारित की गयी है।
दिनांक 31 मई, 2016 को पब्लिक इन्वेस्टमेण्ट बोर्ड (पी0आई0बी0) की सम्पन्न बैठक में प्रायोजना पर प्रस्तावित लागत 238.95 करोड़ रुपये के सापेक्ष 229.38 करोड़ रुपये की लागत की संस्तुति दी गयी है।
इन आसवनियों में जीरो लिक्विड डिस्चार्ज संयन्त्रों की स्थापना करने के सम्बन्ध में विस्तृत प्रायोजना प्रस्ताव (डी0पी0आर0) राष्ट्रीय सहकारी शक्कर कारखाना संघ नई दिल्ली से तैयार करायी गयी है, जिसकी कुल लागत 238.95 करोड़ रुपये आकलित की गयी है।
भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, लखनऊ
में उच्च विशिष्टियों के निर्माण कार्य का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान, लखनऊ में उच्च विशिष्टियों के निर्माण कार्य का निर्णय लिया है।
व्यय वित्त समिति द्वारा परियोजना के कतिपय उच्च विशिष्टियों यथा स्ट्रक्चरल ग्लेजिंग, विजन ग्लास पैनल, ए0सी0पी0 क्लेडिंग, सेरेमिक ग्लेज वाॅल्स टाइल्स, ग्रेनाइट स्टोन फ्लोरिंग, मार्बल स्टोन एवं फाॅल्स सिलिंग आदि का निर्माण कराया जाएगा।
‘आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे में एडवान्स्ड ट्रैफिक मैनेजमेन्ट सिस्टम’ के लिए परियोजना विकास परामर्शी की अतिरिक्त सेवाएं लेने सम्बन्धी प्रस्ताव मंजूर
मंत्रिपरिषद ने ‘आगरा से लखनऊ प्रवेश नियंत्रित एक्सप्रेस-वे (ग्रीन फील्ड) परियोजना’ के लिए एडवान्स्ड ट्रैफिक मैनेजमेन्ट सिस्टम’ (ए0टी0एम0एस0) के प्राविधान सम्बन्धी कार्य हेतु परियोजना विकास परामर्शी की अतिरिक्त सेवाएं लेने सम्बन्धी प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है।
इसके अनुसार ए0टी0एम0एस0 कार्य हेतु पूर्व चयनित परियोजना विकास परामर्शी मे0 फीडबैक इन्फ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज प्रा0लि0 एवं मे0 रेडिकान (इण्डिया) प्रा0लि0 के कन्सोर्सियम की अतिरिक्त सेवाएं ली जाएंगी एवं परामर्शी को देय अतिरिक्त फीस 15 लाख रुपए का भुगतान वित्तीय वर्ष 2016-17 के प्राविधानित बजट से किया जाएगा।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे के महत्व और गौरव के दृष्टिगत इस लम्बे एक्सप्रेस-वे पर चलने वाले यातायात को सुविधाजनक एवं दुर्घटनारहित बनाने के लिए उस पर नियंत्रण, निर्देशन एवं पर्यवेक्षण आदि स्थापित करने के लिए एक्सप्रेस-वे में ए0टी0एम0एस0 की व्यवस्था की जा रही है।
ए0टी0एम0एस0 में मुख्यतः इमरजेन्सी काॅल बाॅक्सेज (ई0सी0बी0), विभिन्न निर्देशों को डिस्प्ले करने हेतु एल0ई0डी0 स्क्रीन, सी0सी0टी0वी0, एम0ई0टी0 सिस्टम-मौसम की जानकारी हेतु मेट्रोलाॅजिकल डाटा स्टेशन, तापमान सेंसर, वायु की गति व दिशा सेंसर, सड़क का तापमान सेंसर, आद्रता सेंसर, विजिबिलिटी सेंसर एवं डाटा लाॅगर, मोबाइल रेडियो कम्यूनिकेशन सिस्टम, दुर्घटना पीड़ितों को शीघ्र मदद पहुंचाने हेतु एम्बुलेन्सेज का प्राविधान, ट्राॅमा सेण्टर्स, डेडिकेटेड आॅप्टिकल फाइबर केबल सिस्टम एवं एक्सप्रेस-वे की समस्त गतिविधियों की माॅनीटरिंग तथा को-आॅर्डिनेशन हेतु कन्ट्रोल सेण्टर की स्थापना आदि की व्यवस्थाएं शामिल हैं।
उ0प्र0 आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण
नियंत्रण का विनियमन) आदेश, 2016 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण नियंत्रण का विनियमन) आदेश, 2016 को मंजूरी प्रदान कर दी है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के क्रम के अन्तर्गत लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली प्रदेश में दिनांक 1 जून, 1997 से लागू की गयी थी, जिसके अन्तर्गत ए0पी0एल0 (गरीबी रेखा से ऊपर) बी0पी0एल0 (गरीबी रेखा से नीचे) एवं अन्त्योदय (अति निर्धनतम) श्रेणी के लाभार्थी थे।
इस प्रणाली के विनियमित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा ‘उत्तर प्रदेश अनुसूचित वस्तु वितरण आदेश, 2004’ लागू थी। भारत सरकार द्वारा दिनांक 5 जुलाई, 2013 से इस लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के स्थान पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 को प्रख्यापित किया गया, जिसे 1 मार्च, 2016 से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। इस अधिनियम के अन्तर्गत भारत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश राज्य के लिए ग्रामीण क्षेत्र की 79.56 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र की 64.43 प्रतिशत आबादी को आच्छादित किया गया है।
अधिनियम के उपबन्धों के क्रियान्वयन हेतु अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थी के लाभार्थियों का उचित दर की दुकानों के माध्यम से निर्धारित मात्रा में रियायती दर पर समय से खाद्यान्न उपलब्ध कराने एवं सम्भावित अनियमितताओं को रोकने तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ और सुनिश्चित बनाए जाने के उद्देश्य से केन्द्रीय सरकार द्वारा बनाए गए नियमों से संगत नियम बनाए जाने के क्रम में राज्य सरकार की पूर्व प्रचलित कन्ट्रोल आॅर्डर के स्थान पर ‘उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण नियंत्रण का विनियमन) आदेश, 2016’ निर्गत किया जाना प्रस्तावित है।
उ0प्र0 अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम में कार्यरत नियमित पूर्णकालिक कर्मियों की अधिवर्षता आयु 58 वर्ष से 60 वर्ष किए जाने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक वित्तीय एवं विकास निगम में कार्यरत नियमित पूर्णकालिक कर्मियों की अधिवर्षता आयु 58 वर्ष से 60 वर्ष किए जाने का निर्णय लिया है। इस सम्बन्ध में स्पष्ट किया गया है कि निर्णय के फलस्वरूप आने वाले व्यय भार का वहन निगम द्वारा किया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा कोई अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की जाएगी। यह निर्णय शासनादेश निर्गत किए जाने की तिथि से प्रभावी होगा।
अलीगंज, लखनऊ स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में नये विद्युत उपकेन्द्र के निर्माण हेतु मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के
पक्ष में भूमि निःशुल्क अंतरण करने की अनुमति
मंत्रिपरिषद ने जनपद लखनऊ के अलीगंज स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान प्रांगण में एक नये 33 के0वी0 विद्युत उपकेन्द्र के निर्माण हेतु संस्थान की 1200 वर्ग मीटर भूमि मध्यांचल विद्युत वितरण निगम, लखनऊ के पक्ष में निःशुल्क अंतरण करने की अनुमति प्रदान कर दी है।
132 के0वी0 उपकेन्द्र बहजोई जनपद सम्भल के निर्माण हेतु तहसील चंदौसी के ग्राम रम्पुरा की 1.215 हेक्टेयर भूमि उ0प्र0 पावर ट्रांसमिशन काॅर्पोरेशन को 90 वर्ष के लिए निःशुल्क पट्टे पर देने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने जनपद सम्भल की सुचारु एवं सुदृढ़ विद्युत आपूर्ति हेतु 132 के0वी0 उपकेन्द्र बहजोई के निर्माण हेतु तहसील चंदौसी के ग्राम रम्पुरा में चिन्हित की गई 1.215 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क 90 वर्ष के लिए उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन काॅर्पोरेशन को पट्टे पर देने का निर्णय लिया है। गाटा संख्या-212 की यह भूमि राजस्व अभिलेखों में नाॅन जेड-ए श्रेणी के अंतर्गत अन्य कारणों से अकृषकीय भूमि ‘भट्ठा’ के रूप में अंकित है।
सेण्टर आॅफ बायोमेडिकल रिसर्च के नवीन भवन के अंतर्गत (टू एण्ड हाफ) तलों के निर्माण से सम्बन्धित पुनरीक्षित प्रायोजना के प्रस्ताव को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने सेण्टर आॅफ बायोमेडिकल रिसर्च, लखनऊ के नवीन भवन के अंतर्गत (टू एण्ड हाफ) तलों के निर्माण से सम्बन्धित पुनरीक्षित प्रायोजना के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। 832.31 लाख रुपए आंकलित लागत की इस परियोजना के अंतर्गत फाल्स सीलिंग का प्राविधान किया गया है, जो लोक निर्माण विभाग की निर्धारित विशिष्टियों से उच्च है। अतः इस कार्य का अनुमोदन भी मंत्रिपरिषद द्वारा दे दिया गया है।
किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को एस0जी0पी0जी0आई0, लखनऊ के गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के समान
वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं प्रदान करने का निर्णय
मंत्रिपरिषद ने किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ के गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को एस0जी0पी0जी0आई0, लखनऊ के गैर शैक्षणिक कर्मचारियों के समान भर्ती हेतु न्यूनतम शैक्षिक एवं तकनीकी अर्हता/अनुभव, भर्ती की विधि एवं कार्य उत्तरदायित्व रखते हुए एस0जी0पी0जी0आई0 लखनऊ के समान वेतन भत्ते एवं अन्य सुविधाएं प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस क्रम में किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय अधिनियम, 2002 एवं किंग जाॅर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रथम परिनियमावली, 2011 में, लिए गए निर्णय के अनुसार, संशोधन करने की अनुमति भी प्रदान कर दी गई है।
उ0प्र0 प्राविधिक शिक्षा (प्रवेश, परीक्षाओं का संचालन और डिप्लोमा का प्रदान किया जाना) विनियमावली, 1992 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा (प्रवेश, परीक्षाओं का संचालन और डिप्लोमा का प्रदान किया जाना) विनियमावली, 1992 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके साथ ही भविष्य में विनियमावली में आवश्यकतानुसार संशोधन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
विनियमावली में संशोधन के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2016-17 से सेमेस्टर प्रणाली लागू किए जाने एवं पुनर्मूल्यांकन की व्यवस्था स्थापित की गई है, जिसके तहत परीक्षाएं वर्ष में 02 बार संचालित की जाएंगी। सम एवं विषम सेमेस्टर के उपरान्त वर्ष के अंत में कुल अधिकतम 04 विषयों में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों को बैक पेपर के साथ अगली कक्षा में नियमित प्रवेश का अवसर प्राप्त होगा। 04 विषयों से अधिक विषयों में अनुत्तीर्ण परीक्षार्थियों को पुनः उसी कक्षा में नियमित प्रवेश का अवसर प्राप्त होगा, जबकि पुरानी व्यवस्था में अनुत्तीर्ण छात्रों को नियमित छात्र के रूप में प्रवेश की अनुमति नहीं थी।
पाॅलीटेक्निक के छात्रों को पुनर्मूल्यांकन की सुविधा प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस कार्य का पर्यवेक्षण प्राविधिक शिक्षा विभाग उ0प्र0 शासन द्वारा नामित एक शिक्षाविद्, जो पाॅलीटेक्निक के प्रधानाचार्य से नीचे के स्तर का न हो, निदेशक, प्राविधिक शिक्षा एवं सचिव, प्राविधिक शिक्षा परिषद की एक समिति द्वारा किया जाएगा। पुनर्मूल्यांकन में लगाए गए परीक्षक और परीक्षार्थी एक संस्था से नहीं होंगे।