आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए नीति आयोग के निर्देशन में वेबीनार मील का पत्थर सिद्ध होगा मुख्यमंत्री श्री चौहान ने ली तैयारियों की जानकारी

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आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए नीति आयोग के निर्देशन में वेबीनार मील का पत्थर सिद्ध होगा
मुख्यमंत्री चौहान ने ली तैयारियों की जानकारी

भू-अभिलेखों की डिजिटाइजेशन परियोजना के लिए 59 करोड़ 89 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति
मंत्रि-परिषद के निर्णय
“एक मास्क – अनेक जिंदगी” अभियान में 413 बैंक स्थापित
3 लाख 45 हजार से अधिक पथ-विक्रेताओं को प्रमाण-पत्र जारी
रोजगार मामलों के लिये मंत्रि-परिषद् समिति गठित
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अनुश्रवण समिति गठित
डॉ. वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान प्रो. रमानाथ मिश्र और प्रो. विदुला जायसवाल को
संस्कृति मंत्री सुश्री ठाकुर ऑनलाइन करेंगी सम्मानित
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिए बनाए जा रहे रोड मैप की प्रदेश में जो तैयारियाँ की जा रही हैं, उनमें 7 से 11अगस्त तक हो रहे वेबीनार मील का पत्थर सिद्ध होंगे। नीति आयोग के निर्देशन में मध्यप्रदेश में अधोसंरचना, रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, अर्थव्यवस्था और सुशासन के संबंध में विषय विशेषज्ञों, वरिष्ठ अधिकारियों, आर्थिक क्षेत्र के विद्वानों के विचार और सुझाव प्राप्त कर एक रोड मैप बनाने के लिए प्रत्येक वेबीनार में युवाओं को भी जोड़ा जाए। इसके साथ ही कलेक्टर्स कमिश्नर जैसे मैदानी अधिकारी और राजधानी में पदस्थ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, मंत्रीगण अपने अनुभवों से व्यावहारिक सुझाव प्रस्तुत करें। तैयार रोड मैप से आम जनता को अवगत करवाया जाएगा। आगामी तीन वर्ष में रोड मैप का क्रियान्वयन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान चिरायु हास्पिटल से वीडियो कान्फ्रेंस द्वारा मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस और वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान 7 अगस्त को वेबीनार का शुभारंभ करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में क्रियान्वित किए जाने वाले रोड मैप के संबंध में चार दिन आयोजित हो रहे वेबीनार की तैयारियों संबंध में अपर मुख्य सचिव श्री मोहम्मद सुलेमान, श्री एस.एन. मिश्रा, डॉ राजेश राजौरा और श्री आईसीपी केसरी से भी चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अलग-अलग समूह में हो रही चर्चा के लिए निर्धारित बिन्दु, विशेषज्ञों को भागीदारी के लिए आमंत्रण, क्रियान्वयन के लिए रोड मैप तैयार किए जाने के पूर्व आवश्यक विषयों के समावेश के लिए कार्यों को व्यवस्थित रूप से पूर्ण किया जाए। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वेबीनार में चर्चा सारगर्भित हो, लोक सेवा प्रबंधन विभाग की पूर्ण सहभागिता हो और सुशासन संस्थान द्वारा निर्धारित बिन्दुओं के अनुरूप वेबीनार के विभिन्न सत्रों को संपन्न किया जाए।

मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस ने बताया कि वेबीनार की तैयारियाँ लगभग पूर्ण हो गई हैं। आमंत्रित प्रतिनिधियों को विधिवत आमंत्रण भेजने का कार्य किया गया है। नीति आयोग के परामर्श के अनुसार सत्रों के आयोजन की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रयास यह है कि भोपाल और इन्दौर स्थित राष्ट्रीय संस्थानों के प्रतिनिधि भी वेबीनार में शामिल हों। प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री मनीष रस्तोगी ने बताया कि भारतीय प्रबंध संस्थान बेंगलूरु और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों की हिस्सेदारी के प्रयास किए गए हैं।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोड मैप के लिए हो रहे वेबीनार के प्रभारी चार अपर मुख्य सचिवों ने सेक्टर वाइज अब तक किए गए कार्य और प्राप्त सुझावों की संक्षेप में जानकारी दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान की प्राथमिकताओं के साथ ही पूर्व वर्षों में हुए मंथन में प्राप्त सुझाव भी वेबीनार में चर्चा के बिन्दु के रूप में शामिल रहेंगे।

रोजगार मामलों के लिये मंत्रि-परिषद् समिति गठित
राज्य शासन ने रोजगार मामलों के लिये मंत्रि-परिषद् समिति का गठन किया है। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान इस समिति के अध्यक्ष होंगे।

वन विभाग मंत्री श्री विजय शाह, खेल एवं युवा कल्याण, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया, खनिज साधन, श्रम विभाग मंत्री श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह सिसोदिया, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग मंत्री श्री ओमप्रकाश सकलेचा, पर्यटन, संस्कृति, आध्यात्म विभाग मंत्री सुश्री उषा ठाकुर, उच्च शिक्षा विभाग मंत्री डॉ. मोहन यादव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग मंत्री श्री राजवर्धन सिंह प्रेम सिंह दत्तीगाँव, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), विमुक्त, घुमक्कड़ एवं अर्द्ध-घुमक्कड़, जनजाति कल्याण (स्वतंत्र प्रभार) राज्य मंत्री श्री रामखेलावन पटेल तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा नगरीय विकास एवं आवास राज्य मंत्री श्री ओ.पी.एस. भदौरिया समिति के सदस्य होंगे।

मुख्य सचिव इस समिति के सचिव होंगे तथा प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग समिति के समन्वयक होंगे। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग समिति का नोडल विभाग होगा।

3 लाख 45 हजार से अधिक पथ-विक्रेताओं को प्रमाण-पत्र जारी
प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेण्डर्स आत्म-निर्भर निधि (पीएम स्व-निधि) योजना में कुल 8 लाख 7 हजार 330 पथ-विक्रेताओं ने पंजीयन करवाया है। इनमें से 4 लाख 88 हजार आवेदनों का सत्यापन हो चुका है। इनमें से 3 लाख 76 हजार 604 आवेदन स्वीकृत किये जा चुके हैं। अभी तक 3 लाख 45 हजार 995 आवेदकों को परिचय-पत्र तथा वेण्डर प्रमाण-पत्र जारी किये जा चुके हैं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि इस योजना में ऋण स्वीकृति में मध्यप्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इस स्थिति को आगे भी बरकरार रखें।

योजना में नाई, बाँस की डलिया, कबाड़ीवाला, लोहार, पनवाड़ी, मोची, चाय की दुकान, सब्जी-भाजी, फूल विक्रेता, वस्त्र विक्रेता, हाथकरघा, आईसक्रीम पार्लर सहित 35 व्यवसायों को शामिल किया गया है। पथ-विक्रेताओं को 10 हजार रुपये का ब्याजमुक्त लोन दिया जा रहा है।

राज्य शासन द्वारा पथ-विक्रेताओं को बैंकों से अनुबंध के लिये मात्र 50 रुपये की स्टाम्प ड्यूटी तय की गयी है।

“एक मास्क – अनेक जिंदगी” अभियान में 413 बैंक स्थापित
नागरिकों को कोराना संक्रमण से बचाने के उद्देश्य से चलाये जा रहे ‘एक मास्क – अनेक जिंदगी’ अभियान में अभी तक 413 मास्क बैंक स्थापित किये जा चुके हैं। मास्क बैंक स्वयं सेवी संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सहयोग से स्थापित किये गए हैं। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को सफल बनायें। उन्होंने कहा है कि कोरोना संक्रमण से बचने का मास्क सबसे सरल और सस्ता साधन है। श्री सिंह ने कहा है कि जिन निकायों में अभियान धीमे गति से चल रहा है, वहाँ जन-सहयोग से तेजी लायें।

डोनेशन में मिले एक लाख 30 हजार मास्क

अभियान में विभिन्न संस्थाओं एवं नागरिकों द्वारा एक लाख 30 हजार से अधिक मास्क डोनेट किये जा चुके हैं। इनमें से लगभग एक लाख 15 हजार मास्क वितरित किये जा चुके हैं। इंदौर शहर में अकेले 16 हजार मास्क दानदाताओं द्वारा दिये गए। इस अभियन में लगभग 600 स्व-सहायता समूह भाग ले रहे हैं।

इंदौर और उज्जैन संभाग द्वारा बेहतर कार्य किया जा रहा है। अभियान सभी नगरीय निकायों में संचालित है।
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भू-अभिलेखों की डिजिटाइजेशन परियोजना के लिए 59 करोड़ 89 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति
मंत्रि-परिषद के निर्णय
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को मध्यप्रदेश में मंत्रि-परिषद की दूसरी वर्चुअल बैठक हुई। वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में मंत्रीगण ने विभिन्न स्थानों से भागीदारी की।

मंत्रि-परिषद ने भारत सरकार के डिजिटल इण्डिया लैण्ड रिकार्ड मॉडर्नाईजेशन प्रोग्राम के तहत मध्यप्रदेश में भू-अभिलेखों का डिजिटाइजेशन परियोजना क्रियान्वयन के लिए परियोजना की अनुमानित राशि 59 करोड़ 89 लाख रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने का निर्णय लिया। डिजिटाइजेशन के लिये उपलब्ध राशि 25 करोड़ 80 लाख रूपये के अतिरिक्त व्यय की शेष राशि 34 करोड़ 9 लाख रूपये के लिए लोक सेवा प्रबंधन विभाग के द्वारा संचालित ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना में उपलब्ध राशि में से अधिकतम 15 करोड़ रूपये का उपयोग किया जायेगा।

डीआईएलआरएमपी परियोजना के तहत मध्यप्रदेश भू-अभिलेख प्रबंधन समिति के बैंक खाते में राज्यांश की कुल राशि से प्राप्त ब्याज की राशि लगभग 8 करोड़ रूपये का उपयोग किया जायेगा। डीआईएलआरएमपी परियोजना के तहत केन्द्रांश की कुल राशि से प्राप्त ब्याज की राशि लगभग 11 करोड़ 9 लाख रूपये को भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त कर उपयोग किया जायेगा अथवा उपयोग की अनुमति प्राप्त नहीं होने पर उक्त राशि का बजट प्रावधान वित्तीय वर्ष 2022-23 में 5 करोड़ 50 लाख रूपये तथा वर्ष 2023-24 में 5 करोड़ 50 लाख रूपये शामिल कराया जाकर व्यय का भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जायेगा।

दो विभागों के प्रस्तुतिकरण

लोक स्वास्थ एवं परिवार कल्याण और खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने अपनी महत्तवपूर्ण योजनाओं की जानकारी एवं प्रगति से मंत्रि-परिषद को अवगत कराया।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अनुश्रवण समिति गठित
राज्य शासन ने भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार 15वें वित्त आयोग अनुदान राशि का ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तर पर उच्च स्तरीय अनुश्रवण समिति का गठन किया है।

समिति में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सदस्य सचिव होगें। प्रमुख सचिव वित्त, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, आयुक्त मनरेगा, संचालक पंचायत राज संचालनालय, राज्य कार्यक्रम अधिकारी, स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) तथा प्रमुख अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सदस्य होंगे।

डॉ. वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान प्रो. रमानाथ मिश्र और प्रो. विदुला जायसवाल को
संस्कृति मंत्री सुश्री ठाकुर ऑनलाइन करेंगी सम्मानित
राज्य शासन द्वारा डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान 2014-15 प्रसिद्ध पुरातत्वविद एवं इतिहासकार डॉ. रमानाथ मिश्र (लखनऊ) और डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर राष्ट्रीय सम्मान 2015-16 प्रोफेसर विदुला जायसवाल (वाराणसी) को देने का निर्णय लिया गया है। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री सुश्री उषा ठाकुर 6 अगस्त को डॉ. मिश्र को और 7 अगस्त को प्रोफेसर जायसवाल को ऑनलाइन सम्मानित करेंगी। संस्कृति मंत्री की तरफ से यह राष्ट्रीय सम्मान पुरातत्व अधिकारी डॉ. रमेश यादव क्रमश: लखनऊ और वाराणसी में प्रदान करेंगे।

उल्लेखनीय है कि संस्कृति विभाग द्वारा पुरासंपदा के संरक्षण एवं पुरातात्विक संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर की उत्कृष्ट प्रतिभा को सम्मानित और प्रोत्साहित करने के लिये सुप्रसिद्ध पुरातत्वविद डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर की स्मृति में राष्ट्रीय सम्मान स्थापित किया है। पद्मश्री डॉ. वाकणकर ने सन्-1957 में मध्यप्रदेश के विश्व-धरोहर स्मारक समूह भीमबैठका की खोज की थी।

अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त प्रो. रमानाथ मिश्र के पुरातत्व और कला अध्ययन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए यह सम्मान दिया जा रहा है। प्रोफेसर विदुला जायसवाल के पुरातत्व के क्षेत्र में 20 से अधिक ग्रंथ एवं राष्ट्रीय/अन्तर्राष्ट्रीय जर्नल्स में 75 से अधिक प्रकाशित शोध-पत्र तथा पुरापाषाण पुरातत्व, नृ-कला-इतिहास के क्षेत्र में किये गए कार्यों को देखते हुए यह सम्मान दिया जा रहा है।
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